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ब्लॉकचेन आने वाले समय में लाएगा क्रांतिकारी परिवर्तन : प्रो. रघुराज सिंह
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पीएसआईटी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल सदस्य।
- फोटो : संस्थान
कानपुर। पीएसआईटी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग में सोमवार को एआईसीटीई-अटल अकादमी की ओर से ब्लॉकचेन एंड इट्स एप्लीकेशंस विषय पर संकाय विकास कार्यक्रम आयोजित हुआ।
छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न तकनीकी संस्थानों से लगभग 50 सदस्य शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए एचबीटीयू के कंप्यूटर साइंस विभाग के डीन प्रो. रघुराज सिंह ने कहा कि ब्लॉकचेन आने वाले समय में डेटा सुरक्षा, हेल्थकेयर, फाइनेंस और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।
उन्होंने ब्लॉकचेन तकनीक की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में ब्लॉकचेन मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से संग्रहित और साझा करने में मदद करेगा जिससे पारदर्शिता और डेटा की विश्वसनीयता बनी रहेगी।
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कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में ब्लॉकचेन की संरचना, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, वित्तीय लेनदेन, डेटा सुरक्षा, हेल्थकेयर, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और शिक्षा में इसके अनुप्रयोगों पर चर्चा करेंगे। प्रतिभागियों को केस स्टडी और व्यावहारिक परियोजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
पीएसआईटी के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि ब्लॉकचेन तकनीक आने वाले समय में सभी डिजिटल प्रणालियों की रीढ़ साबित होगी। समूह निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि अटल-एफडीपी जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम फैकल्टी को नई तकनीकी दिशाओं से जोड़ते हैं और उन्हें उद्योग तथा शोध की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करते हैं।
ब्लॉकचेन तकनीक भविष्य में सरकारी दस्तावेज प्रबंधन, डिजिटल प्रमाणपत्र, वित्तीय लेनदेन और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के क्षेत्र में अत्यधिक उपयोगी सिद्ध होगी।
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छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न तकनीकी संस्थानों से लगभग 50 सदस्य शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए एचबीटीयू के कंप्यूटर साइंस विभाग के डीन प्रो. रघुराज सिंह ने कहा कि ब्लॉकचेन आने वाले समय में डेटा सुरक्षा, हेल्थकेयर, फाइनेंस और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।
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उन्होंने ब्लॉकचेन तकनीक की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में ब्लॉकचेन मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से संग्रहित और साझा करने में मदद करेगा जिससे पारदर्शिता और डेटा की विश्वसनीयता बनी रहेगी।
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कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में ब्लॉकचेन की संरचना, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, वित्तीय लेनदेन, डेटा सुरक्षा, हेल्थकेयर, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और शिक्षा में इसके अनुप्रयोगों पर चर्चा करेंगे। प्रतिभागियों को केस स्टडी और व्यावहारिक परियोजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
पीएसआईटी के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि ब्लॉकचेन तकनीक आने वाले समय में सभी डिजिटल प्रणालियों की रीढ़ साबित होगी। समूह निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि अटल-एफडीपी जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम फैकल्टी को नई तकनीकी दिशाओं से जोड़ते हैं और उन्हें उद्योग तथा शोध की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करते हैं।
ब्लॉकचेन तकनीक भविष्य में सरकारी दस्तावेज प्रबंधन, डिजिटल प्रमाणपत्र, वित्तीय लेनदेन और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के क्षेत्र में अत्यधिक उपयोगी सिद्ध होगी।