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Noida News: सीबीआई ने जांच में कदम-कदम पर बरती लापरवाही

Wed, 18 Oct 2023 01:41 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 18 Oct 2023 01:41 AM IST
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CBI showed negligence at every step in the investigation
सीबीआई ने जांच में कदम-कदम पर बरती लापरवाही
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जांच एजेंसी ने बेसिक जांच में की लापरवाही, डी-5 कोठी में हत्या होने का कोई सबूत भी नहीं मिला

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। निठारी कांड के मामले में घटना के खुलासे के करीब 12 दिन बाद सीबीआई ने जांच शुरू कर दी लेकिन हर कदम पर लापरवाही बरती गई। सीबीआई डी-5 कोठी के अंदर किसी हत्या होने के सबूत से लेकर सुरेंद्र कोली के इंसानी मांस खाने जैसे आरोप का कोई सबूत कोर्ट में पेश नहीं कर सकी और न ही इस मामले की जांच मानव अंगों के तस्करी से जोड़कर की। इसके बाद ही हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को राहत दे दी और सीबीआई को ही कठघरे में खड़ा कर दिया।
दरअसल 29 दिसंबर 2006 को निठारी कांड का खुलासा नोएडा पुलिस ने किया था। इसके कुछ दिन के बाद ही मामले की जांच सीबीआई के पास चली गई। कोर्ट ने फैसले में यह कहा कि इसका कोई सबूत कभी नहीं दिया गया कि कोई हत्या कोठी डी-5 के अंदर हुई है। अगर वहां कई हत्याएं होती तो घर के अंदर या किसी न किसी सामान पर खून के धब्बे जरूर होते, यानी सीबीआई ने खून के नमूने लेने में भी लापरवाही की या वहां हत्या हुई ही नहीं।
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इसी तरह कोली पर आरोप था कि वह इंसानी मांस खाता था। इस पर भी सीबीआई को इंसानी मांस के अवशेष पाए जाने के न सैंपल मिले नहीं कोई सबूत। साथ ही जांच एजेंसियों की तरफ से जिस सफाई करने वाले कपड़े से गला घोंटकर हत्या करने का दावा किया गया था, वह कपड़ा भी कोठी नंबर डी-5 से नहीं मिला। सीबीआई ने लापरवाही की हद तब कर दी जब महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने निठारी कांड को लेकर मानव अंगों के व्यापार होने के एंगल से जांच करने की सिफारिश की थी लेकिन एजेंसी इस तरह की जांच करने में पूरी तरह से विफल रही, हालांकि अभी इस मामले में सीबीआई के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता बचा हुआ है।
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वैज्ञानिक साक्ष्यों पर काम करने का किया था दावा

सीबीआई की टीम ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों अलावा वैज्ञानिक साक्ष्यों पर काम करने का दावा किया था लेकिन हाईकोर्ट के इस फैसले ने जांच एजेंसी के सभी दावों पर पानी फेर दिया। एजेंसी ने कोर्ट के समक्ष अंतिम सीन, ब्लड सैंपल, फॉरेंसिक, डीएनए और कपड़े से लेकर चश्मदीदों से जुड़े भी कोई सबूत नहीं दिए।

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कपड़े पर होते थे खून के धब्बे

कांड को याद कर आज भी लापता ज्योति की मां सुनीता गमगीन हो जाती हैं। मंगलवार उन्होंने बताया कि वह पति के साथ कपड़े प्रेस करने का काम करती है। इस कांड से पहले जब डी-5 से कपड़े धोने और प्रेस के लिए आते थे तो उन पर खून के धब्बे होते थे। जब इस बारे में कोली से पूछती थी तो वह रंग लगे होने की बात कहता था।

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निठारी बन गया था गुमशुदा तलाश केंद्र

निठारी कांड को याद करते हुए गांव के लोग कहते हैं कि जब इस घटना का खुलासा हुआ था तब गांव की बहुत बदनामी हुई थी। उस वक्त यहां रहने वाले लोग भी परेशान थे। इस सनसनीखेज घटना के खुलासे के बाद निठारी में गुमशुदा तलाश केंद्र बनाया गया था। केंद्र में उस वक्त देशभर के 1500 से अधिक लोग अपने बच्चों और परिचितों की गुमशुदगी का पता लगाने आए थे।


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कोठी पर बुलडोजर चलने की अफवाह
मंगलवार को भी सेक्टर-31 स्थित डी-5 कोठी के आसपास मीडिया से लेकर अन्य लोगों का आना-जाना लगा रहा। दोपहर को कोठी के सामने एक बुलडोजर खराब हो गया। इससे लोगों के बीच चर्चा होने लगी कि कोठी पर बुलडोजर चलेगा। जब चालक ने बुलडोजर खराब होने की बात बताई, तब अफवाह पर विराम लगा। थोड़ी देर बाद चालक बुलडोजर को ठीक कराकर ले गया।
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