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Noida News: तनाव, सिरदर्द एवं माइग्रेन में बायो फीडबैक तकनीक कारगर
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गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन तनाव, माइग्रेन एवं माइंडफुलनेस बायो फीडबैक थेरेपी पर विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, माइग्रेन और मनोदैहिक प्रक्रियाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण प्राप्त किया। मुख्य विषय तनाव एवं माइग्रेन की मनोदैहिक प्रक्रियाएं तथा बायोफीडबैक इन क्लीनिकल कंडीशंस रहा।
न्यूरो फीडबैक विशेषज्ञ डॉ. रूडिगर ने बताया कि बायोफीडबैक तकनीक कैसे व्यक्ति को अपनी जैविक एवं मानसिक प्रक्रियाओं पर नियंत्रण प्राप्त करने में सहायक होती है। उन्होंने यह भी समझाया कि यह तकनीक तनाव, सिरदर्द एवं माइग्रेन जैसे विकारों के उपचार में कितनी प्रभावशाली सिद्ध हो रही है।
यूएसए के बायोफीडबैक थेरेपिस्ट डॉ. उर्सज़ुला क्लिक ने बताया कि किस प्रकार माइंडफुलनेस और बायोफीडबैक का संयोजन मानसिक शांति, आत्मनियंत्रण और भावनात्मक संतुलन को सुदृढ़ करने में सहायक होता है।
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इस मौके पर कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी, कुलपति प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह, प्रोफेसर बंधना पांडे, विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन तनाव, माइग्रेन एवं माइंडफुलनेस बायो फीडबैक थेरेपी पर विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, माइग्रेन और मनोदैहिक प्रक्रियाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण प्राप्त किया। मुख्य विषय तनाव एवं माइग्रेन की मनोदैहिक प्रक्रियाएं तथा बायोफीडबैक इन क्लीनिकल कंडीशंस रहा।
न्यूरो फीडबैक विशेषज्ञ डॉ. रूडिगर ने बताया कि बायोफीडबैक तकनीक कैसे व्यक्ति को अपनी जैविक एवं मानसिक प्रक्रियाओं पर नियंत्रण प्राप्त करने में सहायक होती है। उन्होंने यह भी समझाया कि यह तकनीक तनाव, सिरदर्द एवं माइग्रेन जैसे विकारों के उपचार में कितनी प्रभावशाली सिद्ध हो रही है।
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यूएसए के बायोफीडबैक थेरेपिस्ट डॉ. उर्सज़ुला क्लिक ने बताया कि किस प्रकार माइंडफुलनेस और बायोफीडबैक का संयोजन मानसिक शांति, आत्मनियंत्रण और भावनात्मक संतुलन को सुदृढ़ करने में सहायक होता है।
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इस मौके पर कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी, कुलपति प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह, प्रोफेसर बंधना पांडे, विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।