फ्लैट बुकिंग के बाद भुगतान न करने के मामले में केस दर्ज
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने अंतरिक्ष वैली हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट बुकिंग के बाद भुगतान न करने और फर्जी दस्तावेजों के जरिये कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मामले में कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया है। आवासीय परियोजना अंतरिक्ष वैली की निर्माता कंपनी एमएस डिलिजेंट बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि प्रशांत कुमार ने दिल्ली के रत्नेश सिंह पर धोखाधड़ी, गाली-गलौज, धमकी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि रत्नेश ने वर्ष 2016 में फ्लैट बुक कराया था। बुकिंग के समय 5 लाख 36 हजार 400 का चेक दिया। इसके बाद आरोपी को फ्लैट सौंप दिया, लेकिन बैंक में पैसा नहीं होने से चेक क्लियर नहीं हुआ। इसके बावजूद रत्नेश ने उसी फ्लैट पर आईसीआईसीआई बैंक से 39.46 लाख का लोन पास करा लिया, जिसमें से 34.77 लाख की रकम कंपनी को दी गई। बाद में आंतरिक ऑडिट के दौरान सामने आया कि बुकिंग राशि का 5.36 लाख भुगतान कंपनी को अबतक नहीं मिला है। जब कंपनी ने आरोपी से संपर्क किया तो उसने आर्थिक तंगी का हवाला देकर किश्तों के भुगतान में मदद की मांग की। इसके बाद कंपनी ने 14.79 लाख से अधिक की रकम लोन की किश्तों में जमा कराई, लेकिन आरोपी ने न तो रकम की वापसी की और न ही फ्लैट का कब्जा छोड़ा। आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी के खिलाफ रेरा में भी 40 लाख की वसूली का मुकदमा दायर किया। ब्यूरो