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डार्क जोन में वायु प्रदूषण, कूड़े में जल रहे नियम
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ग्रेटर नोएडा के कैलाशपुर गांव में तालाब के पास लगी आग से उठता धुआं। संवाद
- फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। एक दिन की राहत के बाद नोएडा का वायु प्रदूषण फिर डार्क रेड जोन (अति गंभीर श्रेणी) में पहुंच गया है। शनिवार को नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 414 रहा। जबकि, ग्रेनो का एक्यूआई 392 रहा। नोएडा देश का तीसरा और ग्रेनो सातवां सबसे प्रदूषित शहर रहा। वहीं, वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपाय करने के बजाय जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। कैलाशपुर गांव में बड़ी मात्रा में कूड़ा जलाया गया। पिछले सप्ताह वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनसीआर में प्रदूषण के नियमों में छूट दी है। तब से एनसीआर में प्रदूषण काफी बढ़ गया है। ज्यादातर शहरों का एक्यूआई डार्क रेड जोन में बना है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी वायु प्रदूषण काफी ज्यादा है। शनिवार को नोएडा का एक्यूआई फिर डार्क रेड जोन में (414) पहुंच गया है, जो एक दिन पहले 397 था। नोएडा देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 368 से बढ़कर 392 पहुंच गया है। ग्रेनो देश का सातवां सबसे प्रदूषित शहर रहा। फरीदाबाद (432) पहला और दिल्ली (431) दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। वहीं, ग्रेनो में वायु प्रदूषण की रोकथाम नहीं होने से लोगों में रोष है। जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कैलाशपुर गांव में तालाब के पास कूड़ा जलाया गया। कूड़े में लगी आगे से आसपास खड़ी झाड़ियों ने भी आग पकड़ ली। वहां कई घंटे धुआं बना रहा। आरोप है कि प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से कोई नहीं पहुंचा।
बस में बिना मास्क नहीं कर सकेंगे यात्रा
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख सेक्टर-35 स्थित मोरना बस डिपो में बिना मास्क वाले यात्रियों को बस में बैठने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मास्क साथ नहीं लाने वाल यात्री डिपो से 10 रुपये में मास्क खरीद कर उसका इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं अगर मास्क नहीं पहनने पर डिपो कर्मचारियों पर 300 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। शुक्रवार से अब तक 10 कर्मचारियों के चालान काटे जा चुके हैं। वहीं कई बिना मास्क के यात्रियों को भी बस से उतारा गया है। डिपो एआरएम एनपी सिंह ने बताया कि डिपो में कोरोना दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी वायु प्रदूषण काफी ज्यादा है। शनिवार को नोएडा का एक्यूआई फिर डार्क रेड जोन में (414) पहुंच गया है, जो एक दिन पहले 397 था। नोएडा देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 368 से बढ़कर 392 पहुंच गया है। ग्रेनो देश का सातवां सबसे प्रदूषित शहर रहा। फरीदाबाद (432) पहला और दिल्ली (431) दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। वहीं, ग्रेनो में वायु प्रदूषण की रोकथाम नहीं होने से लोगों में रोष है। जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कैलाशपुर गांव में तालाब के पास कूड़ा जलाया गया। कूड़े में लगी आगे से आसपास खड़ी झाड़ियों ने भी आग पकड़ ली। वहां कई घंटे धुआं बना रहा। आरोप है कि प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से कोई नहीं पहुंचा।
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बस में बिना मास्क नहीं कर सकेंगे यात्रा
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख सेक्टर-35 स्थित मोरना बस डिपो में बिना मास्क वाले यात्रियों को बस में बैठने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मास्क साथ नहीं लाने वाल यात्री डिपो से 10 रुपये में मास्क खरीद कर उसका इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं अगर मास्क नहीं पहनने पर डिपो कर्मचारियों पर 300 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। शुक्रवार से अब तक 10 कर्मचारियों के चालान काटे जा चुके हैं। वहीं कई बिना मास्क के यात्रियों को भी बस से उतारा गया है। डिपो एआरएम एनपी सिंह ने बताया कि डिपो में कोरोना दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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