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चेकिंग से बढ़ गई दिल्ली जाने वालों की परेशानी
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चेकिंग से बढ़ गई दिल्ली जाने वालों की परेशानी
नोएडा। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली में हंगामा चल रहा है और इसका असर शहर की सड़कों पर भी पड़ रहा है। आंदोलनकारियों की भीड़ बृहस्पतिवार सुबह राजधानी की सड़कों पर उतरी तो दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट जारी कर सीमा सील कर दी। ऐसे में कालिंदी कुंज का रास्ता बंद होने से जाम से जूझ रहे लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई। दिल्ली-नोएडा लिंक रोड पर चिल्ला कट से एक्सप्रेसवे तक कई किलोमीटर लंबा जाम लोगों को झेलना पड़ा। पीक टाइम में डीएनडी फ्लाईवे पर भी चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
दिल्ली पुलिस की तरफ से बृहस्पतिवार शाम नोएडा ट्रैफिक पुलिस को अलर्ट जारी कर शुक्रवार को भी रास्ता बंद रखने के लिए कहा गया है। वहीं, कालिंदी कुंज के रास्ते दिल्ली में वाहनों का प्रवेश पांचवें दिन भी बंद रहा। हालांकि, इस रास्ते का प्रयोग करने वाले अधिकांश लोगों ने मेट्रो या फिर दुपहिया का विकल्प अपनाना शुरू कर दिया है। लेकिन, उनकी परेशानी उस समय बढ़ गई, जब जामिया पर चल रहा आंदोलन दिल्ली में जगह-जगह फैल गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने सीमाएं सील कर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी। इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली-नोएडा बॉर्डर स्थित चिल्ला कट और झुंडपुरा पर देखने को मिला। चेकिंग के बाद ही वाहनों को दिल्ली में प्रवेश दिया गया। इससे एक्सप्रेसवे, फिल्म सिटी फ्लाईओवर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहर तक यहां वाहनों की रफ्तार थमी रही। इसके बाद शाम को पीक टाइम में फिर से लंबा जाम लग गया। वहीं, दिल्ली का बवाल अब उत्तर प्रदेश सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में फैलने लगा है। ऐसे में खुफिया एजेंसी भी अलर्ट हो गई हैं। पुलिस और प्रशासन सहित एलआईयू भी संदिग्धों पर नजर रखे हुए हैं। शहर में भी जगह-जगह बैरिकेडिंग कर वाहनों की चेकिंग की जा रही है।
एमएनसी भी अलर्ट, कर्मचारियों को हिदायत
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में फैल रही हिंसा को देखते हुए मल्टी नेशनल कंपनियां (एमएनसी) भी अलर्ट हो गई हैं। नोएडा और गुरुग्राम की कई कंपनियों ने कर्मचारियों को घर पर ही रहकर काम करने (वर्क टू होम) की सलाह दी है। ऐसा इसलिए भी किया गया है क्योंकि दिल्ली के रास्ते बंद होने की वजह से नोएडा-गुरुग्राम के बीच की कनेक्टिविटी कट सी गई है। कर्मचारियों को दफ्तर पहुंचने में देरी हो रही है या फिर छुट्टी लेनी पड़ रही है। वहीं, कंपनियों की तरफ से सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चा और विरोध-प्रदर्शनों से कर्मचारियों को दूरी बनाए रखने की भी हिदायत दी गई है, क्योंकि बढ़ते हंगामे के बीच किसी भी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई संवेदनशील या भड़काऊ पोस्ट माहौल को खराब कर सकती है। कई कंपनियों ने नोएडा और गुरुग्राम में काम करने वाले कर्मचारियों को ई-मेल भेजकर एक दिन पहले ही घर से काम करने की सलाह दी है।
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कार छोड़ दुपहिया का लिया सहारा
नोएडा से सटे दिल्ली के मदनपुर खादर, जैतपुर, मीठापुर, जसोला, सरिता विहार आदि के नौकरीपेशा लोगों ने लंबे जाम से बचने के लिए कार छोड़कर दुपहिया का विकल्प अपनाना शुरू कर दिया है। दरअसल, इन इलाकों से हजारों की संख्या में लोग कालिंदी कुंज के रास्ते नोएडा में नौकरी के लिए आते हैं। ट्रैफिक पुलिस कार वालों को कालिंदी कुंज की तरफ नहीं जाने दे रही है, लेकिन दुपहिया वाहन चालकों को नहीं रोका जा रहा है। ऐसे में कार छोड़कर लोग दुपहिया का सहारा ले रहे हैं।
