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Noida News: उजीना ड्रेन में डेयरियों का रासायनिक पानी डालने का आरोप
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-प्रदूषित पानी से फसलों को नुकसान और भूजल खराब होने का खतरा
-किसानों में रोष, प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। क्षेत्र से गुजर रही उजीना ड्रेन में पनीर डेयरियों का रासायनिक और गंदा पानी डाले जाने का मामला सामने आया है। किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि कई डेयरी संचालक बिना किसी ट्रीटमेंट के डेयरियों का दूषित पानी सीधे ड्रेन में छोड़ रहे हैं, जिससे न केवल फसलों को नुकसान हो रहा है, बल्कि ड्रेन के किनारे बसे गांवों के भूजल के प्रदूषित होने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार उजीना ड्रेन में कई स्थानों पर डेयरियों का गंदा पानी डाला जा रहा है। इनमें एक डेयरी काटपुरी पुल के पास, एक मामलिका गांव के पुल के पास बनी हुई है। इसके अलावा भी क्षेत्र में संचालित कुछ अन्य डेयरियों का रासायनिक और दूषित पानी ड्रेन में बहाया जा रहा है। इससे ड्रेन का पानी काफी हद तक प्रदूषित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों की सिंचाई के लिए कई किसान इसी ड्रेन के पानी का उपयोग करते हैं। लेकिन जब इसमें डेयरियों का रासायनिक और गंदा पानी मिल जाता है तो इससे फसलों पर बुरा असर पड़ता है। इस पानी से सिंचाई करने पर फसलें कमजोर हो जाती हैं और उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
इदरीश फलेंडी, कादिर फलेंडी, मकसूद फलेंडी, शाहिद फलेंडी, जावेद मामलिका, आरिफ एडवोकेट मामलिका, अंसार, दाऊद खान, मोहम्मद सलीम और मोहम्मद आरिफ सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि डेयरियों का दूषित पानी ड्रेन में डालने से पानी की गुणवत्ता खराब हो जाती है। जब यही पानी खेतों में लगाया जाता है तो फसलों को नुकसान होता है। साथ ही ड्रेन के आसपास बसे गांवों में भूजल प्रदूषित होने का भी खतरा बढ़ गया है, जिससे पीने के पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
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फलेंडी गांव में बढ़ गए थे कैंसर के मरीज
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले फलेंडी गांव में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ने का मामला सामने आया था। उस समय भी कई ग्रामीणों ने पीने के पानी की खराब गुणवत्ता को इसका संभावित कारण बताया था। ऐसे में अब ड्रेन में डेयरियों का गंदा पानी डाले जाने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
………..
ड्रेन में डेयरियों का गंदा पानी डालने के मामले में कुछ संचालकों के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है, जबकि कुछ को नोटिस भी जारी किए गए हैं। यदि अब भी कोई डेयरी ड्रेन में पानी छोड़ता पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी
- मुबारिक खान कनिष्ठ अभियंता सिंचाई विभाग
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-किसानों में रोष, प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। क्षेत्र से गुजर रही उजीना ड्रेन में पनीर डेयरियों का रासायनिक और गंदा पानी डाले जाने का मामला सामने आया है। किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि कई डेयरी संचालक बिना किसी ट्रीटमेंट के डेयरियों का दूषित पानी सीधे ड्रेन में छोड़ रहे हैं, जिससे न केवल फसलों को नुकसान हो रहा है, बल्कि ड्रेन के किनारे बसे गांवों के भूजल के प्रदूषित होने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार उजीना ड्रेन में कई स्थानों पर डेयरियों का गंदा पानी डाला जा रहा है। इनमें एक डेयरी काटपुरी पुल के पास, एक मामलिका गांव के पुल के पास बनी हुई है। इसके अलावा भी क्षेत्र में संचालित कुछ अन्य डेयरियों का रासायनिक और दूषित पानी ड्रेन में बहाया जा रहा है। इससे ड्रेन का पानी काफी हद तक प्रदूषित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों की सिंचाई के लिए कई किसान इसी ड्रेन के पानी का उपयोग करते हैं। लेकिन जब इसमें डेयरियों का रासायनिक और गंदा पानी मिल जाता है तो इससे फसलों पर बुरा असर पड़ता है। इस पानी से सिंचाई करने पर फसलें कमजोर हो जाती हैं और उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
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इदरीश फलेंडी, कादिर फलेंडी, मकसूद फलेंडी, शाहिद फलेंडी, जावेद मामलिका, आरिफ एडवोकेट मामलिका, अंसार, दाऊद खान, मोहम्मद सलीम और मोहम्मद आरिफ सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि डेयरियों का दूषित पानी ड्रेन में डालने से पानी की गुणवत्ता खराब हो जाती है। जब यही पानी खेतों में लगाया जाता है तो फसलों को नुकसान होता है। साथ ही ड्रेन के आसपास बसे गांवों में भूजल प्रदूषित होने का भी खतरा बढ़ गया है, जिससे पीने के पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
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फलेंडी गांव में बढ़ गए थे कैंसर के मरीज
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले फलेंडी गांव में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ने का मामला सामने आया था। उस समय भी कई ग्रामीणों ने पीने के पानी की खराब गुणवत्ता को इसका संभावित कारण बताया था। ऐसे में अब ड्रेन में डेयरियों का गंदा पानी डाले जाने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
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ड्रेन में डेयरियों का गंदा पानी डालने के मामले में कुछ संचालकों के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है, जबकि कुछ को नोटिस भी जारी किए गए हैं। यदि अब भी कोई डेयरी ड्रेन में पानी छोड़ता पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी
- मुबारिक खान कनिष्ठ अभियंता सिंचाई विभाग