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ये कैसी व्यवस्था : रजिस्ट्रेशन के बाद भी नहीं मिला बेड, कॉल सेंटर के कर्मचारी बोले- खुद ढूंढें लो

Tue, 27 Apr 2021 11:15 AM IST
शाहरुख खान नेहा शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
नेहा शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 27 Apr 2021 11:15 AM IST
सार

स्थिति यह है कि कॉल सेंटर से मरीज का रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी अस्पताल बेड नहीं दे रहे हैं। जब कॉल सेंटर में दोबारा कॉल कर इस बारे में बताया जा रहा है तो जवाब मिल रहा है कि हम लोग रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, अस्पताल को बेड देने के लिए निर्देश नहीं दे सकते। आप लोग खुद अस्पताल में खाली बेड ढूंढें

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Bed not found even after registration, call center staff says Find yourself
coronavirus - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकार भले ही लाख दावे कर रही है कि अस्पताल, मरीज को भर्ती करने से मना नहीं कर सकते, लेकिन नोएडा में हकीकत बिल्कुल अलग है। स्थिति यह है कि कॉल सेंटर से मरीज का रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी अस्पताल बेड नहीं दे रहे हैं। 
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जब कॉल सेंटर में दोबारा कॉल कर इस बारे में बताया जा रहा है तो जवाब मिल रहा है कि हम लोग रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, अस्पताल को बेड देने के लिए निर्देश नहीं दे सकते। आप लोग खुद अस्पताल में खाली बेड ढूंढें। ऐसे में लोगों को मजबूरी में अपने मरीजों को लेकर घर लौटना पड़ रहा है।
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सेक्टर-82 में रहने वाले विद्या रतन की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने पहले उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन अस्पताल की तरफ से कहा गया कि हम लोग एक दिन के लिए ही भर्ती कर सकते हैं। उसके बाद मरीज को दूसरे अस्पताल लेकर जाना होगा। मजबूरी में परिजनों ने कॉल सेंटर पर फोन किया। 
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जहां से मरीज की जानकारी लेने के बाद 2385 रजिस्ट्रेशन नंबर दिया गया। इसके बाद परिजन, मरीज को लेकर सेक्टर-39 कोविड अस्पताल चले गए। वहां रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाया, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करने से मना कर दिया। परिजनों ने फिर से कॉल सेंटर पर फोन किया तो जवाब मिला कि हमारा काम रजिस्ट्रेशन करना है। 

हम किसी अस्पताल को भर्ती करने के लिए निर्देश जारी नहीं कर सकते। अब मरीज की जिम्मेदारी है कि वो अस्पताल में खाली बेड देखे। मजबूरी में परिवार को घर लौटना पड़ा। पीड़ित की पत्नी ने बताया कि पति का ऑक्सीजन स्तर 70 से 63 के बीच पहुंच गया है। उन्हें डायबिटीज भी है। ऐसे में भर्ती करना बहुत जरूरी है। हमारी शादी के 18 साल बाद आईवीएफ से बेटी हुई है। हर अस्पताल में चक्कर काट लिए, लेकिन कोई भर्ती नहीं कर रहा।
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