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Noida News: दस दिन में दाखिल होगा आरोप पत्र, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस
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- 100 पुलिसकर्मी जुटे थे तलाश में, शव पहुंचने पर हर आंख हुई नम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वैभव का शव मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने दस दिन में जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल करने का दावा किया है। अहम है कि केस में परिजन ने अन्य किसी पर आरोप लगाकर लिखित शिकायत नहीं दी है। वैभव का शव तलाशने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मी एनडीआर की टीम जुटी थीं। पुलिस ने लगभग 300 किमी तक गंग नहर में शव की तलाश की गई। शव पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही कस्बे में पहुंचा। परिजन का रोकर बुरा हाल हो गया और हर शख्स की आंख नम हो गई।
वैभव का शव मिलने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं। 12 दिन बाद भी शव पानी में रहने के बावजूद नहीं फूलने की बात पोस्ट की गई है। इस बाबत एसीपी ने बताया कि शव का वजन लगभग 150 किलो से अधिक था। वैभव की जैकेट में रेत भर गई थी। ठंड और ठंडे पानी में नीचे शव पड़ा होने के कारण अधिक नहीं फूला था। लेकिन शव काफी गल चुका था। वैभव के सिर पर चोट के निशान थे। हालांकि आरोपियों ने गला दबाकर हत्या की बात कबूल की थी। पुलिस का कहना है कि सिर में चोट नहर में फेंकते समय या फिर किसी पत्थर आदि से टकराकर लग सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा।
तीन कंपनियों का वितरक था वैभव
वैभव के पिता अरुज सिंघल ने बताया कि उनका बेटा तीन कंपनियों का वितरक था। इन कंपनियों का सामान आपूर्ति करने के अलावा भुगतान आदि लाने व करने की पूरी जिम्मेदारी वैभव ने संभाल रखी थी। कस्बे में शव पहुंचने पर सांसद डॉ. महेश शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजन को ढांढस बंधाया।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वैभव का शव मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने दस दिन में जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल करने का दावा किया है। अहम है कि केस में परिजन ने अन्य किसी पर आरोप लगाकर लिखित शिकायत नहीं दी है। वैभव का शव तलाशने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मी एनडीआर की टीम जुटी थीं। पुलिस ने लगभग 300 किमी तक गंग नहर में शव की तलाश की गई। शव पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही कस्बे में पहुंचा। परिजन का रोकर बुरा हाल हो गया और हर शख्स की आंख नम हो गई।
वैभव का शव मिलने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं। 12 दिन बाद भी शव पानी में रहने के बावजूद नहीं फूलने की बात पोस्ट की गई है। इस बाबत एसीपी ने बताया कि शव का वजन लगभग 150 किलो से अधिक था। वैभव की जैकेट में रेत भर गई थी। ठंड और ठंडे पानी में नीचे शव पड़ा होने के कारण अधिक नहीं फूला था। लेकिन शव काफी गल चुका था। वैभव के सिर पर चोट के निशान थे। हालांकि आरोपियों ने गला दबाकर हत्या की बात कबूल की थी। पुलिस का कहना है कि सिर में चोट नहर में फेंकते समय या फिर किसी पत्थर आदि से टकराकर लग सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा।
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तीन कंपनियों का वितरक था वैभव
वैभव के पिता अरुज सिंघल ने बताया कि उनका बेटा तीन कंपनियों का वितरक था। इन कंपनियों का सामान आपूर्ति करने के अलावा भुगतान आदि लाने व करने की पूरी जिम्मेदारी वैभव ने संभाल रखी थी। कस्बे में शव पहुंचने पर सांसद डॉ. महेश शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजन को ढांढस बंधाया।
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