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Noida News: जिलाध्यक्ष के खिलाफ चेयरमैन ने 5.5 घंटे तक दिया धरना
Sat, 04 Oct 2025 12:16 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sat, 04 Oct 2025 12:16 AM IST
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राजेसुल्तानपुर में धरना प्रदर्शन करते नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद प्रजापति व साथ में मौजूद समर्थक
अंबेडकरनगर। भाजपा के जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी और राजेसुल्तानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद प्रजापति के बीच टकराव अब सड़क से लेकर प्रशासनिक गलियारे तक पहुंच गया है। शुक्रवार को नगर पंचायत अध्यक्ष ने भाजपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए वसुधा सिंह स्मारक के सामने साढ़े पांच घंटे तक धरना दिया।
चेयरमैन ने आरोप लगाया कि दफ्तर में कुर्सी से हटाकर बाहर भेजा गया और अभद्रता की गई। हाथों में पोस्टर, नारों से गूंजता परिसर और चेयरमैन ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की सरकार है, किसी संगठन विशेष की नहीं। मेरे साथ कार्यालय में जो हुआ, वह जनप्रतिनिधि का नहीं, एक आम नागरिक का भी अपमान है। वहीं धरने की सूचना मिलते ही भाजपा पदाधिकारी डीएम कार्यालय पहुंच गए। जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी के समर्थन में पार्टी नेताओं ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि चेयरमैन भ्रष्टाचार की जांच से घबराकर सोशल मीडिया और मंचों से अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। आरोप निराधार हैं, कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
एसडीएम मनाने पहुंचे, जांच टीम गठित
टकराव बढ़ता देख डीएम अनुपम शुक्ला ने एडीएम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह व एसडीएम डॉ. शशिशेखर की जांच समिति गठित कर दी है। इसके बाद डीएम के निर्देश पर एसडीएम सुभाष सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर चेयरमैन को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, तब जाकर चेयरमैन धरने से उठे। इस बीच चेयरमैन ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो फिर से धरना दिया जाएगा।
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ये है विवाद का पूरा प्रकरण
इससे पहले मंगलवार को नगर पंचायत के 10 सभासदों ने अध्यक्ष व ईओ लक्ष्मी चौरसिया पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। आरोपों में कहा गया कि टेंडरों में 30 से 40% कमीशन लिया जा रहा है। कागजों में फर्जी सफाईकर्मी दिखाकर भुगतान उठाया जा रहा है। नगर क्षेत्र में सफाई कर्मचारी बेहद कम हैं, फिर भी पूरा बजट खर्च हो रहा है। मामले में डीएम के निर्देश पर एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह जांच के लिए जब नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे, तो भाजपा जिलाध्यक्ष भी मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान, चेयरमैन ने जिलाध्यक्ष पर कुर्सी छीनने और कार्यालय से बाहर निकालने का आरोप लगाया।
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चेयरमैन ने आरोप लगाया कि दफ्तर में कुर्सी से हटाकर बाहर भेजा गया और अभद्रता की गई। हाथों में पोस्टर, नारों से गूंजता परिसर और चेयरमैन ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की सरकार है, किसी संगठन विशेष की नहीं। मेरे साथ कार्यालय में जो हुआ, वह जनप्रतिनिधि का नहीं, एक आम नागरिक का भी अपमान है। वहीं धरने की सूचना मिलते ही भाजपा पदाधिकारी डीएम कार्यालय पहुंच गए। जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी के समर्थन में पार्टी नेताओं ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि चेयरमैन भ्रष्टाचार की जांच से घबराकर सोशल मीडिया और मंचों से अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। आरोप निराधार हैं, कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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एसडीएम मनाने पहुंचे, जांच टीम गठित
टकराव बढ़ता देख डीएम अनुपम शुक्ला ने एडीएम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह व एसडीएम डॉ. शशिशेखर की जांच समिति गठित कर दी है। इसके बाद डीएम के निर्देश पर एसडीएम सुभाष सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर चेयरमैन को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, तब जाकर चेयरमैन धरने से उठे। इस बीच चेयरमैन ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो फिर से धरना दिया जाएगा।
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ये है विवाद का पूरा प्रकरण
इससे पहले मंगलवार को नगर पंचायत के 10 सभासदों ने अध्यक्ष व ईओ लक्ष्मी चौरसिया पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। आरोपों में कहा गया कि टेंडरों में 30 से 40% कमीशन लिया जा रहा है। कागजों में फर्जी सफाईकर्मी दिखाकर भुगतान उठाया जा रहा है। नगर क्षेत्र में सफाई कर्मचारी बेहद कम हैं, फिर भी पूरा बजट खर्च हो रहा है। मामले में डीएम के निर्देश पर एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह जांच के लिए जब नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे, तो भाजपा जिलाध्यक्ष भी मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान, चेयरमैन ने जिलाध्यक्ष पर कुर्सी छीनने और कार्यालय से बाहर निकालने का आरोप लगाया।