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बाइक बोट फर्जीवाड़े के तीन बड़े सूत्राधार गिरफ्तार

Wed, 07 Oct 2020 01:45 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 01:45 AM IST
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Bike boat case : Three arrested with two prizes of 50 thousand
बाइक बोट फर्जीवाड़ा: 50 हजार के दो इनामी सहित तीन दबोचे
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ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट फर्जीवाड़े में नोएडा और मेरठ एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ ने फर्जीवाड़े के आरोपी 50 हजार के इनामी करनपाल व सचिन भाटी और पवन को गिरफ्तार किया है। सचिन-पवन संजय भाटी के भाई बताए गए हैं। तीनों ने संजय भाटी के फरार होने के बाद फर्जीवाड़े की कमान संभाली थी और निवेशकों को अग्रिम तिथि के लाखों चेक देकर झांसा दिया था। वहीं, फर्जीवाड़े की रकम को ठिकाने लगाने के अलावा संपत्ति की खरीद फरोख्त में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। धरने पर बैठे निवेशक मुन्ना बालियान ने आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी और एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ जारी होने की पुष्टि की है।
दरअसल, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग निवेशक लगातार कर रहे हैं। कोट गांव स्थित बाइक बोट के मुख्य दफ्तर पर आरोपियों की गिरफ्तारी और निवेशकों के रुपये वापस दिलाने की मांग पर 11 माह से धरना चल रहा है। पुलिस की केस डायरी में फर्जीवाड़े के 38 आरोपियों के नाम हैं। पुलिस और ईओडब्ल्यू मेरठ की टीम 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थीं। 25 आरोपी फरार थे। पिछले माह ही संजय भाटी की पत्नी दीप्ति बहल, करनपाल, जालंधर निवासी रविंद्र, उसकी पत्नी रेखा, ललित और भूदेव पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। नोएडा एसटीएफ के अधिकारी ने बताया कि मंगलवार रात मेरठ एसटीएफ ने करनपाल और नोएडा एसटीएफ ने सचिन भाटी व पवन भाटी को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद अन्य कार्रवाई की जाएगी।
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बाउंस हुए लाखों चेक पर करनपाल के हस्ताक्षर
निवेशक मुन्ना बालियान का आरोप है कि संजय भाटी के बाद अब तक की सबसे बड़ी गिरफ्तारी है। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर संजय भाटी फरार हो गया था। इसके बाद करनपाल, सचिन और पवन अन्य आरोपियों के साथ मिलकर निवेशकों को रुपये वापस करने का झांसा देते रहे। देशभर के निवेशक उनके घर व दफ्तर पर जमा न हो, इसके लिए उन्होंने लाखों अग्रिम तिथि के चेक निवेशकों के घर भेज दिए थे। ये चेक बाद में बाउंस हो गए। इससे संबंधित केस देश की विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। निवेशक जब आरोपियों के चीती गांव स्थित दफ्तर पर पहुंचे तो आरोपी इन्हीं चेक व अन्य साक्ष्य मिटाने के लिए दफ्तर में आग लगाकर भाग गए थे। इसके बाद से पुलिस व जांच एजेंसियां आरोपियों को तलाश कर रही थीं। करनपाल ने ही अरबों के फर्जीवाड़े में एनसीआर व देश के हजारों सैनिक व पूर्व सैनिकों के करोड़ों रुपये फंसवाए थे। गिरफ्तार आरोपियों ने फर्जीवाड़े की रकम को ठिकाने लगाने व संपत्ति खरीद फरोख्त में भी संजय भाटी की मदद की है।
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