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फर्जी आधार-पैन से लोन लेने वाले ‘बंटी-बबली’ गिरफ्तार
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। अमर उजाला
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नोएडा। सेक्टर-24 पुलिस ने बंटी-बबली फिल्म की तरह धोखाधड़ी कर पैसे ऐंठने वाले युवक-युवती को लॉजिक्स मॉल से गिरफ्तार किया है। आरोपी एक एप से फर्जी दस्तावेज तैयार कराते थे और लोन लेकर इलेक्ट्रानिक सामान खरीद लेते थे। इसके बाद सामान को बेचकर कमाई करते थे। आरोपी करीब 8 बार ऐसी धोखाधड़ी कर चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार व पैन कार्ड बरामद किए गए हैं। मुख्य आरोपी की पहचान बुलंदशहर निवासी ताहिर सैफी के रूप में हुई है। उसके पिता हापुड़ में होमगार्ड हैं, जबकि युवती की पहचान इको विलेज, ग्रेनो वेस्ट निवासी माला गर्ग के रूप में हुई है।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि दोनों युवक-युवती नोएडा में रियल स्टेट कंपनी अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में काम करते थे। कोरोना काल में दोनों की नौकरी चली गई तो फर्जी लोन लेने लगे। रियल स्टेट कंपनी में फ्लैट की बुकिंग के दौरान आने वाले दस्तावेज से आधार कार्ड निकाले और पेंट एप से उस पर अपने फोटो लगाकर मॉल्स में जाने लगे। यहां पर 40 से 80 हजार रुपये तक का लोन कराकर सामान खरीदते और फिर उसे बेचकर पैसे कमा लेते थे। अब तक दोनों ढाई लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी कर चुके हैं। आरोपी बजाज फाइनेंस कंपनी से ही लोन कराते थे तो कुछ दिन पहले जब कई लोन की किस्त टूटी और एक ही फोटो आधार कार्ड पर कंपनी ने देखा तो संदेह हुआ। इसके बाद प्रत्येक लोन लेने वाले व्यक्ति पर नजर रखनी शुरू कर दी।
पिछले सप्ताह एक नए लोन के लिए आवेदन हुआ तो इत्तफाक से उसी युवक का फोटो आधार पर मिला जिसकी बजाज फाइनेंस कंपनी को तलाश थी। इसकी सूचना पुलिस को मिली तो एसीपी रजनीश वर्मा और इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह को मौके पर भेजा गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को लॉजिक्स मॉल से गिरफ्तार कर लिया गया। पेंट एप पर ताहिर आधार व पैन कार्ड बदलने में माहिर है और माला गर्ग परिवार की सदस्य बनकर जाती थी, ताकि कोई संदेह न कर सके। दोनों मॉल्स में क्रोमा और रिलायंस स्टोर से ही लोन लेते थे।
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एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि दोनों युवक-युवती नोएडा में रियल स्टेट कंपनी अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में काम करते थे। कोरोना काल में दोनों की नौकरी चली गई तो फर्जी लोन लेने लगे। रियल स्टेट कंपनी में फ्लैट की बुकिंग के दौरान आने वाले दस्तावेज से आधार कार्ड निकाले और पेंट एप से उस पर अपने फोटो लगाकर मॉल्स में जाने लगे। यहां पर 40 से 80 हजार रुपये तक का लोन कराकर सामान खरीदते और फिर उसे बेचकर पैसे कमा लेते थे। अब तक दोनों ढाई लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी कर चुके हैं। आरोपी बजाज फाइनेंस कंपनी से ही लोन कराते थे तो कुछ दिन पहले जब कई लोन की किस्त टूटी और एक ही फोटो आधार कार्ड पर कंपनी ने देखा तो संदेह हुआ। इसके बाद प्रत्येक लोन लेने वाले व्यक्ति पर नजर रखनी शुरू कर दी।
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पिछले सप्ताह एक नए लोन के लिए आवेदन हुआ तो इत्तफाक से उसी युवक का फोटो आधार पर मिला जिसकी बजाज फाइनेंस कंपनी को तलाश थी। इसकी सूचना पुलिस को मिली तो एसीपी रजनीश वर्मा और इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह को मौके पर भेजा गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को लॉजिक्स मॉल से गिरफ्तार कर लिया गया। पेंट एप पर ताहिर आधार व पैन कार्ड बदलने में माहिर है और माला गर्ग परिवार की सदस्य बनकर जाती थी, ताकि कोई संदेह न कर सके। दोनों मॉल्स में क्रोमा और रिलायंस स्टोर से ही लोन लेते थे।
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