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अपोलो फार्मेसी का सुपरवाइजर कर रहा था ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कालाबाजारी, गिरफ्तार

Mon, 24 May 2021 01:34 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 24 May 2021 01:34 AM IST
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Apollo Pharmacy Supervisor was black marketing injections of black fungus arrested
नोएडा। जानलेवा साबित हो रहे ब्लैक फंगस के इंजेक्शन एम्फोटेरिसन बी 50 की कालाबाजारी कर रहे दो आरोपियों को कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से दो इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। आरोपियों में से एक अपोलो फार्मेसी का सुपरवाइजर है। ब्लैक फंगस मामले में यह कमिश्नरेट पुलिस की पहली कार्रवाई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को रविवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि शनिवार रात को सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल के पास से सिकंदराबाद निवासी अनुराग कुमार और सेक्टर-122 निवासी अंकित भट को गिरफ्तार किया है। दोनों फोर्टिस अस्पताल में ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाले इंजेक्शन बेचने आए थे। इनके पास से पुलिस ने दो इंजेक्शन बरामद किए हैं। आरोपी रेमडेसिविर और एम्फोटेरिसन जरूरतमंद लोगों को महंगे दामों में बेच रहे थे। सोशल मीडिया से जरूरतमंदों से संपर्क करते थे और अस्पतालों के पास जाकर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते थे।
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पूछताछ में पता चला कि दोनों इंजेक्शन के सैंपल दिखाकर विश्वास में लेते थे और इसके बाद मुंहमांगी कीमत वसूलते थे। अनुराग दिल्ली में अपोलो फार्मेसी में सुपरवाइजर है। वह अपनी जान-पहचान की फार्मेसी से सामान्य कीमत पर इंजेक्शन खरीदकर लाता था और इसे ब्लैक में बेचता था। पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पता लगा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
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5 से 7 गुना कीमत तक बेचते थे इंजेक्शन
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि ब्लैक फंगस में काम आने वाली जीवन रक्षक इंजेक्शन की कीमत 2000 से लेकर 3500 रुपये तक है, लेकिन गिरफ्तार दोनों आरोपी 5 से 7 गुना कीमत पर करीब 15000 से लेकर 20000 रुपये में बेचते थे। आरोपी अब तक 50 से अधिक ऐसे इंजेक्शन जरूरतमंद लोगों को नोएडा से लेकर एनसीआर के अन्य शहरों में बेच चुके हैं। इन लोगों ने कोविड-19 मरीजों के लिए जीवनरक्षक इंजेक्शन रेमडेसिविर की भी काफी मात्रा में कालाबाजारी की है।
मास्टरमाइंड अनुराग फार्मेसी ड्रेस पहनकर चलता था
पूछताछ में पता चला है कि पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अनुराग है। इसे दवाओं और इंजेक्शन के बारे में पूरी जानकारी थी। कोविड-19 दौर शुरू होने के बाद इसने पहले रे

मडेसिविर इंजेक्शन और बाद में ब्लैक फंगस में काम आने वाले इंजेक्शन को बेचना शुरू कर दिया। अनुराग फार्मेसी की ड्रेस पहनकर कालाबाजारी करने जाता था। इससे जरूरतमंद लोगों को मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े होने का एहसास होता था और आसानी से वह लोग विश्वास कर लेते थे। गिरफ्तार होने से पहले इन आरोपियों ने कई व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दिए थे। पुलिस इसका पता लगा रही है।
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