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सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डन मेट्रो का अलाइनमेंट जल्द होगा फाइनल
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नोएडा। सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डन की नई मेट्रो लाइन का अलाइनमेंट जल्द फाइनल होगा। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) ने इसके लिए चार विकल्प दिए हैं। इसकी रिपोर्ट एमडी को दे दी है, अब आखिरी बार मौके पर सर्वे किया जाएगा। इसके बाद अंतिम तौर पर एनएमआरसी अंतिम रिपोर्ट देगी, फिर आगे की कार्रवाई होगी।
एक्वा लाइन के सेक्टर-142 मेट्रो स्टेशन से ब्लू व मजेंटा लाइन के बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन को नई मेट्रो लाइन जोड़ेगी। शुरूआत में इसका अलाइनमेंट एक्सप्रेसवे के समानांतर रखा गया था, लेकिन बाद में इसे आवासीय इलाकों से लेकर जाने का फैसला लिया गया। इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा होगा। एनएमआरसी की ओर से एमडी की रिपोर्ट में नया कॉरिडोर पहले की अपेक्षा 900 मीटर बढ़ गया है। पहले 11.5 किलोमीटर लंबी लाइन प्रस्तावित की गई थी। इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) ने तैयार की है। डीपीआर में छह स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें सेक्टर-142, 91, 98, 97, 125 और बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन शामिल हैं, लेकिन अंतिम विकल्प के तौर पर कुछ स्टेशन अभी बदल सकते हैं। एनएमआरसी की एमडी ने बताया कि नई लाइन का कॉरिडोर हाईराइज सोसाइटियों से जाएगा। इसमें सेक्टर-108, 105 समेत दूसरे सेक्टर शामिल होंगे। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाना होगा।
नए कॉरिडोर के लिए होगी कई प्रक्रिया
नए कॉरिडोर को नोएडा और ग्रेनो प्राधिकरण से अप्रूवल कराना होगा। इसके बाद इसे बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके अलावा इसे प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। सरकार से अप्रूव कराने के बाद यह केंद्र सरकार के मंत्रालय में जाएगा। इसके बाद इसके डीपीआर की अनुमति मिलेगी।
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फंडिंग का होगा कोर इश्यू
इस कॉरिडोर में फंडिंग का कोर इश्यू फंसेगा क्योंकि पूरा कॉरिडोर नोएडा में होगा। इस वजह से ग्रेनो प्राधिकरण इसमें फंडिंग नहीं करेगा। इस वजह से सबसे बड़ी समस्या होगी कि इसे बनाने के लिए फंड कहां से लाया जाएगा, हालांकि केंद्र सरकार भी इसमेें सहायता करेगी। लेकिन केंद्र की सहायता आखिरी चरण में होगी। इससे पहले काम शुरू करने के लिए फंड की जरूरत होगी।
दो हजार करोड़ के खर्च का अनुमान
इस परियोजना पर करीब दो हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है, जबकि रोजाना करीब 30 हजार यात्री इस मेट्रो में सफर करेंगे। हालांकि यह शुरुआती आकलन है। इसमें भी आखिरी समय में बदलाव किया जा सकता है। एक फायदा यह होगा कि एक्वा लाइन का कार्ड इस कॉरिडोर पर भी काम करेगा।
सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डन मेट्रो कॉरिडोर का अलाइनमेंट जल्द फाइनल होगा। इसके लिए कुछ विकल्प मिले हैं। अब सर्वे किया जाएगा। इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसमें करीब 900 मीटर की दूरी बढ़ने की उम्मीद है। कॉरिडोर को हाइराइज सोसाइटियों से लेकर जाएंगे। - रितु माहेश्वरी, एमडी, एनएमआरसी
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एक्वा लाइन के सेक्टर-142 मेट्रो स्टेशन से ब्लू व मजेंटा लाइन के बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन को नई मेट्रो लाइन जोड़ेगी। शुरूआत में इसका अलाइनमेंट एक्सप्रेसवे के समानांतर रखा गया था, लेकिन बाद में इसे आवासीय इलाकों से लेकर जाने का फैसला लिया गया। इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा होगा। एनएमआरसी की ओर से एमडी की रिपोर्ट में नया कॉरिडोर पहले की अपेक्षा 900 मीटर बढ़ गया है। पहले 11.5 किलोमीटर लंबी लाइन प्रस्तावित की गई थी। इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) ने तैयार की है। डीपीआर में छह स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें सेक्टर-142, 91, 98, 97, 125 और बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन शामिल हैं, लेकिन अंतिम विकल्प के तौर पर कुछ स्टेशन अभी बदल सकते हैं। एनएमआरसी की एमडी ने बताया कि नई लाइन का कॉरिडोर हाईराइज सोसाइटियों से जाएगा। इसमें सेक्टर-108, 105 समेत दूसरे सेक्टर शामिल होंगे। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाना होगा।
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नए कॉरिडोर के लिए होगी कई प्रक्रिया
नए कॉरिडोर को नोएडा और ग्रेनो प्राधिकरण से अप्रूवल कराना होगा। इसके बाद इसे बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके अलावा इसे प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। सरकार से अप्रूव कराने के बाद यह केंद्र सरकार के मंत्रालय में जाएगा। इसके बाद इसके डीपीआर की अनुमति मिलेगी।
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फंडिंग का होगा कोर इश्यू
इस कॉरिडोर में फंडिंग का कोर इश्यू फंसेगा क्योंकि पूरा कॉरिडोर नोएडा में होगा। इस वजह से ग्रेनो प्राधिकरण इसमें फंडिंग नहीं करेगा। इस वजह से सबसे बड़ी समस्या होगी कि इसे बनाने के लिए फंड कहां से लाया जाएगा, हालांकि केंद्र सरकार भी इसमेें सहायता करेगी। लेकिन केंद्र की सहायता आखिरी चरण में होगी। इससे पहले काम शुरू करने के लिए फंड की जरूरत होगी।
दो हजार करोड़ के खर्च का अनुमान
इस परियोजना पर करीब दो हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है, जबकि रोजाना करीब 30 हजार यात्री इस मेट्रो में सफर करेंगे। हालांकि यह शुरुआती आकलन है। इसमें भी आखिरी समय में बदलाव किया जा सकता है। एक फायदा यह होगा कि एक्वा लाइन का कार्ड इस कॉरिडोर पर भी काम करेगा।
सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डन मेट्रो कॉरिडोर का अलाइनमेंट जल्द फाइनल होगा। इसके लिए कुछ विकल्प मिले हैं। अब सर्वे किया जाएगा। इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसमें करीब 900 मीटर की दूरी बढ़ने की उम्मीद है। कॉरिडोर को हाइराइज सोसाइटियों से लेकर जाएंगे। - रितु माहेश्वरी, एमडी, एनएमआरसी