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यूपीटीईटी पेपर लीक केस में तीन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश सहायक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2021 (यूपीटीईटी) पेपर लीक केस के तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। पुलिस ने पूर्व सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय और प्रश्नपत्र मुद्रण करने वाली कंपनी के निदेशक राय अनूप प्रसाद, और कंप्यूटर लैब संचालक बलराम राठी उर्फ बबलू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है, जबकि व्यापम घोटाले के आरोपी रहे एवं पेपर लीक केस में लखनऊ से गिरफ्तार संतोष चौरसिया को पुलिस कौशांबी जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। इसके बाद उसके खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
बता दें कि यूपीटीईटी पेपर लीक केस में एसटीएफ ने प्रश्न पत्र मुद्रण करने वाली कंपनी आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद को 29 नवंबर और पूर्व सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (प्रयागराज) संजय उपाध्याय को 1 दिसंबर को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में सूरजपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद एसटीएफ ने इस मामले में अन्य गिरफ्तारियां की थीं। इसी कड़ी में 15 दिसंबर को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के आलम बाग से संतोष चौरसिया को गिरफ्तार किया था, उसके खिलाफ कौशांबी में केस दर्ज किया गया था। संतोष ने एसटीएफ को बताया था कि बांदा निवासी एक परिचित के जरिये उसकी मुलाकात अन्य आरोपियों से हुई थी। वहीं, 11 फरवरी को एसटीएफ ने सूरजपुर क्षेत्र से मुजफ्फरनगर निवासी बलराम राठी उर्फ बलराम को गिरफ्तार किया था। बलराम पर पेपर लीक केस में नाम आने के बाद 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
पेपर लीक के बाद बलराम के जरिये शुरू हुआ खेल
बलराम हरिद्वार में 250 कंप्यूटरों की लैब चलाता था। बलराम अभ्यर्थियों व अन्य प्रतियोगी परीक्षा पास कराने वाले केंद्रों के संचालकों से जुड़ा था। जांच अधिकारी पेपर लीक करने में संजय उपाध्याय, राय अनूप प्रसाद की मुख्य भूमिका मान रहे है। वहीं, लीक किए गए पेपर का जगह-जगह सौदा करने में संतोष चौरसिया व बलराम की भूमिका रही है।
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यूपीटीईटी पेपर लीक केस के तीन मुख्यारोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। संतोष चौरसिया को जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद उसके खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
- इलामारन जी, एडीसीपी सेंट्रल नोएडा
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बता दें कि यूपीटीईटी पेपर लीक केस में एसटीएफ ने प्रश्न पत्र मुद्रण करने वाली कंपनी आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद को 29 नवंबर और पूर्व सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (प्रयागराज) संजय उपाध्याय को 1 दिसंबर को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में सूरजपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद एसटीएफ ने इस मामले में अन्य गिरफ्तारियां की थीं। इसी कड़ी में 15 दिसंबर को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के आलम बाग से संतोष चौरसिया को गिरफ्तार किया था, उसके खिलाफ कौशांबी में केस दर्ज किया गया था। संतोष ने एसटीएफ को बताया था कि बांदा निवासी एक परिचित के जरिये उसकी मुलाकात अन्य आरोपियों से हुई थी। वहीं, 11 फरवरी को एसटीएफ ने सूरजपुर क्षेत्र से मुजफ्फरनगर निवासी बलराम राठी उर्फ बलराम को गिरफ्तार किया था। बलराम पर पेपर लीक केस में नाम आने के बाद 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
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पेपर लीक के बाद बलराम के जरिये शुरू हुआ खेल
बलराम हरिद्वार में 250 कंप्यूटरों की लैब चलाता था। बलराम अभ्यर्थियों व अन्य प्रतियोगी परीक्षा पास कराने वाले केंद्रों के संचालकों से जुड़ा था। जांच अधिकारी पेपर लीक करने में संजय उपाध्याय, राय अनूप प्रसाद की मुख्य भूमिका मान रहे है। वहीं, लीक किए गए पेपर का जगह-जगह सौदा करने में संतोष चौरसिया व बलराम की भूमिका रही है।
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यूपीटीईटी पेपर लीक केस के तीन मुख्यारोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। संतोष चौरसिया को जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद उसके खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
- इलामारन जी, एडीसीपी सेंट्रल नोएडा