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Noida News: तीन लाख घरों में होगी पशुओं की गणना, लावारिस कुत्ते भी शामिल
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तीन लाख घरों में होगी पशुओं की गणना, लावारिस कुत्ते भी शामिल
-पहली बार किया गया गणना में बदलाव, 31 दिसंबर तक लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जनपद के तीन लाख घरों में पशुओं की गणना होगी। पहली बार गाय, भैंस, बिल्ली, ऊंट और हाथियों के अलावा लावारिस कुत्तों को भी शामिल किया गया है। 31 दिसंबर तक प्रजाति के अनुसार संख्या जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। गणना में लगे कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए डाटा एकत्र करके जानकारी अपलोड करेंगे। हर घर में जाकर जो पशु मिलेंगे उनकी जानकारी दी जाएगी।
हर चार साल में एक बार पशुओं की गणना की जाती है। वर्ष 2007 में जनपद में कुल पशुओ की संख्या 3.44 लाख थी। जबकि 2012 में बढ़कर 3.69 लाख हो गई थी। वहीं, 2019 में 3.79 लाख हो गई। 2012 से 2019 तक केवल 9962 पशु बढे। वहीं 2007 से 2012 तक 24,443 पशुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई थी। पिछले चार साल में ग्रामीण क्षेत्र में पशुओं की संख्या कम हुई है।
शहरीकरण दिख रहा असर
किसान और पशुपालक अपने आय के स्रोत में बदलाव करते दिखाई दे रहे हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में शहरीकरण होने के कारण ग्रामीण इलाके की अधिकांश जमीन अधिग्रहण कर ली गई है। खेती कम होती जा रही है। खेती के साथ ही गांवों में पशुपालन का काम भी कम हो रहा है।
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पंचायतवार की जाएगी गणना
पशुओं की सही गणना की जानकारी 31 दिसंबर के बाद ही लग सकेगी। पशुपालन विभाग ने ग्राम पंचायतवार गणना करने को कमर कस ली है। गणनाकारों को इसके लिए 9 रुपये प्रति घर के हिसाब से मानदेय भी दिया जाएगा। शासन ने हर पशु की नस्ल का आंकड़ा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पहली बार पशुओं की गणना में यह बदलाव किया जाएगा। गाय, भैंस के साथ बकरी, भेड़, कुत्ता, बिल्ली, घोड़ा, खच्चर, ऊंट, हाथी की संख्या का पता लग सकेगा।
80 गणनाकार होंगे शामिल
गणना करने में 80 गणनाकारों को लगाया जाएगा। इनमें सभी पशु फार्मासिस्ट, पशुधन प्रसार अधिकारी, सुपरवाइजर लगाए गए है। इनके लिए जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी बनाया गया है। गणना के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दनकौर के पशु चिकित्सा अधिकारी अक्षय कुमार को दीग गई है। गणना के दौरान प्रत्येक पशु को टैग लगाया जाएगा।
पशुओं की गणना ऑनलाइन होगी। आईडी नहीं बनने के कारण 1 सितंबर से पशु गणना नहीं हो पाई। जनपद में कर्मचारियों की आईडी बना दी गई है। जल्द ही काम शुरू करा दिया जाएगा। हर घर जाकर कर्मचारी पशु की गणना करेंगे। उसके बारे में जानकारी अपलोड की जाएगी।
डाॅ. विपिन कुमार अग्रवाल मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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-पहली बार किया गया गणना में बदलाव, 31 दिसंबर तक लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जनपद के तीन लाख घरों में पशुओं की गणना होगी। पहली बार गाय, भैंस, बिल्ली, ऊंट और हाथियों के अलावा लावारिस कुत्तों को भी शामिल किया गया है। 31 दिसंबर तक प्रजाति के अनुसार संख्या जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। गणना में लगे कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए डाटा एकत्र करके जानकारी अपलोड करेंगे। हर घर में जाकर जो पशु मिलेंगे उनकी जानकारी दी जाएगी।
हर चार साल में एक बार पशुओं की गणना की जाती है। वर्ष 2007 में जनपद में कुल पशुओ की संख्या 3.44 लाख थी। जबकि 2012 में बढ़कर 3.69 लाख हो गई थी। वहीं, 2019 में 3.79 लाख हो गई। 2012 से 2019 तक केवल 9962 पशु बढे। वहीं 2007 से 2012 तक 24,443 पशुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई थी। पिछले चार साल में ग्रामीण क्षेत्र में पशुओं की संख्या कम हुई है।
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शहरीकरण दिख रहा असर
किसान और पशुपालक अपने आय के स्रोत में बदलाव करते दिखाई दे रहे हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में शहरीकरण होने के कारण ग्रामीण इलाके की अधिकांश जमीन अधिग्रहण कर ली गई है। खेती कम होती जा रही है। खेती के साथ ही गांवों में पशुपालन का काम भी कम हो रहा है।
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पंचायतवार की जाएगी गणना
पशुओं की सही गणना की जानकारी 31 दिसंबर के बाद ही लग सकेगी। पशुपालन विभाग ने ग्राम पंचायतवार गणना करने को कमर कस ली है। गणनाकारों को इसके लिए 9 रुपये प्रति घर के हिसाब से मानदेय भी दिया जाएगा। शासन ने हर पशु की नस्ल का आंकड़ा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पहली बार पशुओं की गणना में यह बदलाव किया जाएगा। गाय, भैंस के साथ बकरी, भेड़, कुत्ता, बिल्ली, घोड़ा, खच्चर, ऊंट, हाथी की संख्या का पता लग सकेगा।
80 गणनाकार होंगे शामिल
गणना करने में 80 गणनाकारों को लगाया जाएगा। इनमें सभी पशु फार्मासिस्ट, पशुधन प्रसार अधिकारी, सुपरवाइजर लगाए गए है। इनके लिए जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी बनाया गया है। गणना के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दनकौर के पशु चिकित्सा अधिकारी अक्षय कुमार को दीग गई है। गणना के दौरान प्रत्येक पशु को टैग लगाया जाएगा।
पशुओं की गणना ऑनलाइन होगी। आईडी नहीं बनने के कारण 1 सितंबर से पशु गणना नहीं हो पाई। जनपद में कर्मचारियों की आईडी बना दी गई है। जल्द ही काम शुरू करा दिया जाएगा। हर घर जाकर कर्मचारी पशु की गणना करेंगे। उसके बारे में जानकारी अपलोड की जाएगी।
डाॅ. विपिन कुमार अग्रवाल मुख्य पशु चिकित्साधिकारी