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Noida News: डीप फेक से सावधान.. ठगी के साथ खराब कर सकता है छवि
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डीप फेक से सावधान.. ठगी के साथ खराब कर सकता है छवि
- अमर उजाला पुलिस की पाठशाला में डीसीपी ने छात्रों को बताए सुरक्षा के उपाय
- बोले, थिंक बिफोर क्लिक से ही साइबर ठगों से बचने में मिलेगी मदद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित जगन्नाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस (जिम्स) कॉलेज में बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें गौतमबुद्ध नगर के डीसीपी साइबर अपराध सुरक्षा आईपीएस रामबदन सिंह ने छात्रों को सुरक्षा के उपाय बताए। डीसीपी ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध का सबसे बड़ा बचाव है। डीसीपी ने साइबर अपराध से बचने के लिए थिंक बिफोर क्लिक थीम का पालन करने की अपील की।
बीजेएमसी की छात्रा प्रार्थना शर्मा के डीप फेक को लेकर किए गए सवाल पर डीसीपी ने कहा कि डीप फेक न केवल ठगी का शिकार बना सकता है बल्कि छवि भी खराब कर सकता है। इसके अंतर्गत आपके फोटो या वीडियो को एडिट कर दिया जाता है। जिससे आप या आपके परिजन, परिचित व रिश्तेदार ऑरिजनल और फेक में अंतर पैदा नहीं कर पाते। इसके लिए खास तौर पर छात्रा और महिलाओं को अपनी फोटो वीडियो सुरक्षित रखना जरूरी है। हालांकि हाल ही में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद सरकार डीप फेक पर लगाम लगाने के लिए कड़े नियम बनाने के प्रयास में जुटी है। इसके अलावा डीसीपी ने विद्यार्थियों को साइबर हेल्पलाइन 1930, सीएम हेल्पलाइन 181, पुलिस हेल्पलाइन 112 के संबंध विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई शिकायत व समस्याएं ऐसी होती हैं जिन्हें छात्राएं व महिलाएं अपने घर, शिक्षण संस्थान और कार्यस्थल के वरिष्ठों से शेयर नहीं कर पा रही हैं। तो इसकी शिकायत तुरंत महिला हेल्पलाइन 1090 पर कॉल करें। शिकायतकर्ताओं की पहचान गुप्त रखकर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। डीसीपी ने छात्रों से कहा कि उन्हें कभी भी शिक्षा, प्रेम या अन्य किसी क्षेत्र में असफलता मिलने पर हताश नहीं होना चाहिए। इस दौरान कुछ छात्र खुदकुशी कर लेते हैं। छात्रों को अपने अभिभावक, शिक्षक या किसी अच्छे मित्र को समस्या बतानी चाहिए।
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छात्रों के सवाल, डीसीपी के जवाब
1- ऑनलाइन हनीट्रैप (सेक्सटोर्शन) से कैसे बचें?
- आयुष पांडे बीबीए
जवाब - जिस तरह किसी अंजान लिंक को शेयर नहीं करना। उसी तरह अंजान से दोस्ती, अंजान की वीडियो, व्हाट्सएप कॉल से सावधान रहना है।
2- लोग जानवरों को बेरहमी से मारते हैं, इन पर अंकुश कैसे लगे।
- इकरा इस्लाम बीजेएमसी
जवाब - पशु क्रूरता अधिनियम ऐसे ही मामलों में कार्रवाई के लिए बना है। पशुओं के मामले में लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है।
3- पुलिस अभद्रता करे तो क्या करें?
लक्षिता पालीवाल बीबीए
जवाब - कानून सबके लिए बराबर है। अगर पुलिसकर्मी अभद्रता करे या रिश्वत मांगे तो इसकी भी शिकायत हेल्पलाइन व अधिकारियों से कर सकते हैं।
4- कोई लड़की झूठे आरोप लगाकर फंसा दे तब क्या करें?
