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आठ हजार करोड़ से विकसित होगा एविएशन क्लस्टर
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ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास सेक्टर-10 में 500 एकड़ में हवाई जहाज के कल-पुर्जें बनाने वाली कंपनियों को जमीन का आवंटन होगा। इसका मकसद यहां एविएशन का पूरा ईको सिस्टम विकसित करना होगा। करीब 8,000 करोड़ से एविएशन क्लस्टर विकसित होगा। इसके लिए कई अमेरिकी कंपनियां यमुना प्राधिकरण के संपर्क में है। संभावना के मुताबिक अप्रैल में जमीन का आवंटन होगा।
यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुणवीर सिंह का कहना है कि 5 रनवे के एयरपोर्ट और एमआरओ के साथ एविएशन क्लस्टर भी विकसित करने की योजना है। इसके लिए कई अमेरिकी कंपनियों ने संपर्क किया है। कंपनियों ने प्रजेंटेशन भी दिया गया। यह कंपनियां निवेश के लिए इच्छुक हैं। प्रजेंटेशन देने वाली कंपनियों में बोइंग, जीई डिजिटल, हनीवेल, एलथ्रीहैरिस, लॉजिस्टिक प्लस, रेथियोन, स्मिथ्स डिटेक्शन, व्यूसी आईप्राइम और वाल्टर पी मोर जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने दिए गए प्रजेंटेशन में अपनी-अपनी योजनाएं बताई हैं। सीईओ का कहना है कि यहां हवाई जहाज के इंजन से जुड़ी मशीनों के अलावा दूसरे पार्ट्स का निर्माण हो सकेगा। इसके अलावा यहां एक एयरो स्पेस इंजीनियरिंग भी विकसित होगी। उनका कहना है कि यहां पूरा का पूरा इंडस्ट्रियल सेक्टर होगा और औद्योगिक कंपनियों को यहां निवेश कराने की योजना बनाई गई है, जो कि हवाई जहाज के कलपुर्जे बनाने का काम करते हैं। अधिकारियों का यह भी कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद यहां जमीन का आवंटन शुरू किया जाएगा।
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यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुणवीर सिंह का कहना है कि 5 रनवे के एयरपोर्ट और एमआरओ के साथ एविएशन क्लस्टर भी विकसित करने की योजना है। इसके लिए कई अमेरिकी कंपनियों ने संपर्क किया है। कंपनियों ने प्रजेंटेशन भी दिया गया। यह कंपनियां निवेश के लिए इच्छुक हैं। प्रजेंटेशन देने वाली कंपनियों में बोइंग, जीई डिजिटल, हनीवेल, एलथ्रीहैरिस, लॉजिस्टिक प्लस, रेथियोन, स्मिथ्स डिटेक्शन, व्यूसी आईप्राइम और वाल्टर पी मोर जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने दिए गए प्रजेंटेशन में अपनी-अपनी योजनाएं बताई हैं। सीईओ का कहना है कि यहां हवाई जहाज के इंजन से जुड़ी मशीनों के अलावा दूसरे पार्ट्स का निर्माण हो सकेगा। इसके अलावा यहां एक एयरो स्पेस इंजीनियरिंग भी विकसित होगी। उनका कहना है कि यहां पूरा का पूरा इंडस्ट्रियल सेक्टर होगा और औद्योगिक कंपनियों को यहां निवेश कराने की योजना बनाई गई है, जो कि हवाई जहाज के कलपुर्जे बनाने का काम करते हैं। अधिकारियों का यह भी कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद यहां जमीन का आवंटन शुरू किया जाएगा।
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