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Noida News: एआई से तेज होगी दवा की खोज, मरीजों तक पहुंचेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा
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एक्यूरेट कॉलेज ऑफ फार्मेसी में अंतरराष्ट्रीय हाइब्रिड सम्मेलन आयोजित मौजूद विशेषज्ञ स्त्रोत कॉल
फोटो-
- एक्यूरेट कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, 170 शोध पत्रों में सामने आए तकनीक के नए प्रयोग
ग्रेटर नोएडा (वि)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस्तेमाल से नई दवाओं की खोज से लेकर मरीजों को व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर एक्यूरेट कॉलेज ऑफ फार्मेसी में विशेषज्ञों ने मंथन किया। कॉलेज में जनरेटिव एआई और संगणकीय नवाचार विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हाइब्रिड सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें देश-विदेश के 170 विशेषज्ञों, शिक्षाविदों व शोधकर्ताओं के साथ 100 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में 170 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें कम्प्यूटेशनल और जनरेटिव एआई की मदद से ड्रग डिस्कवरी की प्रक्रिया को बेहतर बनाने, पहले से उपलब्ध दवाओं के नए चिकित्सीय उपयोग तलाशने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े शोध शामिल रहे। विद्यार्थियों ने पोस्टर के माध्यम से एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के मॉडल भी प्रस्तुत किए।
ओमान के डॉ. शाह आलम खान ने ड्रग डिस्कवरी में जनरेटिव एआई और मालदीव की डॉ. मोनिका अरोड़ा ने व्यक्तिगत चिकित्सा में एआई की संभावनाओं पर जानकारी दी। डॉ. सोकिंद्र कुमार और डॉ. राजेश अग्रवाल ने भी एआई आधारित औषधि अनुसंधान पर विचार रखे। निदेशक डॉ. ए.के. राय ने कहा कि एआई ने दवा अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। वहीं संस्थान की चेयरपर्सन पूनम शर्मा ने कहा कि ज्ञान, शोध और नवाचार पर आधारित ऐसे अकादमिक आयोजन विद्यार्थियों के शैक्षणिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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- एक्यूरेट कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, 170 शोध पत्रों में सामने आए तकनीक के नए प्रयोग
ग्रेटर नोएडा (वि)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस्तेमाल से नई दवाओं की खोज से लेकर मरीजों को व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर एक्यूरेट कॉलेज ऑफ फार्मेसी में विशेषज्ञों ने मंथन किया। कॉलेज में जनरेटिव एआई और संगणकीय नवाचार विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हाइब्रिड सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें देश-विदेश के 170 विशेषज्ञों, शिक्षाविदों व शोधकर्ताओं के साथ 100 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में 170 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें कम्प्यूटेशनल और जनरेटिव एआई की मदद से ड्रग डिस्कवरी की प्रक्रिया को बेहतर बनाने, पहले से उपलब्ध दवाओं के नए चिकित्सीय उपयोग तलाशने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े शोध शामिल रहे। विद्यार्थियों ने पोस्टर के माध्यम से एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के मॉडल भी प्रस्तुत किए।
ओमान के डॉ. शाह आलम खान ने ड्रग डिस्कवरी में जनरेटिव एआई और मालदीव की डॉ. मोनिका अरोड़ा ने व्यक्तिगत चिकित्सा में एआई की संभावनाओं पर जानकारी दी। डॉ. सोकिंद्र कुमार और डॉ. राजेश अग्रवाल ने भी एआई आधारित औषधि अनुसंधान पर विचार रखे। निदेशक डॉ. ए.के. राय ने कहा कि एआई ने दवा अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। वहीं संस्थान की चेयरपर्सन पूनम शर्मा ने कहा कि ज्ञान, शोध और नवाचार पर आधारित ऐसे अकादमिक आयोजन विद्यार्थियों के शैक्षणिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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