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ग्रेनो के गांवों के बच्चे भी खेलों में लाएंगे मेडल
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ग्रेटर नोएडा। अब खेल सुविधाएं ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों तक ही सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांवों में भी मिलेंगी। प्राधिकरण हर गांव में खेल मैदान बनाने जा रहा है। योजना के पहले चरण के लिए पांच गांव चिह्नित किए गए हैं। बहुत जल्द टेंडर जारी कर काम शुरू करा दिया जाएगा।
प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने हर गांव में खेल के मैदान बनाने के लिए जगह तय करने की जिम्मेदारी नियोजन विभाग को दी थी। विभाग ने पाली, खोदना खुर्द, चुहड़पुर, सैनी व धूममानिकपुर को चिह्नित किया है। यहां खेल मैदान बनाने के लिए डिजाइन भी मंजूर हो गया है। चुनावी अधिसूचना लागू होने से पहले निर्माण शुरू कराने की योजना है। यहां दो बैडमिंटन के कोर्ट, वॉलीबॉल, कबड्डी, कुश्ती, डेढ़ मीटर चौड़ा रेसिंग ट्रैक, ओपन प्ले ग्राउंड आदि खेल सुविधाएं विकसित होंगी। इसके अलावा ओपन जिम भी होगा। पांचों खेल मैदान पर एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च का अनुमान है।
सीईओ ने नियोजन विभाग से कहा है कि जिन गांवों में खाली जगह मिल सके, उसे खेल के मैदान के रूप में तय करें, ताकि वहां खेल सुविधाएं विकसित की जा सकें। इससे गांवों के बच्चों का खेलों के प्रति झुकाव बढ़ेगा। यहां के बच्चे खेलों में जिला, प्रदेश व देश का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे।
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प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने हर गांव में खेल के मैदान बनाने के लिए जगह तय करने की जिम्मेदारी नियोजन विभाग को दी थी। विभाग ने पाली, खोदना खुर्द, चुहड़पुर, सैनी व धूममानिकपुर को चिह्नित किया है। यहां खेल मैदान बनाने के लिए डिजाइन भी मंजूर हो गया है। चुनावी अधिसूचना लागू होने से पहले निर्माण शुरू कराने की योजना है। यहां दो बैडमिंटन के कोर्ट, वॉलीबॉल, कबड्डी, कुश्ती, डेढ़ मीटर चौड़ा रेसिंग ट्रैक, ओपन प्ले ग्राउंड आदि खेल सुविधाएं विकसित होंगी। इसके अलावा ओपन जिम भी होगा। पांचों खेल मैदान पर एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च का अनुमान है।
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सीईओ ने नियोजन विभाग से कहा है कि जिन गांवों में खाली जगह मिल सके, उसे खेल के मैदान के रूप में तय करें, ताकि वहां खेल सुविधाएं विकसित की जा सकें। इससे गांवों के बच्चों का खेलों के प्रति झुकाव बढ़ेगा। यहां के बच्चे खेलों में जिला, प्रदेश व देश का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे।
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