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Noida News: बच्चों ने देहरी पर डाले फूल, शहर में दिखी उत्तराखंड के लोकपर्व फूलदेई की झलक
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बच्चों ने देहरी पर डाले फूल, शहर में दिखी उत्तराखंड के लोकपर्व फूलदेई की झलक
नोएडा में भी उत्तराखंड से जुड़े परिवारों ने अपने बच्चों के साथ इस परंपरा को निभाया
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। उत्तराखंड का पारंपरिक लोकपर्व फूलदेई रविवार को शहर में भी उत्साह के साथ मनाया गया। शहर में रहने वाले उत्तराखंड मूल के परिवारों ने अपनी परंपरा को जीवित रखते हुए इस पर्व को मनाया। इस दौरान छोटे-छोटे बच्चे घर-घर जाकर देहरी पर फूल डालते नजर आए और लोगों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
क्या है फूलदेई का त्यौहार
फूलदेई उत्तराखंड का प्रमुख लोकपर्व है, जिसे मुख्य रूप से बच्चों द्वारा मनाए जाने के कारण लोक बाल पर्व भी कहा जाता है। चैत्र माह की संक्रांति के दिन बच्चे पारंपरिक पोशाक पहनकर टोलियों में घर-घर जाते हैं। वे घरों की देहरी पर बुरांस और प्योंली के फूल डालते हैं और घर के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए लोकगीत गाते हैं। बदले में लोग बच्चों को मिठाई, चावल, उपहार या पैसे देकर आशीर्वाद देते हैं। नोएडा में भी उत्तराखंड से जुड़े परिवारों ने अपने बच्चों के साथ इस परंपरा को निभाया। शहर के कई सेक्टरों में बच्चों की टोलियां सुबह से ही घरों की देहरी पर फूल डालते हुए दिखाई दीं। लोगों ने भी खुशी-खुशी बच्चों को मिठाई और पैसे देकर उनका उत्साह बढ़ाया।
लोक संस्कृति की दिखी झलक
सेक्टर-110 में रहने वाली पांच साल की वैष्णवी अपने तीन साल के भाई रेयांश के साथ अपने सेक्टर के घरों में फूल डालने पहुंची। दोनों ने घरों की देहरी पर फूल रखते हुए लोगों की खुशहाली की कामना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं, सेक्टर-104 में रहने वाले दो साल के वेदांश को फूल डालने के बदले लोगों ने पैसे दिए, जिन्हें पाकर वह काफी खुश नजर आया। इसी तरह ईशानी पंत और बिनीता बहुगुणा ने भी घर-घर जाकर फूल डाले। लोगों ने उन्हें चावल और मिठाई देकर आशीर्वाद दिया। शहर में इस पर्व के जरिए उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।
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नोएडा में भी उत्तराखंड से जुड़े परिवारों ने अपने बच्चों के साथ इस परंपरा को निभाया
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। उत्तराखंड का पारंपरिक लोकपर्व फूलदेई रविवार को शहर में भी उत्साह के साथ मनाया गया। शहर में रहने वाले उत्तराखंड मूल के परिवारों ने अपनी परंपरा को जीवित रखते हुए इस पर्व को मनाया। इस दौरान छोटे-छोटे बच्चे घर-घर जाकर देहरी पर फूल डालते नजर आए और लोगों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
क्या है फूलदेई का त्यौहार
फूलदेई उत्तराखंड का प्रमुख लोकपर्व है, जिसे मुख्य रूप से बच्चों द्वारा मनाए जाने के कारण लोक बाल पर्व भी कहा जाता है। चैत्र माह की संक्रांति के दिन बच्चे पारंपरिक पोशाक पहनकर टोलियों में घर-घर जाते हैं। वे घरों की देहरी पर बुरांस और प्योंली के फूल डालते हैं और घर के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए लोकगीत गाते हैं। बदले में लोग बच्चों को मिठाई, चावल, उपहार या पैसे देकर आशीर्वाद देते हैं। नोएडा में भी उत्तराखंड से जुड़े परिवारों ने अपने बच्चों के साथ इस परंपरा को निभाया। शहर के कई सेक्टरों में बच्चों की टोलियां सुबह से ही घरों की देहरी पर फूल डालते हुए दिखाई दीं। लोगों ने भी खुशी-खुशी बच्चों को मिठाई और पैसे देकर उनका उत्साह बढ़ाया।
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लोक संस्कृति की दिखी झलक
सेक्टर-110 में रहने वाली पांच साल की वैष्णवी अपने तीन साल के भाई रेयांश के साथ अपने सेक्टर के घरों में फूल डालने पहुंची। दोनों ने घरों की देहरी पर फूल रखते हुए लोगों की खुशहाली की कामना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं, सेक्टर-104 में रहने वाले दो साल के वेदांश को फूल डालने के बदले लोगों ने पैसे दिए, जिन्हें पाकर वह काफी खुश नजर आया। इसी तरह ईशानी पंत और बिनीता बहुगुणा ने भी घर-घर जाकर फूल डाले। लोगों ने उन्हें चावल और मिठाई देकर आशीर्वाद दिया। शहर में इस पर्व के जरिए उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।
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