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Noida News: आम्रपाली जोडिएक में वाहनों की नई व्यवस्था पर बिफरे निवासी
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फोटो -- --
निवासी बोले- जब पहले से लगे पुराने स्टीकर, फिर नए लगाने की क्या जरूरत
पिछले दिनों वाहनों में नए स्टीकर न लगे होने पर रोका, जमकर हंगामा, अब तैनात की गई पुलिस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। आम्रपाली जोडिएक में वाहनों की व्यवस्था को लेकर लागू हुए नियम निवासियों के लिए परेशानी बनते जा रहे हैं। एक जून से वाहनों पर नए स्टीकर लागू करने के बाद दो दिन जमकर हंगामा हुआ। इस बीच पुलिस बुलानी पड़ी। अब एक हफ्ते के अंतराल में सभी के लिए अपने वाहनों पर नया स्टीकर लगाना अनिवार्य होगा।
सेक्टर-120 स्थित आम्रपाली जोडिएक सोसाइटी के निवासी गौरव असाती ने बताया कि सोसाइटी में साल 2023 में ऑटोमैटिक बूम बैरियर और फास्ट टैग आधारित वाहन प्रवेश प्रणाली लागू की गई थी। व्यवस्था के तहत करीब 800 वाहनों को टैग आधारित प्रवेश सुविधा दी गई थी, जिससे अधिकृत वाहन बिना रोक-टोक प्रवेश कर पाते थे और अनधिकृत वाहनों पर नियंत्रण बना रहता था।
दावा है कि फास्ट टैग प्रणाली लागू होने के बाद पुराने पार्किंग स्टीकरों की आवश्यकता खत्म हो गई थी। साल 2024 में नई एओए के गठन के बाद फास्ट टैग व्यवस्था समाप्त कर दोबारा पार्किंग स्टीकर प्रणाली लागू कर दी गई। आरोप है कि अब फास्ट टैग वाले वाहनों के लिए भी स्टीकर अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे मंगलवार को गेट पर वाहनों की कतारें लगने लगीं। इसके बाद मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने यह तय किया कि अगले एक हफ्ते में सभी निवासियों को अपने वाहनों में नए स्टीकर लगाने होंगे। उसके बाद नए स्टीकर के साथ ही प्रवेश अनिवार्य होगा।
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एक से ज्यादा वाहन, तो देनें होंगे 3500
गौरव असाती ने बताया कि एओए ने अब निवासियों पर नया भारी भरकम शुल्क थोप दिया है। एओए के अनुसार, यदि किसी निवासी के पास एक से ज्यादा वाहन हैं तो उसे अपने वाहन की पार्किंग के लिए 3500 रुपये हर महीने देने पड़ेंगे। तभी नया स्टीकर मिलेगा। इसको लेकर निवासी जमकर विरोध कर रहे हैं। जबकि एओए का दावा है कि एओए बोर्ड मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है।
14 वर्षों से नहीं हुआ पार्किंग का आवंटन
गौरव असाती ने बताया कि पिछले 14 वर्षों से सोसाइटी में पार्किंग का आवंटन नहीं हुआ है। बावजूद इसके एओए पार्किंग का शुल्क वसूल रही है, जबकि औपरचारिक रूप से पार्किंग का आवंटन न होने की स्थिति में शुल्क नहीं वसूला जा सकता है। ऐसे में निवासियों के लिए परेशानी बढ़ गई है।
एओए का दावा- नियम को लेकर पहले से जागरूक किया जा रहा
एओए अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एओए की ओर से पिछले तीन महीने पहले से ही क्लब हाउस व अन्य स्थानों पर शिविर लगाकर नए स्टीकर लगाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके लोग अपने वाहनों में स्टीकर नहीं लगा रहे थे। जबकि सार्वजनिक रूप से भी सभी को सूचना दी गई। इसके बाद एक जून से उसकी अनिवार्यता की भी जानकारी दी गई, इसके बाद जब लोगों को प्रवेश नहीं मिला, तब हंगामा हुआ, इसके बाद उन्हें हफ्तेभर का समय दिया गया है। इसके बाद फिर व्यवस्था यथावत लागू होगी। दरअसल, एओए का कहना है कि आमतौर पर लोग अपने ज्यादातर वाहन या नाते रिश्तेदारों के वाहन पार्किंग स्थल पर खड़ा कर देते हैं। कई बार ऐसी स्थिति भी देखी गई, जिसमें पाया गया है कि नाते रिश्तेदार बताकर कई कई दिनों तक उनके वाहन पार्किंग में पार्क रहते हैं। इसके चलते देर रात आने वाले निवासियों को अपने वाहन पार्क करने की जगह नहीं मिल पाती थी, जिससे अक्सर शिकायतें और हंगामा होता था। इसी को दूर करने के लिए स्टीकर प्रणाली और अन्य वाहनों के लिए शुल्क का निर्धारण किया गया है।
