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Noida News: बिना सत्यापन फ्लैट विदेशियों को किराये पर देने का आरोप, लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता
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फोटो
- पूछताछ के लिए पुलिस ने कई विदेशी किरायेदारों को हिरासत में भी लिया था
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। यमुना सिटी के सेक्टर 22-डी सोसाइटी में विदेशी किरायेदारों को लेकर विवाद गहरा गया है। निवासियों का आरोप है कि बड़ी संख्या में विदेशी बिना आईडी और पुलिस वेरिफिकेशन के फ्लैटों में रह रहे हैं। मंगलवार देर रात पुलिस ने कुछ विदेशियों को हिरासत में भी लिया था। इसके बाद से लगातार सोसाइटी में सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई लखनऊ से आई पुलिस टीम ने की थी, जिन्होंने तकनीकी जांच के आधार पर इन लोगों का पता लगाया था। उधर, निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी के करीब 60 से 80 प्रतिशत फ्लैटों में विदेशी किरायेदार रह रहे हैं। इनमें अधिकांश अफ्रीकी मूल के हैं। आरोप है कि कुछ फ्लैट मालिक अधिक किराया मिलने के कारण बिना किसी पुलिस वेरिफिकेशन के फ्लैट किराए पर दे देते हैं। साथ ही सोसाइटी में देर रात तक विदेशियों का आना-जाना लगा रहता है। कई बार बालकनी के रास्ते एक फ्लैट से दूसरे फ्लैट में भी आवाजाही करते लोगों ने देखा, जिससे निवासियों में असुरक्षा का माहौल है।
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सोसाइटी में बिना पुलिस वेरिफिकेशन किसी को भी फ्लैट किराए पर नहीं दिया जाना चाहिए। जो फ्लैट बिना किसी सत्यापन के किराए पर दिए गए हैं, उन्हें खाली कराया जाना चाहिए।
-राकेश त्रिपाठी, अध्यक्ष, सेक्टर 22-डी सोसाइटी वेलफेयर एसोसिएशन
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सोसाइटी में विदेशी किरायेदारों की संख्या बढ़ रही है। कई लोग बिना किसी पहचान और सत्यापन के रह रहे हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता है। -समर्पित आर्य
देर रात तक सोसाइटी में आवाजाही और शोर-शराबा होता है। इससे निवासियों को परेशानी होती है। सभी किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर होना चाहिए। -राकेश त्यागी
कई फ्लैट मालिक बिना जांच-पड़ताल के फ्लैट किराए पर दे देते हैं। इससे सोसाइटी की छवि खराब हो रही है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। -राधेश्याम
सोसाइटी में रहने वाले सभी लोगों की पहचान और सत्यापन जरूरी है। यदि प्रशासन और सोसाइटी प्रबंधन मिलकर सख्ती करे तो इस समस्या का समाधान हो सकता है। -किशोर चंद, सोसाइटी निवासी
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- पूछताछ के लिए पुलिस ने कई विदेशी किरायेदारों को हिरासत में भी लिया था
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। यमुना सिटी के सेक्टर 22-डी सोसाइटी में विदेशी किरायेदारों को लेकर विवाद गहरा गया है। निवासियों का आरोप है कि बड़ी संख्या में विदेशी बिना आईडी और पुलिस वेरिफिकेशन के फ्लैटों में रह रहे हैं। मंगलवार देर रात पुलिस ने कुछ विदेशियों को हिरासत में भी लिया था। इसके बाद से लगातार सोसाइटी में सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई लखनऊ से आई पुलिस टीम ने की थी, जिन्होंने तकनीकी जांच के आधार पर इन लोगों का पता लगाया था। उधर, निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी के करीब 60 से 80 प्रतिशत फ्लैटों में विदेशी किरायेदार रह रहे हैं। इनमें अधिकांश अफ्रीकी मूल के हैं। आरोप है कि कुछ फ्लैट मालिक अधिक किराया मिलने के कारण बिना किसी पुलिस वेरिफिकेशन के फ्लैट किराए पर दे देते हैं। साथ ही सोसाइटी में देर रात तक विदेशियों का आना-जाना लगा रहता है। कई बार बालकनी के रास्ते एक फ्लैट से दूसरे फ्लैट में भी आवाजाही करते लोगों ने देखा, जिससे निवासियों में असुरक्षा का माहौल है।
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सोसाइटी में बिना पुलिस वेरिफिकेशन किसी को भी फ्लैट किराए पर नहीं दिया जाना चाहिए। जो फ्लैट बिना किसी सत्यापन के किराए पर दिए गए हैं, उन्हें खाली कराया जाना चाहिए।
-राकेश त्रिपाठी, अध्यक्ष, सेक्टर 22-डी सोसाइटी वेलफेयर एसोसिएशन
सोसाइटी में विदेशी किरायेदारों की संख्या बढ़ रही है। कई लोग बिना किसी पहचान और सत्यापन के रह रहे हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता है। -समर्पित आर्य
देर रात तक सोसाइटी में आवाजाही और शोर-शराबा होता है। इससे निवासियों को परेशानी होती है। सभी किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर होना चाहिए। -राकेश त्यागी
कई फ्लैट मालिक बिना जांच-पड़ताल के फ्लैट किराए पर दे देते हैं। इससे सोसाइटी की छवि खराब हो रही है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। -राधेश्याम
सोसाइटी में रहने वाले सभी लोगों की पहचान और सत्यापन जरूरी है। यदि प्रशासन और सोसाइटी प्रबंधन मिलकर सख्ती करे तो इस समस्या का समाधान हो सकता है। -किशोर चंद, सोसाइटी निवासी