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अब एक वेबसाइट पर मिलेगी जमीन की पूरी कुंडली
Tue, 20 Aug 2019 01:36 AM IST
नोएडा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2019 01:36 AM IST
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जमीन घोटाला
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प्रदेश सरकार ने भूलेख विभाग की वेबसाइट को तीन अन्य विभाग की वेबसाइट से लिंक किया है। ताकि जमीन की खरीद-फरोख्त के फर्जीवाड़े को रोका जा सके। वेबसाइट पर जमीन से संबंधित हर विवाद, कोर्ट केस, बैनामा और नजरी नक्शा की जानकारी है। खरीदार वेबसाइट से पूरी जानकारी ले सकते हैं। गौतम बुद्ध नगर में जमीन की कीमत आसमान छू रही है।
दिल्ली एनसीआर का हिस्सा होने के कारण लोग यहां आशियाना बनाना चाहते हैं। बाहरी जिले और राज्यों के लोग जमीन खरीद रहे हैं, लेकिन कई मामलों में उनके साथ धोखाधड़ी हो जाती है। फर्जी कागजात तैयार कराकर एक जमीन कई लोगों को बेच दी जाती है। इसे रोकने के मकसद से प्रदेश सरकार ने भूलेख विभाग की वेबसाइट अपटेड की है। इसे निबंधन विभाग, राजस्व न्यायालय और भू-नक्शा की वेबसाइट से लिंक किया गया है।
अगर कोई व्यक्ति गौतम बुद्ध नगर में जमीन या भूखंड खरीदता है तो वह खसरा या गाटा संख्या से उसकी पूरी कुंडली जान सकता है। भूलेख विभाग की वेबसाइट पर खसरा या गाटा संख्या डालना होगा। उसके बाद तीन लिंक आएंगे। एक भूखंड या गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति, दूसरा भूखंड या गाटे के विक्रय की स्थिति और तीसरा भूखंड या गाटे का भू नक्शा देखने का लिंक होगा।
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हर राजस्व वाद का चलेगा पता
वेबसाइट के पहले लिंक में जमीन या भूखंड के राजस्व वादों की जानकारी मिलेगी। अगर किसी जमीन में किसी तरह का विवाद है और उसका वाद एसडीएम, एडीएम, डीएम आदि की राजस्व कोर्ट में चल रहा है या फैसला आ चुका है। इसकी हर जानकारी मिलेगी।
जनवरी, 2019 के बाद हर रजिस्ट्री का लेखाजोखा
काफी मामलों में खरीदार जमीन खरीदने के बाद खतौनी में अमल दरामद नहीं करा पाते हैं। उनके नाम पर जमीन नहीं हो पाती। इसका फायदा उठाकर धोखाधड़ी करने वाला उस जमीन की रजिस्ट्री किसी और के नाम कर देता है। जिसका पता पुराने व नए खरीदार को नहीं चला पाता, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। निबंधन विभाग के वेबसाइट के लिंक पर जमीन की हर रजिस्ट्री का ब्योरा मिलेगा। रजिस्ट्री की प्रतिलिपि भी अपलोड होगी। खतौनी के बिना भी लोगों को पता चल जाएगा कि जमीन किस-किस को बेची जा चुकी है।
वेबसाइट पर मिलेगा नक्शा
भू लेख विभाग की वेबसाइट पर अब जमीन का नक्शा भी देख सकते हैं। ताकि कोई जमीन कहीं ओर दिखाए और रजिस्ट्री किसी ओर जमीन की करा दें। जमीन की चारों दिशा में क्या है, यह भी नक्शा में उपलब्ध होगा।
भू लेख विभाग की वेबसाइट से निबंधन विभाग, राजस्व न्यायालय व भू नक्शा की वेबसाइट को जोड़ा गया है। जमीन के क्रय-विक्रय के फर्जीवाड़े को रोकने में यह मददगार होगा। प्राधिकरण के सेक्टरों के भूखंडों की जानकारी नहीं मिलेगी। - पवन मंगल, जिला विज्ञान एवं सूचना अधिकारी
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दिल्ली एनसीआर का हिस्सा होने के कारण लोग यहां आशियाना बनाना चाहते हैं। बाहरी जिले और राज्यों के लोग जमीन खरीद रहे हैं, लेकिन कई मामलों में उनके साथ धोखाधड़ी हो जाती है। फर्जी कागजात तैयार कराकर एक जमीन कई लोगों को बेच दी जाती है। इसे रोकने के मकसद से प्रदेश सरकार ने भूलेख विभाग की वेबसाइट अपटेड की है। इसे निबंधन विभाग, राजस्व न्यायालय और भू-नक्शा की वेबसाइट से लिंक किया गया है।
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अगर कोई व्यक्ति गौतम बुद्ध नगर में जमीन या भूखंड खरीदता है तो वह खसरा या गाटा संख्या से उसकी पूरी कुंडली जान सकता है। भूलेख विभाग की वेबसाइट पर खसरा या गाटा संख्या डालना होगा। उसके बाद तीन लिंक आएंगे। एक भूखंड या गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति, दूसरा भूखंड या गाटे के विक्रय की स्थिति और तीसरा भूखंड या गाटे का भू नक्शा देखने का लिंक होगा।
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हर राजस्व वाद का चलेगा पता
वेबसाइट के पहले लिंक में जमीन या भूखंड के राजस्व वादों की जानकारी मिलेगी। अगर किसी जमीन में किसी तरह का विवाद है और उसका वाद एसडीएम, एडीएम, डीएम आदि की राजस्व कोर्ट में चल रहा है या फैसला आ चुका है। इसकी हर जानकारी मिलेगी।
जनवरी, 2019 के बाद हर रजिस्ट्री का लेखाजोखा
काफी मामलों में खरीदार जमीन खरीदने के बाद खतौनी में अमल दरामद नहीं करा पाते हैं। उनके नाम पर जमीन नहीं हो पाती। इसका फायदा उठाकर धोखाधड़ी करने वाला उस जमीन की रजिस्ट्री किसी और के नाम कर देता है। जिसका पता पुराने व नए खरीदार को नहीं चला पाता, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। निबंधन विभाग के वेबसाइट के लिंक पर जमीन की हर रजिस्ट्री का ब्योरा मिलेगा। रजिस्ट्री की प्रतिलिपि भी अपलोड होगी। खतौनी के बिना भी लोगों को पता चल जाएगा कि जमीन किस-किस को बेची जा चुकी है।
वेबसाइट पर मिलेगा नक्शा
भू लेख विभाग की वेबसाइट पर अब जमीन का नक्शा भी देख सकते हैं। ताकि कोई जमीन कहीं ओर दिखाए और रजिस्ट्री किसी ओर जमीन की करा दें। जमीन की चारों दिशा में क्या है, यह भी नक्शा में उपलब्ध होगा।
भू लेख विभाग की वेबसाइट से निबंधन विभाग, राजस्व न्यायालय व भू नक्शा की वेबसाइट को जोड़ा गया है। जमीन के क्रय-विक्रय के फर्जीवाड़े को रोकने में यह मददगार होगा। प्राधिकरण के सेक्टरों के भूखंडों की जानकारी नहीं मिलेगी। - पवन मंगल, जिला विज्ञान एवं सूचना अधिकारी