फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Authority will take possession of both the canceled commercial plots

Noida News: निरस्त किए गए दोनों वाणिज्यिक प्लॉटों को कब्जे में लेगा प्राधिकरण

Tue, 14 May 2024 09:58 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2024 09:58 PM IST
विज्ञापन
Authority will take possession of both the canceled commercial plots
-एम3एम की सहायक कंपनियों के आवंटन को शासन ने किया है निरस्त
विज्ञापन

-अब प्राधिकरण की ओर से आदेश का किया जाएगा पालन

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-72 और 94 में एम3एम की दो सहायक कंपनियों स्काईलाइन प्रोपकॉन प्राइवेट लिमिटेड और लैविश बिल्डमार्ट प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किए गए प्लॉट के निरस्तीकरण के बाद अब प्राधिकरण इस पर कब्जा लेगा। यूपी शासन की ओर से निरस्तीकरण आदेश जारी करने के बाद आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ब्रोशर की शर्तों के इतर दोनों प्लॉट आवंटित करने का आरोप है। इस मामले में शिकायत के बाद प्राधिकरण स्तर पर इसकी जांच भी की गई थी। प्राधिकरण की ओर से रिपोर्ट देने के बाद शासन ने यह कार्रवाई की है।
प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक प्रमुख सचिव अनिल सागर की ओर से जारी किए गए आदेशों में बताया गया है कि दोनों प्लॉटों के आवंटन के दौरान सहायक कंपनियों के जो मानक तय किए गए हैं उनका पालन नहीं किया गया। इसके अलावा इसकी बोली पर भी सवाल उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि बोली लगाने के दौरान रिजर्व प्राइस से केवल 5 लाख की अधिक बोली पर जमीन का आवंटन कर दिया गया। इसमें किसी तरह की प्रतिस्पर्धा नहीं हो पाई। इन सभी बिंदुओं पर शिकायत हुई थी। इसके बाद शासन स्तर पर भी इसकी जांच की गई। हालांकि एम3एम की ओर से इस तरह के फैसले पर नाखुशी जताई गई है। उनका कहना है कि पक्ष जाने बिना इस तरह की कार्रवाई की गई।
विज्ञापन

सेक्टर-72 का तीन एकड़ के प्लॉट की कीमत 176.5 करोड़ और सेक्टर-94 के 13 एकड़ के प्लॉट की कीमत 827.3 करोड़ रुपए थी। इसका आवंटन फरवरी 2023 और नवंबर 2022 में किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

आवंटन निरस्त होने से फसेंगे निवेशक
एम3एम के अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं में बुकिंग भी हो चुकी है। इसके अलावा प्राधिकरण को भी पैसे जमा कराए गए हैं। परियोजना का आवंटन निरस्त करने की वजह से इसमें निवेशक फंसेंगे। ऐसे में शासन और प्राधिकरण को इस फैसले के बाबत एक बार फिर से सोचना चाहिए ताकि निवेशकों का नुकसान न हो।


इन्वेस्टर समिट में किया 7500 करोड़ का एमओयू
बीते वर्ष यूपी इन्वेस्टर समिट में एम3एम की ओर से इन प्रोजेक्टों को आधार बनाते हुए 7500 करोड़ के एमओयू पर साइन किया गया था। इन्वेस्ट समिट में बताया गया था कि इसके माध्यम से नोएडा में बड़ा निवेश किया जाएगा। अब जबकि आवंटन निरस्त किया गया है तो इससे यह निवेश भी प्रभावित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed