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Noida News: ग्रीन बेल्ट पर बनी दुकानों पर चला प्राधिकरण का बुलडोजर
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-ग्रेटर नोएडा सेक्टर-दो-तीन में अवैध दुकानें बनाकर किराये पर चढ़ाने का मामला
-प्राधिकरण की कार्रवाई का दुकानदारों ने किया विरोध
-दावा, ग्रीन बेल्ट में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-2 और 3 के बीच ग्रीनबेल्ट में अवैध रूप से बनी दो दर्जन से अधिक दुकानों पर प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की। माफिया ने झांसे में लेकर न केवल इनका निर्माण कराया था, बल्कि किराये पर भी उठा दिया। शनिवार को ग्रेनो प्राधिकरण की टीम ने सुबह छह बजे से इन दुकानों को तोड़ना शुरू किया तो दुकानदार हैरान रह गए। उनका कहना था कि गलती किसी और की है और खामियाजा भुगत रहे हैं वे लोग। प्राधिकरण का कहना है कि ऐसे नुकसान से बचने के लिए दुकान किराये पर लेने या खरीदने से पहले यह जरूर देख लें कि वह वैध है अथवा नहीं। दावा किया है कि ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
ग्रेटर नोएडा के पतवाड़ी गांव के पास की इस ग्रीनबेल्ट पर भूमाफिया ने दुकानें बनवाईं थीं। प्राधिकरण का कहना है कि यह मार्केट पूरी तरह अवैध है। इसको लेकर पूर्व में भी नोटिस दिए गए। इसके बाद भी दुकानों को खाली नहीं किया गया। ऐसे में प्राधिकरण को इनको तोड़ने की कार्रवाई करनी पड़ी। सुबह 6 बजे से शुरू हुई यह कार्रवाई करीब चार घंटे तक चली। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह ने इन दुकानों को तुड़वाया। कार्रवाई के बाद यहां करीब एक लाख वर्ग मीटर ग्रीन बेल्ट की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया। प्राधिकरण ने मलबा हटाने के साथ ही यहां पौधरोपण भी शुरू कर दिया है। ताकि दोबारा से कब्जा न हो। एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस के मुताबिक, 130 मीटर पर प्राइम लोकेशन की पतवाड़ी गांव के खसरा संख्या 663, 668, 670, 725, 729, 730, 739, 740 और 741 आदि की जमीन पर दुकानें बना ली गई थीं। इन्हें प्राधिकरण ने हटवा दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
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इनसेट-
सवाल, बनते समय क्या कर रहा था प्राधिकरण
प्राधिकरण की कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने जमकर विरोध किया। उनका आरोप है कि जब दुकानें यहां ग्रीनबेल्ट की जमीन पर बन रही थीं। उस समय क्यों नहीं रोका गया। अब जब उन्होंने व्यापार शुरू कर दिया तो प्राधिकरण ने दुकानों को तोड़ दिया। इससे उनका कारोबार पूरी तरह खत्म हो गया। इसे नई जगह पर दोबारा से शुरू करना आसान नहीं होगा।
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कार्रवाई के विरोध में किसानों का धरना
पतवाड़ी में ग्रेनो प्राधिकरण की कार्रवाई के विरोध में किसान धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा की अगुआई में किसान यहां जुटे। किसानों का आरोप है कि बिना किसी सूचना के निर्माण तोड़े गए। किसानों को अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं दिया गया। कार्रवाई में घर भी तोड़ दिए जाने का आरोप किसान संगठन ने लगाया है।
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-प्राधिकरण की कार्रवाई का दुकानदारों ने किया विरोध
-दावा, ग्रीन बेल्ट में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-2 और 3 के बीच ग्रीनबेल्ट में अवैध रूप से बनी दो दर्जन से अधिक दुकानों पर प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की। माफिया ने झांसे में लेकर न केवल इनका निर्माण कराया था, बल्कि किराये पर भी उठा दिया। शनिवार को ग्रेनो प्राधिकरण की टीम ने सुबह छह बजे से इन दुकानों को तोड़ना शुरू किया तो दुकानदार हैरान रह गए। उनका कहना था कि गलती किसी और की है और खामियाजा भुगत रहे हैं वे लोग। प्राधिकरण का कहना है कि ऐसे नुकसान से बचने के लिए दुकान किराये पर लेने या खरीदने से पहले यह जरूर देख लें कि वह वैध है अथवा नहीं। दावा किया है कि ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
ग्रेटर नोएडा के पतवाड़ी गांव के पास की इस ग्रीनबेल्ट पर भूमाफिया ने दुकानें बनवाईं थीं। प्राधिकरण का कहना है कि यह मार्केट पूरी तरह अवैध है। इसको लेकर पूर्व में भी नोटिस दिए गए। इसके बाद भी दुकानों को खाली नहीं किया गया। ऐसे में प्राधिकरण को इनको तोड़ने की कार्रवाई करनी पड़ी। सुबह 6 बजे से शुरू हुई यह कार्रवाई करीब चार घंटे तक चली। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह ने इन दुकानों को तुड़वाया। कार्रवाई के बाद यहां करीब एक लाख वर्ग मीटर ग्रीन बेल्ट की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया। प्राधिकरण ने मलबा हटाने के साथ ही यहां पौधरोपण भी शुरू कर दिया है। ताकि दोबारा से कब्जा न हो। एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस के मुताबिक, 130 मीटर पर प्राइम लोकेशन की पतवाड़ी गांव के खसरा संख्या 663, 668, 670, 725, 729, 730, 739, 740 और 741 आदि की जमीन पर दुकानें बना ली गई थीं। इन्हें प्राधिकरण ने हटवा दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
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इनसेट-
सवाल, बनते समय क्या कर रहा था प्राधिकरण
प्राधिकरण की कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने जमकर विरोध किया। उनका आरोप है कि जब दुकानें यहां ग्रीनबेल्ट की जमीन पर बन रही थीं। उस समय क्यों नहीं रोका गया। अब जब उन्होंने व्यापार शुरू कर दिया तो प्राधिकरण ने दुकानों को तोड़ दिया। इससे उनका कारोबार पूरी तरह खत्म हो गया। इसे नई जगह पर दोबारा से शुरू करना आसान नहीं होगा।
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कार्रवाई के विरोध में किसानों का धरना
पतवाड़ी में ग्रेनो प्राधिकरण की कार्रवाई के विरोध में किसान धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा की अगुआई में किसान यहां जुटे। किसानों का आरोप है कि बिना किसी सूचना के निर्माण तोड़े गए। किसानों को अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं दिया गया। कार्रवाई में घर भी तोड़ दिए जाने का आरोप किसान संगठन ने लगाया है।