तनिष्क बेसौया बीजेएमसी
जवाब - किसी के आरोप लगाने मात्र से कोई दोषी नहीं होता। दोनों पक्षों की बात सुनी जाती है, साक्ष्य नहीं है, तो आरोप झूठे साबित होते हैं।
5- पुलिस राजनीतिज्ञों के दवाब में काम तो नहीं करती? हाथरस कांड में ऐसा सुना था।
गुलशन बीबीए
जवाब - पुलिस कानून के हिसाब से काम करती है। कई बार पुलिस को बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी से बचाने, बवाल आदि रोकने के लिए सख्त कदम उठाने पड़ते हैं। जो लोग संतुष्ट नहीं होते, वे उन्हें गलत तरीके से प्रसारित करते हैं।
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- अमर उजाला पुलिस की पाठशाला में डीसीपी ने छात्रों को बताए सुरक्षा के उपाय
- बोले, थिंक बिफोर क्लिक से ही साइबर ठगों से बचने में मिलेगी मदद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित जगन्नाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस (जिम्स) कॉलेज में बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें गौतमबुद्ध नगर के डीसीपी साइबर अपराध सुरक्षा आईपीएस रामबदन सिंह ने छात्रों को सुरक्षा के उपाय बताए। डीसीपी ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध का सबसे बड़ा बचाव है। डीसीपी ने साइबर अपराध से बचने के लिए थिंक बिफोर क्लिक थीम का पालन करने की अपील की।
बीजेएमसी की छात्रा प्रार्थना शर्मा के डीप फेक को लेकर किए गए सवाल पर डीसीपी ने कहा कि डीप फेक न केवल ठगी का शिकार बना सकता है बल्कि छवि भी खराब कर सकता है। इसके अंतर्गत आपके फोटो या वीडियो को एडिट कर दिया जाता है। जिससे आप या आपके परिजन, परिचित व रिश्तेदार ऑरिजनल और फेक में अंतर पैदा नहीं कर पाते। इसके लिए खास तौर पर छात्रा और महिलाओं को अपनी फोटो वीडियो सुरक्षित रखना जरूरी है। हालांकि हाल ही में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद सरकार डीप फेक पर लगाम लगाने के लिए कड़े नियम बनाने के प्रयास में जुटी है। इसके अलावा डीसीपी ने विद्यार्थियों को साइबर हेल्पलाइन 1930, सीएम हेल्पलाइन 181, पुलिस हेल्पलाइन 112 के संबंध विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई शिकायत व समस्याएं ऐसी होती हैं जिन्हें छात्राएं व महिलाएं अपने घर, शिक्षण संस्थान और कार्यस्थल के वरिष्ठों से शेयर नहीं कर पा रही हैं। तो इसकी शिकायत तुरंत महिला हेल्पलाइन 1090 पर कॉल करें। शिकायतकर्ताओं की पहचान गुप्त रखकर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। डीसीपी ने छात्रों से कहा कि उन्हें कभी भी शिक्षा, प्रेम या अन्य किसी क्षेत्र में असफलता मिलने पर हताश नहीं होना चाहिए। इस दौरान कुछ छात्र खुदकुशी कर लेते हैं। छात्रों को अपने अभिभावक, शिक्षक या किसी अच्छे मित्र को समस्या बतानी चाहिए।
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छात्रों के सवाल, डीसीपी के जवाब
1- ऑनलाइन हनीट्रैप (सेक्सटोर्शन) से कैसे बचें?
- आयुष पांडे बीबीए
जवाब - जिस तरह किसी अंजान लिंक को शेयर नहीं करना। उसी तरह अंजान से दोस्ती, अंजान की वीडियो, व्हाट्सएप कॉल से सावधान रहना है।
2- लोग जानवरों को बेरहमी से मारते हैं, इन पर अंकुश कैसे लगे।
- इकरा इस्लाम बीजेएमसी
जवाब - पशु क्रूरता अधिनियम ऐसे ही मामलों में कार्रवाई के लिए बना है। पशुओं के मामले में लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है।
3- पुलिस अभद्रता करे तो क्या करें?
लक्षिता पालीवाल बीबीए
जवाब - कानून सबके लिए बराबर है। अगर पुलिसकर्मी अभद्रता करे या रिश्वत मांगे तो इसकी भी शिकायत हेल्पलाइन व अधिकारियों से कर सकते हैं।
4- कोई लड़की झूठे आरोप लगाकर फंसा दे तब क्या करें?
तनिष्क बेसौया बीजेएमसी
जवाब - किसी के आरोप लगाने मात्र से कोई दोषी नहीं होता। दोनों पक्षों की बात सुनी जाती है, साक्ष्य नहीं है, तो आरोप झूठे साबित होते हैं।
5- पुलिस राजनीतिज्ञों के दवाब में काम तो नहीं करती? हाथरस कांड में ऐसा सुना था।
गुलशन बीबीए
जवाब - पुलिस कानून के हिसाब से काम करती है। कई बार पुलिस को बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी से बचाने, बवाल आदि रोकने के लिए सख्त कदम उठाने पड़ते हैं। जो लोग संतुष्ट नहीं होते, वे उन्हें गलत तरीके से प्रसारित करते हैं।
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