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Noida News: धोखाधड़ी कर भूखंड नाम कराने के मामले में केस
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धोखाधड़ी कर भूखंड नाम कराने के मामले में केस
- प्राधिकरण में दिया आवेदन तब पता चला, फेज टू पुलिस कर रही जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दिल्ली के एक शख्स ने दो सगे भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी से फैक्ट्री के भूखंड को अपने नाम कराने का आरोप लगाया है। इस मामले में कोतवाली फेज टू पुलिस ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। पीड़ित ने मां के निधन के बाद जब भूखंड को अपने नाम कराने के लिए प्राधिकरण में आवेदन किया तो इसका पता चला।
दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी दीपक गुप्ता ने पुलिस को बताया है कि उनकी मां रीता गुप्ता ने 1950 वर्गमीटर का एक औद्योगिक भू-खंड होजरी कॉम्प्लेक्स में वर्ष 2002 में 76 लाख रुपये में खरीदा था। यहां पर रीता गुप्ता ने टेक्सटाइल रेडीमेड का काम शुरू किया। रीता गुप्ता के अलावा उनके परिवार में पति राजेंद्र गुप्ता, पुत्र दीपक गुप्ता व पुत्री ज्योति गुप्ता है। जो रीता गुप्ता के कानून वारिस हैं। रीता गुप्ता की मृत्यु अगस्त 2019 में होने के बाद दीपक गुप्ता ने औद्योगिक भू-खंड को अपने नाम कराने के लिए नोएडा प्राधिकरण में दिया तो पता चला कि उसे शरद गुप्ता और संगीत गुप्ता ने अपने नाम पर दर्ज करा लिया है। आरोप है कि इन लोगों ने प्राधिकरण के अधिकारियों को गुमराह करके यह धोखाधड़ी की है। जबकि आरोपी सिर्फ फर्म में साझेदार थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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- प्राधिकरण में दिया आवेदन तब पता चला, फेज टू पुलिस कर रही जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दिल्ली के एक शख्स ने दो सगे भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी से फैक्ट्री के भूखंड को अपने नाम कराने का आरोप लगाया है। इस मामले में कोतवाली फेज टू पुलिस ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। पीड़ित ने मां के निधन के बाद जब भूखंड को अपने नाम कराने के लिए प्राधिकरण में आवेदन किया तो इसका पता चला।
दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी दीपक गुप्ता ने पुलिस को बताया है कि उनकी मां रीता गुप्ता ने 1950 वर्गमीटर का एक औद्योगिक भू-खंड होजरी कॉम्प्लेक्स में वर्ष 2002 में 76 लाख रुपये में खरीदा था। यहां पर रीता गुप्ता ने टेक्सटाइल रेडीमेड का काम शुरू किया। रीता गुप्ता के अलावा उनके परिवार में पति राजेंद्र गुप्ता, पुत्र दीपक गुप्ता व पुत्री ज्योति गुप्ता है। जो रीता गुप्ता के कानून वारिस हैं। रीता गुप्ता की मृत्यु अगस्त 2019 में होने के बाद दीपक गुप्ता ने औद्योगिक भू-खंड को अपने नाम कराने के लिए नोएडा प्राधिकरण में दिया तो पता चला कि उसे शरद गुप्ता और संगीत गुप्ता ने अपने नाम पर दर्ज करा लिया है। आरोप है कि इन लोगों ने प्राधिकरण के अधिकारियों को गुमराह करके यह धोखाधड़ी की है। जबकि आरोपी सिर्फ फर्म में साझेदार थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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