फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   CBI and Income Tax joint team raided at former NBCC CGM DK Mittal

एनबीसीसी के पूर्व सीजीएम पर कार्रवाई: सीबीआई और इनकम टैक्स की संयुक्त टीम ने मारा छापा, कैश और आभूषण मिले

Sun, 10 Jul 2022 05:20 AM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 10 Jul 2022 05:20 AM IST
सार

सीबीआई और इनकम टैक्स की संयुक्त टीम ने देर रात छापा मारा था। मित्तल पर भष्ट्राचार का आरोप है। बताया जा रहा है कि पैसे गिनने के लिए मशीन मंगाई गई है।

विज्ञापन
CBI and Income Tax joint team raided at former NBCC CGM DK Mittal
सीबीआई और इनकम टैक्स की संयुक्त कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के मामले में नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) के पूर्व सीजीएम डीके मित्तल के दिल्ली-एनसीआर स्थित 10 ठिकानों पर छापे मारे। अब तक कार्रवाई में करीब 1.5 करोड़ नकद, 1.2 करोड़ के आभूषण, 69 लाख सावधि जमा राशि भी मिली है।

विज्ञापन


सीबीआई ने 38 करोड़ रुपये के अनुबंध में एक अपात्र निजी कंपनी का पक्ष लेने के लिए दिल्ली जल बोर्ड और एनबीसीसी के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनबीसीसी के तत्कालीन महाप्रबंधक के आवास से संपत्ति के कई दस्तावेज भी मिले हैं। एनबीसीसी के तत्कालीन महाप्रबंधक डी के मित्तल और परियोजना कार्यकारी साधन कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 
विज्ञापन


दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व मुख्य, अभियंता समेत अन्य पर केस
जांच एजेंसी ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के पूर्व अधिकारियों, मुख्य अभियंता जगदीश कुमार अरोड़ा, अधीक्षक अभियंता पी के गुप्ता, कार्यकारी अभियंता सुशील कुमार गोयल, सहायक अभियंता अशोक शर्मा, एएओ रंजीत कुमार के अलावा निजी कंपनी एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

एनबीसीसी पर झूठे प्रमाण, पत्र जारी करने का आरोप  
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि आरोप है कि आरोपियों ने निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए साजिश के तहत इसे तकनीकी तौर पर पात्र बनाया। आरोप है कि दिसंबर 2017 में पांच साल के लिए दिल्ली जल बोर्ड के विद्युत चुम्बकीय प्रवाह मीटरों की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण व कमीशनिंग और संबंधित ओ एवं एम संचालन के लिए निविदा जारी की गई थी। बयान में कहा गया है, यह भी आरोप है कि संबंधित निजी कंपनी के साथ आरोपियों की मिलीभगत और एनबीसीसी द्वारा जारी झूठे प्रमाण पत्र व मनगढ़ंत बयान जारी किए जाने के कारण निजी कंपनी ने 38.02 करोड़ रुपये की निविदा हासिल की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed