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Noida News: सस्ते में खरीदी जा सकती हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रामाणिक किताबें
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-विश्व पुस्तक मेले में 10वीं-12वीं के सैंपल पेपरों की जमकर हो रही है बिक्री
-सीबीएसई, आईसीएसई, आईएससी प्रश्न बैंक व आरएमटी कार्ड्स की बढ़ी मांग
आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली।
विश्व पुस्तक मेले में जितनी भी प्रतियोगी परीक्षाएं हैं उनकी प्रामाणिक किताबें कम मूल्य पर खरीदी जा सकती हैं। प्रगति मैदान मेले में एक छोर से दूसरे छोर तक ऐसे अनेक प्रकाशक हैं, जिनके यहां सीबीएसई, आईसीएसई, आईएससी के प्रश्न बैंक, आरएमटी कार्ड्स की जबरदस्त मांग है। परीक्षाओं के बीच चल रहे मेले में 10वीं-12वीं के सैंपल पेपर भी खूब बिक रहे हैं। सीयूईटी, सीटीईटी, यूपीएससी और राज्य स्तरीय परीक्षाओं की किताबों की बिक्री भी जमकर हो रही है।
परीक्षाओं से पहले आज कल बच्चे आरएमटी कार्ड्स के जरिए पाठ्यक्रम को दोहरा रहे हैं। मौजूदा समय बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में मेले में बच्चे अपने जरूरत के आरएमटी कार्ड्स ढूंढ रहे हैं। हॉल नंबर तीन में ओसवाल बुक्स के स्टाल पर स्कूली बच्चों की खासी भीड़ थी। ओसवाल बुक्स के एमडी नरेश जैन ने बताया कि पिछले एक-दो साल में आरएमटी कार्ड्स का चलन तेज हुआ है। ये गैजेट्स के फार्मेट में होते हैं। ताश के पत्तों की तरह इनके एक-एक कार्ड पर पूरा पाठ छोटे प्रारूप में मिल जाता है। उन्होंने दिखाया कि बच्चे एक से पांचवीं कक्षा तक के ओलंपियाड की मांग है। 12वीं के बच्चे अभी से नीट, जेई और सीयूईटी की किताबें मांग करे हैं।
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विषय विशेषज्ञों की किताबों पर जोर
हॉल नंबर दो में प्रभात प्रकाशन के यहां एनटीए, सीयूईटी की सुपर क्रैकर सीरीज, प्रवक्ता, पीजीटी की अनेक किताबें हैं। इनकी खूब मांग है। प्रकाशन प्रमुख प्रभात कुमार ने बताया कि आम तौर पर हिंदी माध्यम के परीक्षार्थियों को मलाल रहता है कि या तो वो अंग्रेजी की किताबें पढ़े या कुंजी का सहारा लें। ऐसे में उनके पास जितनी भी परीक्षाएं हैं उन सबकी किताबें पूर्व अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों द्वारा लिखी गई हैं। बच्चों की हिचक को दूर करने के लिए वो केवल हिंदी की प्रामाणिक किताबें ही लेकर आए हैं। इनके मूल्य बेहद कम रखे हैं। इसके अलावा स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम नायकों की पूरी श्रृंखला है।
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नोबल प्राइस लेखकों की किताबें ढूंढ रहे पाठक
विदेशी पवेलियन में पाठकों के बीच नोबल प्राइस लेखकों की किताबें ढूंढने का क्रेज देखा जा सकता है। नोबल प्राइस विनर एनी अर्नाक्स की किताबें यहां से लेकर जा रहे हैं। इनकी अ गर्ल स्टोरी, अ मेंस प्लेस, सिंपल पैशन, अ वूमंस स्टोरी, द ईयर्स, एक्सटीरियर्स, गेटिंग लॉस्ट और हैप्पेनिंग शीर्षक से किताबें मौजूद है। अतिथि देश फ्रांस का स्टाल वृहद है। रूस, अबू धाबी, साउथ अरब, हंगरी, श्रीलंका और ईरान के स्टाल सामान्य से लगते हैं। जी-20 देशों का एक अलग पवेलियन है। इसे भी तरीके से डिजाइन किया गया है।
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महत्वपूर्ण किताबों का हुआ लोकार्पण
- थीम पवेलियन में इंडिया एट 75 के अंतर्गत मनोज कुमार की पुस्तक नानाजी देशमुख एक महामानव का लोकार्पण शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया।
- प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पत्रकार हेमंत शर्मा की किताब देखो हमारी काशी पर हुई चर्चा में कवि डॉ कुमार विश्वास, ईशानी शर्मा, प्रकाशक प्रभात कुमार, पीयूष कुमार शामिल थे।
- यश पब्लिकेशन ने बुधवार को पेशे से डॉक्टर कुमार श्याम की किताब द पैंडेमिक (एक छद्म युद्ध) का लोकार्पण किया गया, जिसमें कोरोना वारियर्स वीर योद्धाओं की तरह बीमारी के खिलाफ लड़ते हैं।
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-सीबीएसई, आईसीएसई, आईएससी प्रश्न बैंक व आरएमटी कार्ड्स की बढ़ी मांग
आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली।
विश्व पुस्तक मेले में जितनी भी प्रतियोगी परीक्षाएं हैं उनकी प्रामाणिक किताबें कम मूल्य पर खरीदी जा सकती हैं। प्रगति मैदान मेले में एक छोर से दूसरे छोर तक ऐसे अनेक प्रकाशक हैं, जिनके यहां सीबीएसई, आईसीएसई, आईएससी के प्रश्न बैंक, आरएमटी कार्ड्स की जबरदस्त मांग है। परीक्षाओं के बीच चल रहे मेले में 10वीं-12वीं के सैंपल पेपर भी खूब बिक रहे हैं। सीयूईटी, सीटीईटी, यूपीएससी और राज्य स्तरीय परीक्षाओं की किताबों की बिक्री भी जमकर हो रही है।
परीक्षाओं से पहले आज कल बच्चे आरएमटी कार्ड्स के जरिए पाठ्यक्रम को दोहरा रहे हैं। मौजूदा समय बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में मेले में बच्चे अपने जरूरत के आरएमटी कार्ड्स ढूंढ रहे हैं। हॉल नंबर तीन में ओसवाल बुक्स के स्टाल पर स्कूली बच्चों की खासी भीड़ थी। ओसवाल बुक्स के एमडी नरेश जैन ने बताया कि पिछले एक-दो साल में आरएमटी कार्ड्स का चलन तेज हुआ है। ये गैजेट्स के फार्मेट में होते हैं। ताश के पत्तों की तरह इनके एक-एक कार्ड पर पूरा पाठ छोटे प्रारूप में मिल जाता है। उन्होंने दिखाया कि बच्चे एक से पांचवीं कक्षा तक के ओलंपियाड की मांग है। 12वीं के बच्चे अभी से नीट, जेई और सीयूईटी की किताबें मांग करे हैं।
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विषय विशेषज्ञों की किताबों पर जोर
हॉल नंबर दो में प्रभात प्रकाशन के यहां एनटीए, सीयूईटी की सुपर क्रैकर सीरीज, प्रवक्ता, पीजीटी की अनेक किताबें हैं। इनकी खूब मांग है। प्रकाशन प्रमुख प्रभात कुमार ने बताया कि आम तौर पर हिंदी माध्यम के परीक्षार्थियों को मलाल रहता है कि या तो वो अंग्रेजी की किताबें पढ़े या कुंजी का सहारा लें। ऐसे में उनके पास जितनी भी परीक्षाएं हैं उन सबकी किताबें पूर्व अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों द्वारा लिखी गई हैं। बच्चों की हिचक को दूर करने के लिए वो केवल हिंदी की प्रामाणिक किताबें ही लेकर आए हैं। इनके मूल्य बेहद कम रखे हैं। इसके अलावा स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम नायकों की पूरी श्रृंखला है।
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नोबल प्राइस लेखकों की किताबें ढूंढ रहे पाठक
विदेशी पवेलियन में पाठकों के बीच नोबल प्राइस लेखकों की किताबें ढूंढने का क्रेज देखा जा सकता है। नोबल प्राइस विनर एनी अर्नाक्स की किताबें यहां से लेकर जा रहे हैं। इनकी अ गर्ल स्टोरी, अ मेंस प्लेस, सिंपल पैशन, अ वूमंस स्टोरी, द ईयर्स, एक्सटीरियर्स, गेटिंग लॉस्ट और हैप्पेनिंग शीर्षक से किताबें मौजूद है। अतिथि देश फ्रांस का स्टाल वृहद है। रूस, अबू धाबी, साउथ अरब, हंगरी, श्रीलंका और ईरान के स्टाल सामान्य से लगते हैं। जी-20 देशों का एक अलग पवेलियन है। इसे भी तरीके से डिजाइन किया गया है।
महत्वपूर्ण किताबों का हुआ लोकार्पण
- थीम पवेलियन में इंडिया एट 75 के अंतर्गत मनोज कुमार की पुस्तक नानाजी देशमुख एक महामानव का लोकार्पण शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया।
- प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पत्रकार हेमंत शर्मा की किताब देखो हमारी काशी पर हुई चर्चा में कवि डॉ कुमार विश्वास, ईशानी शर्मा, प्रकाशक प्रभात कुमार, पीयूष कुमार शामिल थे।
- यश पब्लिकेशन ने बुधवार को पेशे से डॉक्टर कुमार श्याम की किताब द पैंडेमिक (एक छद्म युद्ध) का लोकार्पण किया गया, जिसमें कोरोना वारियर्स वीर योद्धाओं की तरह बीमारी के खिलाफ लड़ते हैं।