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भाजपा
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गुरुग्राम। उत्तरप्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनावों को देखते हुए भाजपा का पूरा जोर अब किसानों में उपजी नाराजगी को दूर करने पर है ताकि उन्हें फिर से पार्टी से जोड़कर चुनावी गणित को साधा जा सके। इसी पर मंथन के लिए रविवार को सेक्टर -44 स्थित अपरैल हाउस में भाजपा किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किसान आंदोलन की पहचान बन चुके ट्रैक्टर का विधिवत पूजन कर देश भर से पहुंचे किसान मोर्चा के नेताओं के साथ कृषि व किसान कल्याण पर मंथन किया।
नड्डा ने कहा कि किसान मोर्चा अपने संगठन को विस्तार दे और केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा किसान हित में चलाई जा रही योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें। कार्यकारिणी में किसान आंदोलन के दौरान उपजी किसानों की नाराजगी दूर करने, उन्हें सरकारी योजनाओं से अवगत कराने और इनका अधिकाधिक लाभ दिलाने पर फोकस किया गया। नड्डा ने कहा अब किसानों की मांग के अनुरूप तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है, इसलिए किसान मोर्चा के नेता किसानों के बीच जाकर उनका दुख-दर्द जानें। जमीनी स्तर पर उनसे जुड़े। उनसे आत्मीयता के संबंध बनाएं। किसानों की समस्याओं को सुने और समाधान कराएं ताकि उनकी नाराजगी दूर हो और वह पार्टी के साथ पहले की तरह से ही जुड़ें।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के ये नर्देश पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बहुत अहम माने जा रहे हैं, ताकि पार्टी इन राज्यों के विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर सके। इन पांच राज्यों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर शामिल हैं। किसान आंदोलन का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में बहुतायत में देखने को मिला था। किसानों की घर वापसी के बाद भाजपा किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ये सबसे बड़ी बैठक है। इससे पहले दोपहर में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यकारिणी के प्रथम सत्र का शुभारंभ किया था। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडीसा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर सहित कई प्रदेशों से प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए। पदाधिकारियों ने बीते एक वर्ष से चले रहे किसान आंदोलन के अलग अलग प्रभाव का विस्तृत आकलन किया। किसान मोर्चा के सभी प्रदेशाध्यक्षों ने अपने-अपने प्रदेश की स्थिति से अवगत कराया। खेती किसानी में आ रही दिक्कतें उनके प्रस्तावित समाधान, महंगाई, अधिकांश फसलों में न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने की मांग पर गहन मंथन हुआ। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने सभी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना और समझा। उन्होंने इसके कुछ नोट भी बनाए, जिस पर मंथन होता रहा। रात को नडडा के समक्ष इन सभी प्रस्तावों और सुझावों को पेश किया गया।
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नड्डा ने कहा कि किसान मोर्चा अपने संगठन को विस्तार दे और केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा किसान हित में चलाई जा रही योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें। कार्यकारिणी में किसान आंदोलन के दौरान उपजी किसानों की नाराजगी दूर करने, उन्हें सरकारी योजनाओं से अवगत कराने और इनका अधिकाधिक लाभ दिलाने पर फोकस किया गया। नड्डा ने कहा अब किसानों की मांग के अनुरूप तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है, इसलिए किसान मोर्चा के नेता किसानों के बीच जाकर उनका दुख-दर्द जानें। जमीनी स्तर पर उनसे जुड़े। उनसे आत्मीयता के संबंध बनाएं। किसानों की समस्याओं को सुने और समाधान कराएं ताकि उनकी नाराजगी दूर हो और वह पार्टी के साथ पहले की तरह से ही जुड़ें।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष के ये नर्देश पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बहुत अहम माने जा रहे हैं, ताकि पार्टी इन राज्यों के विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर सके। इन पांच राज्यों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर शामिल हैं। किसान आंदोलन का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में बहुतायत में देखने को मिला था। किसानों की घर वापसी के बाद भाजपा किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ये सबसे बड़ी बैठक है। इससे पहले दोपहर में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यकारिणी के प्रथम सत्र का शुभारंभ किया था। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडीसा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर सहित कई प्रदेशों से प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए। पदाधिकारियों ने बीते एक वर्ष से चले रहे किसान आंदोलन के अलग अलग प्रभाव का विस्तृत आकलन किया। किसान मोर्चा के सभी प्रदेशाध्यक्षों ने अपने-अपने प्रदेश की स्थिति से अवगत कराया। खेती किसानी में आ रही दिक्कतें उनके प्रस्तावित समाधान, महंगाई, अधिकांश फसलों में न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने की मांग पर गहन मंथन हुआ। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने सभी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना और समझा। उन्होंने इसके कुछ नोट भी बनाए, जिस पर मंथन होता रहा। रात को नडडा के समक्ष इन सभी प्रस्तावों और सुझावों को पेश किया गया।
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