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नोएडा। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली में हंगामा चल रहा है और इसका असर शहर की सड़कों पर भी पड़ रहा है। आंदोलनकारियों की भीड़ बृहस्पतिवार सुबह राजधानी की सड़कों पर उतरी तो दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट जारी कर सीमा सील कर दी। ऐसे में कालिंदी कुंज का रास्ता बंद होने से जाम से जूझ रहे लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई। दिल्ली-नोएडा लिंक रोड पर चिल्ला कट से एक्सप्रेसवे तक कई किलोमीटर लंबा जाम लोगों को झेलना पड़ा। पीक टाइम में डीएनडी फ्लाईवे पर भी चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
दिल्ली पुलिस की तरफ से बृहस्पतिवार शाम नोएडा ट्रैफिक पुलिस को अलर्ट जारी कर शुक्रवार को भी रास्ता बंद रखने के लिए कहा गया है। वहीं, कालिंदी कुंज के रास्ते दिल्ली में वाहनों का प्रवेश पांचवें दिन भी बंद रहा। हालांकि, इस रास्ते का प्रयोग करने वाले अधिकांश लोगों ने मेट्रो या फिर दुपहिया का विकल्प अपनाना शुरू कर दिया है। लेकिन, उनकी परेशानी उस समय बढ़ गई, जब जामिया पर चल रहा आंदोलन दिल्ली में जगह-जगह फैल गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने सीमाएं सील कर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी। इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली-नोएडा बॉर्डर स्थित चिल्ला कट और झुंडपुरा पर देखने को मिला। चेकिंग के बाद ही वाहनों को दिल्ली में प्रवेश दिया गया। इससे एक्सप्रेसवे, फिल्म सिटी फ्लाईओवर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहर तक यहां वाहनों की रफ्तार थमी रही। इसके बाद शाम को पीक टाइम में फिर से लंबा जाम लग गया। वहीं, दिल्ली का बवाल अब उत्तर प्रदेश सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में फैलने लगा है। ऐसे में खुफिया एजेंसी भी अलर्ट हो गई हैं। पुलिस और प्रशासन सहित एलआईयू भी संदिग्धों पर नजर रखे हुए हैं। शहर में भी जगह-जगह बैरिकेडिंग कर वाहनों की चेकिंग की जा रही है।
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एमएनसी भी अलर्ट, कर्मचारियों को हिदायत
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में फैल रही हिंसा को देखते हुए मल्टी नेशनल कंपनियां (एमएनसी) भी अलर्ट हो गई हैं। नोएडा और गुरुग्राम की कई कंपनियों ने कर्मचारियों को घर पर ही रहकर काम करने (वर्क टू होम) की सलाह दी है। ऐसा इसलिए भी किया गया है क्योंकि दिल्ली के रास्ते बंद होने की वजह से नोएडा-गुरुग्राम के बीच की कनेक्टिविटी कट सी गई है। कर्मचारियों को दफ्तर पहुंचने में देरी हो रही है या फिर छुट्टी लेनी पड़ रही है। वहीं, कंपनियों की तरफ से सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चा और विरोध-प्रदर्शनों से कर्मचारियों को दूरी बनाए रखने की भी हिदायत दी गई है, क्योंकि बढ़ते हंगामे के बीच किसी भी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई संवेदनशील या भड़काऊ पोस्ट माहौल को खराब कर सकती है। कई कंपनियों ने नोएडा और गुरुग्राम में काम करने वाले कर्मचारियों को ई-मेल भेजकर एक दिन पहले ही घर से काम करने की सलाह दी है।
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कार छोड़ दुपहिया का लिया सहारा
नोएडा से सटे दिल्ली के मदनपुर खादर, जैतपुर, मीठापुर, जसोला, सरिता विहार आदि के नौकरीपेशा लोगों ने लंबे जाम से बचने के लिए कार छोड़कर दुपहिया का विकल्प अपनाना शुरू कर दिया है। दरअसल, इन इलाकों से हजारों की संख्या में लोग कालिंदी कुंज के रास्ते नोएडा में नौकरी के लिए आते हैं। ट्रैफिक पुलिस कार वालों को कालिंदी कुंज की तरफ नहीं जाने दे रही है, लेकिन दुपहिया वाहन चालकों को नहीं रोका जा रहा है। ऐसे में कार छोड़कर लोग दुपहिया का सहारा ले रहे हैं।