{"_id":"61b39acf81826851c6509896","slug":"anganwadi-strike-continues-mewat-news-noi620549381","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी का धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी का धरना जारी
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नूंह। बुधवार से शुरू हुए जिला मुख्यालय पर आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों का धरना 3 दिनों से लगातार जारी है। उनके धरने पर जाने से एक और केंद्रों पर आने वाले छोटे बच्चों की समस्या बढ़ गई तो दूसरी और जिले के दूरदराज से नूंह आने में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई साल बाद अपनी मांगों को लेकर धरने पर आई आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्परों ने मांगों के पूरा होने पर ही धरने से हटने का फैसला लिया है। शुक्रवार को जिला सचिवालय के सामने बैठकर उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भी पूर्व की सरकारों के पदचिह्नों पर चल रही है। सरकार के अड़ियल रवैये के कारण वह धरने पर बैठने को मजबूर है। हर दिन जिला मुख्यालय पर सैकड़ों वर्कर धरने पर बैठी हैं। उनका कामकाज बंद होने के साथ दिनचर्या प्रभावित हो रही है। इस मौके पर आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन की जिला प्रधान रीटा धारीवाल ने बताया कि अब वह सरकार से आरपार की लड़ाई के लिए ही धरने पर बैठी है। उनकी 19 मुख्य मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार सिर्फ कोरे आश्वासन दे रही है जो अब नहीं चलने वाला है सरकार को उनकी मांगों को हर हाल में पूरा कराना होगा। तभी जाकर ही वह धरना को समाप्त कर सकती है। उनकी मुख्य मांगों में
आंगनबाड़ी वर्करों को सुपरवाइजर बनाकर पदोन्नति का लाभ दिया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों का बढ़ा किराया ग्रामीणों क्षेत्रों में 2 हजार व शहरी व कस्बों में 3 हजार और शहरों में 5 हजार किया जाए। उनके समय-समय पर बैठकों में बुलाने पर टीए डीए का लाभ दिया जाए। 18 किलोमीटर से अधिक दूरी पर किसी को नहीं बुलाया जाए। उनको मेडिकल अवकाश का लाभ दिया जाए। मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों पर हैल्पर की भर्ती की जाए। उनके लिए गर्मी सर्दी का अवकाश प्रदान किया जाए। ईंधन की राशि को बढ़ाया जाए। उनको गैस सिलेंडर भी विभाग प्रदान करें। लंबे समय से विभाग में खाली पड़े सभी पदों को भरा जाए। समय पर वेतन प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार उनके हितों की लगातार उपेक्षा कर रही है। जिससे उनको अनिश्चितकालीन धरने पर बैठना पड़ा है मांगों को पूरा नहीं होने तक उनका धरना जारी रहेगा।
सरकार को हमारी मांगों को प्रमुखता से पूरा कराना चाहिए। लगातार 3 दिनों से हम धरने पर बैठी है लेकिन सरकार अभी नींद में सो रही है।
रीटा धारीवाल, जिला प्रधान आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन
हमारी मांगों को पूरा कराने के बारे में सरकार ने सिर्फ आश्वासन कई बार दिया है लेकिन मांगों को पूरा कराने के नाम पर सरकार के पास कुछ नहीं है।
जमशीदा उमरा
वर्तमान सरकार कर्मचारियों के हितों की उपेक्षा में लगी है। हर महकमें के कर्मचारी सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर समय समय पर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार का अड़ियल रवैया है।
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पुष्पा देवी, आंगनबाड़ी वर्कर
अब हमें सरकार से आरपार की लड़ाई लडऩी है जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं कराया जाता है तब तक सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
कविता, आंगनबाड़ी वर्कर
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आंगनबाड़ी वर्करों को सुपरवाइजर बनाकर पदोन्नति का लाभ दिया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों का बढ़ा किराया ग्रामीणों क्षेत्रों में 2 हजार व शहरी व कस्बों में 3 हजार और शहरों में 5 हजार किया जाए। उनके समय-समय पर बैठकों में बुलाने पर टीए डीए का लाभ दिया जाए। 18 किलोमीटर से अधिक दूरी पर किसी को नहीं बुलाया जाए। उनको मेडिकल अवकाश का लाभ दिया जाए। मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों पर हैल्पर की भर्ती की जाए। उनके लिए गर्मी सर्दी का अवकाश प्रदान किया जाए। ईंधन की राशि को बढ़ाया जाए। उनको गैस सिलेंडर भी विभाग प्रदान करें। लंबे समय से विभाग में खाली पड़े सभी पदों को भरा जाए। समय पर वेतन प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार उनके हितों की लगातार उपेक्षा कर रही है। जिससे उनको अनिश्चितकालीन धरने पर बैठना पड़ा है मांगों को पूरा नहीं होने तक उनका धरना जारी रहेगा।
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सरकार को हमारी मांगों को प्रमुखता से पूरा कराना चाहिए। लगातार 3 दिनों से हम धरने पर बैठी है लेकिन सरकार अभी नींद में सो रही है।
रीटा धारीवाल, जिला प्रधान आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन
हमारी मांगों को पूरा कराने के बारे में सरकार ने सिर्फ आश्वासन कई बार दिया है लेकिन मांगों को पूरा कराने के नाम पर सरकार के पास कुछ नहीं है।
जमशीदा उमरा
वर्तमान सरकार कर्मचारियों के हितों की उपेक्षा में लगी है। हर महकमें के कर्मचारी सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर समय समय पर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार का अड़ियल रवैया है।
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पुष्पा देवी, आंगनबाड़ी वर्कर
अब हमें सरकार से आरपार की लड़ाई लडऩी है जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं कराया जाता है तब तक सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
कविता, आंगनबाड़ी वर्कर