{"_id":"692356cd18d5b8fd780e80e7","slug":"by-converting-one-rupee-into-one-lakh-the-fantasy-app-was-duped-of-one-crore-rupees-na-news-c-30-gbd1036-767824-2025-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: एक रुपये को एक लाख कर फैंटेसी एप को लगाया एक करोड़ का चूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: एक रुपये को एक लाख कर फैंटेसी एप को लगाया एक करोड़ का चूना
विज्ञापन
एक रूपये का एक लाख रुपए करने वाला बीटेक छात्र गिरफ्तार। संवाद
गाजियाबाद। नामी कंपनियों की वेबसाइट और एप में बग तलाश कर सम्मान पाने वाला बीटेक छात्र अपने हुनर का प्रयोग ठगी में कर जेल पहुंच गया। आरोपी फैंटेसी लीग एप के पेमेंट गेटवे को हैक कर एक रुपये को एक लाख में बदल देता था। इस तरह उसने कंपनी को एक करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगा दी। साइबर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसके मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि रियल 11 फैंटेसी गेमिंग मोबाइल एप की ओर से अमित यादव ने 27 नवंबर 2024 को ठगी की शिकायत की थी। इसमें बताया कि जुलाई से नवंबर 2024 के बीच एप के साथ 1.01 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। यह जानकारी कंपनी के ऑडिट में सामने आई।
मामले में पुलिस ने अप्रैल 2025 में बाराबंकी निवासी तीन आरोपियों देशराज, अभिषेक और आकाश को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में पता चला कि ठगी का सूत्रधार पश्चिम बंगाल के पूर्व वर्धमान में रहने वाला उत्सव मंडल है, जो हाल में बिजनौर में रहता है। पुलिस ने उसे शनिवार को गाजियाबाद में घंटाघर कोतवाली क्षेत्र से पकड़ा, जहां वह किसी काम से आया था। पुलिस के अनुसार 24 वर्षीय उत्सव सिलीगुड़ी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर साइंस में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र है।
विज्ञापन
एपीआई से हैक किया गेटवे
पूछताछ में उत्सव ने बताया कि वह कई कंपनियों के बग तलाशने की चुनौती को सुलझा चुका है। इस बीच उसे रियल 11 फैंटेसी एप के बारे में जानकारी हुई। उसने एप को मोबाइल में इंस्टाल करने के बाद एपीआई (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) की मदद से उसके गेटवे को हैक कर लिया। गेटवे पर नियंत्रण होने से वह एप पर सिर्फ एक रुपये जमा करता, लेकिन वॉलेट पर यह रकम दो हजार से एक लाख तक कर देता। इसके बाद आरोपी वॉलेट की रकम को अपने खातों में ट्रांसफर कर लेता।
20 आईडी बनाकर की वारदात
आरोपी ने पुलिस को बताया कि ठगी के लिए उसने परिवार और परिचितों की मदद से 20 नई आईडी तैयार कीं। इसमें उसकी पत्नी, माता-पिता भी शामिल हैं। इन आईडी की मदद से उसने पांच महीने में 100 से अधिक बार में एक करोड़ रुपये से अधिक धनराशि फर्जी तरीके से रिफंड ले ली। ठगी की रकम उसने किसी प्रोजेक्ट की फीस आने की बात कहकर खातों में ट्रांसफर की।एडीसीपी ने बताया कि ठगी के एक करोड़ रुपये में से 25 लाख रिकवर कर लिए गए हैं।
विज्ञापन
एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि रियल 11 फैंटेसी गेमिंग मोबाइल एप की ओर से अमित यादव ने 27 नवंबर 2024 को ठगी की शिकायत की थी। इसमें बताया कि जुलाई से नवंबर 2024 के बीच एप के साथ 1.01 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। यह जानकारी कंपनी के ऑडिट में सामने आई।
विज्ञापन
मामले में पुलिस ने अप्रैल 2025 में बाराबंकी निवासी तीन आरोपियों देशराज, अभिषेक और आकाश को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में पता चला कि ठगी का सूत्रधार पश्चिम बंगाल के पूर्व वर्धमान में रहने वाला उत्सव मंडल है, जो हाल में बिजनौर में रहता है। पुलिस ने उसे शनिवार को गाजियाबाद में घंटाघर कोतवाली क्षेत्र से पकड़ा, जहां वह किसी काम से आया था। पुलिस के अनुसार 24 वर्षीय उत्सव सिलीगुड़ी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर साइंस में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र है।
विज्ञापन
एपीआई से हैक किया गेटवे
पूछताछ में उत्सव ने बताया कि वह कई कंपनियों के बग तलाशने की चुनौती को सुलझा चुका है। इस बीच उसे रियल 11 फैंटेसी एप के बारे में जानकारी हुई। उसने एप को मोबाइल में इंस्टाल करने के बाद एपीआई (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) की मदद से उसके गेटवे को हैक कर लिया। गेटवे पर नियंत्रण होने से वह एप पर सिर्फ एक रुपये जमा करता, लेकिन वॉलेट पर यह रकम दो हजार से एक लाख तक कर देता। इसके बाद आरोपी वॉलेट की रकम को अपने खातों में ट्रांसफर कर लेता।
20 आईडी बनाकर की वारदात
आरोपी ने पुलिस को बताया कि ठगी के लिए उसने परिवार और परिचितों की मदद से 20 नई आईडी तैयार कीं। इसमें उसकी पत्नी, माता-पिता भी शामिल हैं। इन आईडी की मदद से उसने पांच महीने में 100 से अधिक बार में एक करोड़ रुपये से अधिक धनराशि फर्जी तरीके से रिफंड ले ली। ठगी की रकम उसने किसी प्रोजेक्ट की फीस आने की बात कहकर खातों में ट्रांसफर की।एडीसीपी ने बताया कि ठगी के एक करोड़ रुपये में से 25 लाख रिकवर कर लिए गए हैं।