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Noida News: सीट अनारक्षित होने से गहमा-गहमी का माहौल
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- दादरी नगर पालिका अध्यक्ष पद चुनाव में आया रोमांचक मोड़
- टिकट के लिए आकाओं के घर जाकर हाजिरी दे रहे संभावित उम्मीदवार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दादरी नगर पालिका के अन्य पिछड़ा वर्ग से सामान्य वर्ग में सीट के जाने से बाद से दादरी के नेताओं में गहमा-गहमी का माहौल है। यहां आरक्षण सूची जारी न होने तक सबसे अधिक गुर्जर नेता ही टिकट की लाइन में थे मगर, अब दादरी की सीट पर वैश्य और ब्राह्मण भी टिकट की लाइन में आगे आ गए हैं। निवर्तमान अध्यक्ष भी चुनाव के लिए तैयार है।
दरअसल पहली आरक्षण सूची में दादरी नगर पालिका पद के लिए पिछड़ा वर्ग के सीट आरक्षित की गई थी, इसके बाद निवर्तमान अध्यक्ष गीता पंडित चुनाव की दौड़ से हट गईं और गुर्जर समाज समेत कई अन्य समाज के नेता टिकट मांगने में जुट गए। भाजपा में तो सात से आठ नेता दादरी में नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोंकने लगे। मगर बृहस्पतिवार को फिर से आरक्षण सूची जारी हुई तो इसमें दादरी की सीट को अनारक्षित कर दिया गया। इसके बाद से चुनावी माहौल में एक बार फिर गर्मी आ गई। अब गीता पंडित समेत अन्य सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की पात्रता मिल गई है। मगर गुर्जर समाज समेत अन्य नेताओं ने भी हार नहीं मानी है और सभी ने अपने-अपने आकाओं के पास चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं।
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गुटबाजी का चल रहा दौर
जिले में इस समय भाजपा के दो धडे़ बने हुए हैं। इनमें दोनों गुट अपने-अपने पक्ष के नेताओं को चुनाव लड़ाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा देंगे। इन दोनों गुट में पिछले करीब एक साल से विवाद चला आ रहा है। अब अनारक्षित होने से नेताओं के सामने चुनौती अधिक बढ़ गई है। चूंकि पहले तो कुछ ही प्रत्याशी थे। मगर अब उनकी संख्या अधिक हो गई है।
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- टिकट के लिए आकाओं के घर जाकर हाजिरी दे रहे संभावित उम्मीदवार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दादरी नगर पालिका के अन्य पिछड़ा वर्ग से सामान्य वर्ग में सीट के जाने से बाद से दादरी के नेताओं में गहमा-गहमी का माहौल है। यहां आरक्षण सूची जारी न होने तक सबसे अधिक गुर्जर नेता ही टिकट की लाइन में थे मगर, अब दादरी की सीट पर वैश्य और ब्राह्मण भी टिकट की लाइन में आगे आ गए हैं। निवर्तमान अध्यक्ष भी चुनाव के लिए तैयार है।
दरअसल पहली आरक्षण सूची में दादरी नगर पालिका पद के लिए पिछड़ा वर्ग के सीट आरक्षित की गई थी, इसके बाद निवर्तमान अध्यक्ष गीता पंडित चुनाव की दौड़ से हट गईं और गुर्जर समाज समेत कई अन्य समाज के नेता टिकट मांगने में जुट गए। भाजपा में तो सात से आठ नेता दादरी में नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोंकने लगे। मगर बृहस्पतिवार को फिर से आरक्षण सूची जारी हुई तो इसमें दादरी की सीट को अनारक्षित कर दिया गया। इसके बाद से चुनावी माहौल में एक बार फिर गर्मी आ गई। अब गीता पंडित समेत अन्य सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की पात्रता मिल गई है। मगर गुर्जर समाज समेत अन्य नेताओं ने भी हार नहीं मानी है और सभी ने अपने-अपने आकाओं के पास चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं।
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गुटबाजी का चल रहा दौर
जिले में इस समय भाजपा के दो धडे़ बने हुए हैं। इनमें दोनों गुट अपने-अपने पक्ष के नेताओं को चुनाव लड़ाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा देंगे। इन दोनों गुट में पिछले करीब एक साल से विवाद चला आ रहा है। अब अनारक्षित होने से नेताओं के सामने चुनौती अधिक बढ़ गई है। चूंकि पहले तो कुछ ही प्रत्याशी थे। मगर अब उनकी संख्या अधिक हो गई है।
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