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ग्रीन बेल्ट पर कब्जा नहीं होने का देना होगा प्रमाणपत्र
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नोएडा। अब शहर की सभी ग्रीन बेल्ट में कब्जा नहीं होने का प्रमाणपत्र उद्यान विभाग के अधिकारियों को देना होगा। इस बाबत उद्यान विभाग के उप निदेशकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में जांच का दायरा आगे बढ़ेगा और पूरे शहर की ग्रीन बेल्ट की जांच होगी।
दरअसल, सेक्टर-93ए एमराल्ड कोर्ट में 7 हजार वर्गमीटर जमीन पर कब्जे की बात सामने आई थी। इस पर शासन ने संज्ञान लेते हुए 15 दिन में कब्जा मुक्त कराने का आदेश दिया था। प्राधिकरण ने जमीन की फेंसिंग कराकर सभी 195 ग्रीन बेल्ट की जांच के आदेश दिए थे। यह ग्रीन बेल्ट शहर की सोसाइटियों, वाणिज्यिक संस्थानों सहित अन्य क्षेत्रों के आसपास हैं। संभावना है कि इनमें भी कई स्थानों पर कब्जा मिलेगा।
इससे पहले उच्चाधिकारियों ने नियोजन विभाग से शहर के सभी 168 सेक्टरों का नक्शा मांग लिया है। इसमें निर्माण के अलावा ग्रीन बेल्ट का जिक्र है। वर्क सर्किल इनकी जांच करेगा। हालांकि, पहले चरण में उद्यान विभाग के उप निदेशकों को इसका जिम्मा दिया गया है कि वह अपने स्तर पर जांच कराएं। जहां भी कब्जा मिलेगा, वहां वर्क सर्किल से दोबारा जांच कराई जाएगी, ताकि पूरा पुख्ता मामला सामने आ पाए।
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कब्जा खाली कराकर प्राधिकरण लगाएगा जुर्माना
सूत्रों के मुताबिक कई ग्रीन बेल्ट पर पहले से ही कब्जा है। ऐसे में संबंधित को नोटिस देकर ग्रीन बेल्ट को कब्जा मुक्त कराने का अभियान छेड़ा जाएगा। कब्जा करने वालों पर प्राधिकरण जुर्माना भी लगाएगा। प्राधिकरण की 195 ग्रीन बेल्ट 1390 एकड़ में फैली हैं। इनमें शहर की 171 सड़कों पर प्राधिकरण ने पथ वृक्षारोपण कराया है, जो लंबाई में कुल 796 किलोमीटर है। पार्कों की कुल संख्या 728 है।
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दरअसल, सेक्टर-93ए एमराल्ड कोर्ट में 7 हजार वर्गमीटर जमीन पर कब्जे की बात सामने आई थी। इस पर शासन ने संज्ञान लेते हुए 15 दिन में कब्जा मुक्त कराने का आदेश दिया था। प्राधिकरण ने जमीन की फेंसिंग कराकर सभी 195 ग्रीन बेल्ट की जांच के आदेश दिए थे। यह ग्रीन बेल्ट शहर की सोसाइटियों, वाणिज्यिक संस्थानों सहित अन्य क्षेत्रों के आसपास हैं। संभावना है कि इनमें भी कई स्थानों पर कब्जा मिलेगा।
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इससे पहले उच्चाधिकारियों ने नियोजन विभाग से शहर के सभी 168 सेक्टरों का नक्शा मांग लिया है। इसमें निर्माण के अलावा ग्रीन बेल्ट का जिक्र है। वर्क सर्किल इनकी जांच करेगा। हालांकि, पहले चरण में उद्यान विभाग के उप निदेशकों को इसका जिम्मा दिया गया है कि वह अपने स्तर पर जांच कराएं। जहां भी कब्जा मिलेगा, वहां वर्क सर्किल से दोबारा जांच कराई जाएगी, ताकि पूरा पुख्ता मामला सामने आ पाए।
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कब्जा खाली कराकर प्राधिकरण लगाएगा जुर्माना
सूत्रों के मुताबिक कई ग्रीन बेल्ट पर पहले से ही कब्जा है। ऐसे में संबंधित को नोटिस देकर ग्रीन बेल्ट को कब्जा मुक्त कराने का अभियान छेड़ा जाएगा। कब्जा करने वालों पर प्राधिकरण जुर्माना भी लगाएगा। प्राधिकरण की 195 ग्रीन बेल्ट 1390 एकड़ में फैली हैं। इनमें शहर की 171 सड़कों पर प्राधिकरण ने पथ वृक्षारोपण कराया है, जो लंबाई में कुल 796 किलोमीटर है। पार्कों की कुल संख्या 728 है।