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Noida News: प्रदूषण कम करने के लिए सीएक्यूएम ने हरियाणा-पंजाब से किया मंथन
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दोनों राज्य सरकारों के मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे
वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को रोकने के लिए निर्देश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) व आसपास वायु प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 3 जुलाई को समीक्षा बैठक की। इसमें आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ हरियाणा और पंजाब के मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न उपायों पर मंथन किया।
सीएक्यूएम के अनुसार, समीक्षा का उद्देश्य दोनों राज्यों में अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करना और क्षेत्र में वायु प्रदूषण के उन्मूलन के लिए प्रमुख क्षेत्रीय उपायों के कार्यान्वयन का मूल्यांकन करना रहा। हरियाणा सरकार के साथ बैठक के दौरान अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार 2025 में धान की पराली जलाने की समाप्ति के लिए तैयारी व ईंट भट्टों में धान की पराली को लेकर समीक्षा की गई। इसके अलावा सड़क धूल शमन रणनीतियां विशेष रूप से तय सड़कों के पुनर्विकास के लिए राज्य सरकार की तरफ से तैयार की गई। कार्ययोजना की समीक्षा व वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को रोकने के लिए निर्देश दिए गए।
इधर, आयोग ने पंजाब सरकार के साथ एक और समीक्षा बैठक की। समीक्षा में धान की पराली जलाने की रोकथाम और नियंत्रण के लिए 2025 में कार्ययोजना के क्रियान्वयन को लेकर बात हुई। साथ ही, धान की पराली जलाने की पूरी तरह से रोकथाम, ईंट भट्टों में बायोमास पेलेट का अनिवार्य उपयोग और थर्मल पावर प्लांट की तरफ से निर्धारित उत्सर्जन मानदंडों के अनुपालन के लिए राज्य की तैयारियों पर चर्चा हुई, जिसमें 2025-26 के दौरान न्यूनतम 5 प्रतिशत बायोमास को सह-फायरिंग का लक्ष्य शामिल है। बैठक में वाहनों से होने वाले प्रदूषण से संबंधित निर्देशों के क्रियान्वयन का भी जायजा लिया गया, जिसमें अंतर-शहरी बसों को स्वच्छ ईंधन वाले साधनों में बदलना और दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रदूषणकारी परिवहन व वाणिज्यिक माल वाहनों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।
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वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को रोकने के लिए निर्देश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) व आसपास वायु प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 3 जुलाई को समीक्षा बैठक की। इसमें आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ हरियाणा और पंजाब के मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न उपायों पर मंथन किया।
सीएक्यूएम के अनुसार, समीक्षा का उद्देश्य दोनों राज्यों में अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करना और क्षेत्र में वायु प्रदूषण के उन्मूलन के लिए प्रमुख क्षेत्रीय उपायों के कार्यान्वयन का मूल्यांकन करना रहा। हरियाणा सरकार के साथ बैठक के दौरान अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार 2025 में धान की पराली जलाने की समाप्ति के लिए तैयारी व ईंट भट्टों में धान की पराली को लेकर समीक्षा की गई। इसके अलावा सड़क धूल शमन रणनीतियां विशेष रूप से तय सड़कों के पुनर्विकास के लिए राज्य सरकार की तरफ से तैयार की गई। कार्ययोजना की समीक्षा व वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को रोकने के लिए निर्देश दिए गए।
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इधर, आयोग ने पंजाब सरकार के साथ एक और समीक्षा बैठक की। समीक्षा में धान की पराली जलाने की रोकथाम और नियंत्रण के लिए 2025 में कार्ययोजना के क्रियान्वयन को लेकर बात हुई। साथ ही, धान की पराली जलाने की पूरी तरह से रोकथाम, ईंट भट्टों में बायोमास पेलेट का अनिवार्य उपयोग और थर्मल पावर प्लांट की तरफ से निर्धारित उत्सर्जन मानदंडों के अनुपालन के लिए राज्य की तैयारियों पर चर्चा हुई, जिसमें 2025-26 के दौरान न्यूनतम 5 प्रतिशत बायोमास को सह-फायरिंग का लक्ष्य शामिल है। बैठक में वाहनों से होने वाले प्रदूषण से संबंधित निर्देशों के क्रियान्वयन का भी जायजा लिया गया, जिसमें अंतर-शहरी बसों को स्वच्छ ईंधन वाले साधनों में बदलना और दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रदूषणकारी परिवहन व वाणिज्यिक माल वाहनों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।
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