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भाजपाइयों ने वीर सपूतों की शहादत को किया याद

Sun, 02 Jan 2022 11:16 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jan 2022 11:16 PM IST
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BJP remembers the martyrdom of brave sons
BJP remembers the martyrdom of brave sons
नूंह। अंडमान-निकोबार से मिट्टी और जल लेकर भाजपा का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को नूंह लौटा। इस संबंध में रविवार को नूंह स्थित भाजपा जिला मुख्यालय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला मीडिया प्रभारी मनीष जैन ने बताया कि कार्यक्रम में वीर सपूतों की शहादत और वहां से लाई गई मिट्टी को नमन किया गया। प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के नेतृत्व में 129 सदस्यों ने पोर्ट ब्लेयर का भ्रमण किया और वीर सपूतों को नमन कर उन्हें याद किया।
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कार्यक्रम मेें गोसेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन भानीराम मंगला ने कहा कि वीरों की शहादत से देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। अंडमान-निकोबार वही सरजमीं है, जहां 30 दिसंबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सर्वप्रथम आजादी की घोषणा करते हुए तिरंगा झंडा फहराया था। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र प्रताप आर्य ने कहा कि वीर सावरकर का देशहित में अनेकों योगदान रहे हैं। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें भी काला पानी की सजा सुनाई गई थी। जेल के दौरान वीर सावरकर को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा कठिन यातनाएं दी गई थी। लेकिन, इसके बावजूद उन्होंने आजादी का नारा बुलंद रखा। वीर सावरकर एक मात्र ऐसे कैदी थे, जिन्हें एक ही जीवन में दो बार उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। वीर सावरकर को डराने के लिए उनकी जेल के सामने ही एक फांसी घर था, लेकिन उन्हें इसका तनिक भी मलाल व डर नहीं था। उन्होंने कहा कांग्रेस ने इन वीर सपूतों का कभी जिक्र नहीं किया।
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जिलाध्यक्ष नरेंद्र पटेल ने बताया कि देश की आजादी के लिए लड़ने वाले मतवालों के हाथों से कोल्हू चलवाया जाता था और उनको काम का लक्ष्य दिया जाता था। उस काम को पूरा न करने पर उनके हाथ बांधकर अंग्रेजी हुकूमत द्वारा हंटरों से मारा जाता था। उनके खाने में पत्थर व रेत को मिलाया जाता था। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने अपने आराम के लिए उक्त जगह पर पूरी सुविधाएं की हुई थी। उन सुविधाओं को पूरा कराने के लिए भारतीयों पर जुल्म किया जाता था। उन्होंने बताया कि काला पानी में किसी भी हिंदू व मुस्लिम कैदी का अंतिम संस्कार नहीं किया जाता था, उन्हें मारने के बाद समुद्र में फेंक दिया जाता था, ताकि उन्हें अपने देश की मिट्टी भी नसीब न हो सके। उन्होंने कहा देश में स्वंतत्रता संग्राम की लड़ाई लड़ने वाले मतवालों को काला पानी की सजा दी जाती थी। इस मौके पर जिला महामंत्री शिवकुमार आर्य, दलबीर सरपंच, सुभाष भारद्वाज, शिवपाल शर्मा, तेजपाल जाटका, वीरपाल पंवार, खिलौनी राम, ज्ञानचंद आर्य, मनीष यादव, अख्तर काटपुरी, हेमराज शर्मा, जुबेर खान, नरेंद्र शर्मा, पवन कुमार, शेखर सरपंच सहित काफी लोग मौजूद रहे।
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