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Noida News: भंगेल एलिवेटेड रोड की राह में रोड़ा बनी इमारतें
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भंगेल एलिवेटेड रोड की राह में रोड़ा बनी इमारतें
- प्राधिकरण की ओर से ड्राइंग आदि के माध्यम से की जा रही जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दादरी-सूरजपुर-छलैरा (डीएससी) रोड पर सेक्टर-41 अगाहपुर से नोएडा स्पेशल इकोनॉमिक जोन तक निर्माणाधीन छह लेन के 5.5 किमी लंबे एलिवेटेड रोड की राह में कुछ इमारतें रोड़ा बन गई हैं। ऐसे में पहले से ही धीमी रफ्तार से चल रहे एलिवेटेड रोड के काम में ब्रेक लगने की आशंका है। हालांकि नोएडा प्राधिकरण इसके समाधान में जुट गया है। सूत्रों के मुताबिक स्पेशल इकोनॉमिक जोन की ओर करीब 50 मीटर क्षेत्र में एलिवेटेड रोड के पिलर नंबर 21 से कुछ पहले से लेकर पिलर नंबर 22 के आगे तक के निर्माण की जद में कुछ इमारतें आ रही हैं। प्राधिकरण के अधिकारी इमारतों के मालिकों से वार्ता करने में जुट गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक इमारतों को बचाने के लिए एलिवेटेड रोड के मूल ड्राइंग में बदलाव करना होगा। जो संभव नहीं है। पिलर तैयार हो चुके हैं। जिसे खिसकाया नहीं जा सकता। इन स्थानों पर एलिवेटेड रोड की चौड़ाई भी कम नहीं की जा सकती। ऐसा करना वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इमारतों का जितना हिस्सा एलिवेटेड रोड की जद में आ रहा है। उसे तोड़कर इसका निर्माण कार्य पूरा किया जा सकता है।
यहां यह भी देखा जाएगा कि कहीं इमारतें अतिक्रमण का हिस्सा तो नहीं हैं। अगर ऐसा नहीं होता है तो प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारियों पर भी सवाल उठेंगे क्योंकि किसी भी परियोजना के ड्राइंग आदि मंजूर कराने के लिए कई चरणों में मंथन होता है। कई एजेंसियों से इस मामले में सेवा ली जाती है।
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अब तक 63 प्रतिशत काम पूरा
जून 2020 में एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। पहले इसकी डेडलाइन दिसंबर 2021 थी जिसे बढ़ाकर दिसंबर 2022 किया गया। फिलहाल मौजूदा डेडलाइन दिसंबर 2023 है। रोड निर्माण का 63 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
परियोजना का बजट बढ़ाने को लेकर विवाद
एलिवेटेड रोड की कार्यदायी संस्था सेतु निगम की ओर से इसका बजट बढ़ाने की मांग की गई है। काम शुरू होने के समय परियोजना का बजट 468 करोड़ रुपये था। बाद में सेतु निगम की ओर से इसका बजट करीब 150 करोड़ रुपये और बढ़ाने की अपील प्राधिकरण से की गई। निर्माण सामग्री आदि के महंगे होने का तर्क दिया गया। इसके अलावा कोरोना काल की वजह से काम में देरी हुई। इस वजह से भी बजट बढ़ने की बात कही गई। हालांकि नोएडा प्राधिकरण ने सेतु निगम के बढ़े बजट की मांग को मंजूर नहीं किया है।
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- प्राधिकरण की ओर से ड्राइंग आदि के माध्यम से की जा रही जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दादरी-सूरजपुर-छलैरा (डीएससी) रोड पर सेक्टर-41 अगाहपुर से नोएडा स्पेशल इकोनॉमिक जोन तक निर्माणाधीन छह लेन के 5.5 किमी लंबे एलिवेटेड रोड की राह में कुछ इमारतें रोड़ा बन गई हैं। ऐसे में पहले से ही धीमी रफ्तार से चल रहे एलिवेटेड रोड के काम में ब्रेक लगने की आशंका है। हालांकि नोएडा प्राधिकरण इसके समाधान में जुट गया है। सूत्रों के मुताबिक स्पेशल इकोनॉमिक जोन की ओर करीब 50 मीटर क्षेत्र में एलिवेटेड रोड के पिलर नंबर 21 से कुछ पहले से लेकर पिलर नंबर 22 के आगे तक के निर्माण की जद में कुछ इमारतें आ रही हैं। प्राधिकरण के अधिकारी इमारतों के मालिकों से वार्ता करने में जुट गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक इमारतों को बचाने के लिए एलिवेटेड रोड के मूल ड्राइंग में बदलाव करना होगा। जो संभव नहीं है। पिलर तैयार हो चुके हैं। जिसे खिसकाया नहीं जा सकता। इन स्थानों पर एलिवेटेड रोड की चौड़ाई भी कम नहीं की जा सकती। ऐसा करना वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इमारतों का जितना हिस्सा एलिवेटेड रोड की जद में आ रहा है। उसे तोड़कर इसका निर्माण कार्य पूरा किया जा सकता है।
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यहां यह भी देखा जाएगा कि कहीं इमारतें अतिक्रमण का हिस्सा तो नहीं हैं। अगर ऐसा नहीं होता है तो प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारियों पर भी सवाल उठेंगे क्योंकि किसी भी परियोजना के ड्राइंग आदि मंजूर कराने के लिए कई चरणों में मंथन होता है। कई एजेंसियों से इस मामले में सेवा ली जाती है।
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अब तक 63 प्रतिशत काम पूरा
जून 2020 में एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। पहले इसकी डेडलाइन दिसंबर 2021 थी जिसे बढ़ाकर दिसंबर 2022 किया गया। फिलहाल मौजूदा डेडलाइन दिसंबर 2023 है। रोड निर्माण का 63 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
परियोजना का बजट बढ़ाने को लेकर विवाद
एलिवेटेड रोड की कार्यदायी संस्था सेतु निगम की ओर से इसका बजट बढ़ाने की मांग की गई है। काम शुरू होने के समय परियोजना का बजट 468 करोड़ रुपये था। बाद में सेतु निगम की ओर से इसका बजट करीब 150 करोड़ रुपये और बढ़ाने की अपील प्राधिकरण से की गई। निर्माण सामग्री आदि के महंगे होने का तर्क दिया गया। इसके अलावा कोरोना काल की वजह से काम में देरी हुई। इस वजह से भी बजट बढ़ने की बात कही गई। हालांकि नोएडा प्राधिकरण ने सेतु निगम के बढ़े बजट की मांग को मंजूर नहीं किया है।