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Noida News: मोबाइल टावर का काम कराने के बाद 22 करोड़ का भुगतान नहीं करने का आरोप
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कोर्ट के आदेश पर कोतवाली सेक्टर-126 पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मोबाइल टावर व केबल का काम पूरा कराने के बाद 22 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कराने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर एक कंपनी के तीन निदेशकों समेत सात के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-126 में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पटना के सुपर मार्केट के डीसी नेटवर्क कंपनी के प्रतिनिधि राहुल ने कोर्ट में अर्जी में बताया है कि गुरुग्राम के एटूजेड ग्रुप ऑफ कंपनी प्रबंधन ने 2021 में कंपनी से संपर्क किया था और नोएडा सेक्टर-126 में साइट दिखाई थी। इस दौरान निदेशक अमित मित्तल, शिवांग मित्तल व मनीष शर्मा, कंपनी सचिव अतुल अग्रवाल व गुलजीत सुरेखा और शकंर पॉल ने बताया था कि कंपनी को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय व नागालैंड में टावर लगाने व केबलिंग का ठेका मिला है। इस टेंडर पर पूर्व से काम कर रहे सावित्री टेलीकाम कंपनी प्रबंधन को एक सहायक कंपनी की जरूरत है। इसके बाद जनवरी, 2022 में दोनों के बीच एमओयू साइन हुआ। आरोप है कि डीसी नेटवर्क ने 25 करोड़ रुपये का काम कर दिया, लेकिन 22 करोड़ रुपये अब तक नहीं दी गई। एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मोबाइल टावर व केबल का काम पूरा कराने के बाद 22 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कराने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर एक कंपनी के तीन निदेशकों समेत सात के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-126 में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पटना के सुपर मार्केट के डीसी नेटवर्क कंपनी के प्रतिनिधि राहुल ने कोर्ट में अर्जी में बताया है कि गुरुग्राम के एटूजेड ग्रुप ऑफ कंपनी प्रबंधन ने 2021 में कंपनी से संपर्क किया था और नोएडा सेक्टर-126 में साइट दिखाई थी। इस दौरान निदेशक अमित मित्तल, शिवांग मित्तल व मनीष शर्मा, कंपनी सचिव अतुल अग्रवाल व गुलजीत सुरेखा और शकंर पॉल ने बताया था कि कंपनी को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय व नागालैंड में टावर लगाने व केबलिंग का ठेका मिला है। इस टेंडर पर पूर्व से काम कर रहे सावित्री टेलीकाम कंपनी प्रबंधन को एक सहायक कंपनी की जरूरत है। इसके बाद जनवरी, 2022 में दोनों के बीच एमओयू साइन हुआ। आरोप है कि डीसी नेटवर्क ने 25 करोड़ रुपये का काम कर दिया, लेकिन 22 करोड़ रुपये अब तक नहीं दी गई। एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।