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निवासी बोले- जब पहले से लगे पुराने स्टीकर, फिर नए लगाने की क्या जरूरत
पिछले दिनों वाहनों में नए स्टीकर न लगे होने पर रोका, जमकर हंगामा, अब तैनात की गई पुलिस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। आम्रपाली जोडिएक में वाहनों की व्यवस्था को लेकर लागू हुए नियम निवासियों के लिए परेशानी बनते जा रहे हैं। एक जून से वाहनों पर नए स्टीकर लागू करने के बाद दो दिन जमकर हंगामा हुआ। इस बीच पुलिस बुलानी पड़ी। अब एक हफ्ते के अंतराल में सभी के लिए अपने वाहनों पर नया स्टीकर लगाना अनिवार्य होगा।
सेक्टर-120 स्थित आम्रपाली जोडिएक सोसाइटी के निवासी गौरव असाती ने बताया कि सोसाइटी में साल 2023 में ऑटोमैटिक बूम बैरियर और फास्ट टैग आधारित वाहन प्रवेश प्रणाली लागू की गई थी। व्यवस्था के तहत करीब 800 वाहनों को टैग आधारित प्रवेश सुविधा दी गई थी, जिससे अधिकृत वाहन बिना रोक-टोक प्रवेश कर पाते थे और अनधिकृत वाहनों पर नियंत्रण बना रहता था।
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दावा है कि फास्ट टैग प्रणाली लागू होने के बाद पुराने पार्किंग स्टीकरों की आवश्यकता खत्म हो गई थी। साल 2024 में नई एओए के गठन के बाद फास्ट टैग व्यवस्था समाप्त कर दोबारा पार्किंग स्टीकर प्रणाली लागू कर दी गई। आरोप है कि अब फास्ट टैग वाले वाहनों के लिए भी स्टीकर अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे मंगलवार को गेट पर वाहनों की कतारें लगने लगीं। इसके बाद मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने यह तय किया कि अगले एक हफ्ते में सभी निवासियों को अपने वाहनों में नए स्टीकर लगाने होंगे। उसके बाद नए स्टीकर के साथ ही प्रवेश अनिवार्य होगा।
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एक से ज्यादा वाहन, तो देनें होंगे 3500
गौरव असाती ने बताया कि एओए ने अब निवासियों पर नया भारी भरकम शुल्क थोप दिया है। एओए के अनुसार, यदि किसी निवासी के पास एक से ज्यादा वाहन हैं तो उसे अपने वाहन की पार्किंग के लिए 3500 रुपये हर महीने देने पड़ेंगे। तभी नया स्टीकर मिलेगा। इसको लेकर निवासी जमकर विरोध कर रहे हैं। जबकि एओए का दावा है कि एओए बोर्ड मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है।
14 वर्षों से नहीं हुआ पार्किंग का आवंटन
गौरव असाती ने बताया कि पिछले 14 वर्षों से सोसाइटी में पार्किंग का आवंटन नहीं हुआ है। बावजूद इसके एओए पार्किंग का शुल्क वसूल रही है, जबकि औपरचारिक रूप से पार्किंग का आवंटन न होने की स्थिति में शुल्क नहीं वसूला जा सकता है। ऐसे में निवासियों के लिए परेशानी बढ़ गई है।
एओए का दावा- नियम को लेकर पहले से जागरूक किया जा रहा
एओए अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एओए की ओर से पिछले तीन महीने पहले से ही क्लब हाउस व अन्य स्थानों पर शिविर लगाकर नए स्टीकर लगाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके लोग अपने वाहनों में स्टीकर नहीं लगा रहे थे। जबकि सार्वजनिक रूप से भी सभी को सूचना दी गई। इसके बाद एक जून से उसकी अनिवार्यता की भी जानकारी दी गई, इसके बाद जब लोगों को प्रवेश नहीं मिला, तब हंगामा हुआ, इसके बाद उन्हें हफ्तेभर का समय दिया गया है। इसके बाद फिर व्यवस्था यथावत लागू होगी। दरअसल, एओए का कहना है कि आमतौर पर लोग अपने ज्यादातर वाहन या नाते रिश्तेदारों के वाहन पार्किंग स्थल पर खड़ा कर देते हैं। कई बार ऐसी स्थिति भी देखी गई, जिसमें पाया गया है कि नाते रिश्तेदार बताकर कई कई दिनों तक उनके वाहन पार्किंग में पार्क रहते हैं। इसके चलते देर रात आने वाले निवासियों को अपने वाहन पार्क करने की जगह नहीं मिल पाती थी, जिससे अक्सर शिकायतें और हंगामा होता था। इसी को दूर करने के लिए स्टीकर प्रणाली और अन्य वाहनों के लिए शुल्क का निर्धारण किया गया है।