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Noida News: प्रशासन ने सुपरटेक के एमडी को हिरासत में लिया, एक घंटे में छोड़ा
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फोटो:
सुपरटेक के एमडी को हिरासत में लिया, भुगतान का प्लान देने के बाद छोड़ा
- जिला प्रशासन ने यूपी रेरा की आरसी पर की कार्रवाई, दस दिनों की दी मोहलत
- करीब 31 करोड़ रुपये है बकाया, गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने सोमवार को उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपीरेरा) के वसूली प्रमाणपत्र (रिकवरी सर्टिफिकेट) का बकाया राशि नहीं देने पर सुपरटेक लिमिटेड के एमडी आरके अरोड़ा को हिरासत में ले लिया। बिल्डर पर करीब 31 करोड़ रुपये बकाया है। हालांकि कुछ घंटे बाद ही प्रशासन ने बिल्डर को रिहा कर दिया। प्रशासन का दावा है कि बिल्डर भुगतान करने को तैयार हो गया। बिल्डर को दस दिन की मोहलत दी गई है। इसी अवधि में बिल्डर को पांच करोड़ रुपये के समझौते के कागजात और दो करोड़ रुपये जमा कराने होंगे। पैसा जमा नहीं कराने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
अपर जिलाधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले माह जिला प्रशासन ने यूपी रेरा की आरसी का करीब 503 करोड़ रुपये वसूलने का अभियान शुरू किया था। अभियान के तहत 101 बकायेदार बिल्डरों की साइट व कार्यालय पर जाकर मुनादी कराई गई थी। बिल्डरों को 24 घंटे में आरसी का बकाया जमा करने का समय दिया गया था। तय समय में बिल्डरों ने पैसा जमा नहीं कराया। बकायेदारों की सूची में सुपरटेक बिल्डर भी शामिल है। मामले में सोमवार को सुपरटेक के एमडी आरके अरोड़ा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।
वारंट जारी होते ही बाद दादरी तहसील की टीम ने सुपरटेक के कार्यालय से एमडी आरके आरोड़ा को हिरासत में ले लिया। एमडी को दादरी तहसील लाया गया। जहां प्रशासन ने बकाया धनराशि जमा करने का दबाव बनाया। पैसा जमा नहीं करने पर बिल्डर को जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई। इसके बाद बिल्डर पैसा जमा करने को तैयार हो गया। प्रशासन ने बिल्डर को दस दिन की मोहलत दी है। बिल्डर को खरीदारों के साथ आपसी सहमति से 5 करोड़ रुपये की आरसी के समझौते करने का दावा किया है। बिल्डर ने दावा किया कि इस संबंध में खरीदारों से बातचीत चल रही है। बिल्डर को 5 करोड़ के समझौता पत्र और दो करोड़ रुपये जमा कराने होंगे। उसके बाद बाकी राशि का पेमेंट प्लान देना होगा। अगर बिल्डर दस दिन में पैसा नहीं देता है तो फिर गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
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कई बार सील हो चुका है कार्यालय
यूपी रेरा की आरसी का पैसा नहीं लौटाने पर जिला प्रशासन पहले भी सुपरटेक बिल्डर पर कार्रवाई कर चुका है। मार्च, 2022 में दादरी तहसील की टीम ने आरसी का पैसा नहीं देने पर नोएडा के सेक्टर 96 स्थित सुपरटेक बिल्डर का कार्यालय सील कर दिया था। वहीं सदर तहसील की टीम ने सुपरटेक बिल्डर के छह बैंक खाते फ्रीज कर 99 लाख रुपये जब्त किए थे। इसके अलावा बिल्डर की कई संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई भी हो चुकी है। इन दिनों यमुना प्राधिकरण क्षेत्र स्थित बिल्डर की परियोजना पर विवाद जारी है।
खरीदारों को पहले हुई खुशी फिर मायूसी
सुपरटेक के मालिक की गिरफ्तारी की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। खरीदारों ने सोशल मीडिया पर खुशी का इजहार किया। कई खरीदारों ने कहा कि प्रशासन को बहुत पहले यह कार्रवाई करनी चाहिए थी। हालांकि इस बीच जैसे ही बिल्डर को छोड़ने की पुष्टि हुई तो खरीदार मायूस हो गए। सोशल मीडिया पर खरीदारों ने पूरे प्रकरण पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं।
प्रशासन ने आरसी के मामले में सामान्य तौर पर बुलाया था। अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद वसूली प्रमाणपत्र के एवज में कुछ खरीदारों से समझौता और कुछ राशि देने के लिए पेमेंट प्लान सौंपा गया है। इसके बाद मैं वापस चला आया। गिरफ्तारी जैसी कोई बात नहीं हुई। इस तरह की सूचना भ्रामक है। - आर के अरोड़ा, एमडी सुपरटेक।
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सुपरटेक के एमडी को हिरासत में लिया, भुगतान का प्लान देने के बाद छोड़ा
- जिला प्रशासन ने यूपी रेरा की आरसी पर की कार्रवाई, दस दिनों की दी मोहलत
- करीब 31 करोड़ रुपये है बकाया, गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने सोमवार को उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपीरेरा) के वसूली प्रमाणपत्र (रिकवरी सर्टिफिकेट) का बकाया राशि नहीं देने पर सुपरटेक लिमिटेड के एमडी आरके अरोड़ा को हिरासत में ले लिया। बिल्डर पर करीब 31 करोड़ रुपये बकाया है। हालांकि कुछ घंटे बाद ही प्रशासन ने बिल्डर को रिहा कर दिया। प्रशासन का दावा है कि बिल्डर भुगतान करने को तैयार हो गया। बिल्डर को दस दिन की मोहलत दी गई है। इसी अवधि में बिल्डर को पांच करोड़ रुपये के समझौते के कागजात और दो करोड़ रुपये जमा कराने होंगे। पैसा जमा नहीं कराने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
अपर जिलाधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले माह जिला प्रशासन ने यूपी रेरा की आरसी का करीब 503 करोड़ रुपये वसूलने का अभियान शुरू किया था। अभियान के तहत 101 बकायेदार बिल्डरों की साइट व कार्यालय पर जाकर मुनादी कराई गई थी। बिल्डरों को 24 घंटे में आरसी का बकाया जमा करने का समय दिया गया था। तय समय में बिल्डरों ने पैसा जमा नहीं कराया। बकायेदारों की सूची में सुपरटेक बिल्डर भी शामिल है। मामले में सोमवार को सुपरटेक के एमडी आरके अरोड़ा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।
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वारंट जारी होते ही बाद दादरी तहसील की टीम ने सुपरटेक के कार्यालय से एमडी आरके आरोड़ा को हिरासत में ले लिया। एमडी को दादरी तहसील लाया गया। जहां प्रशासन ने बकाया धनराशि जमा करने का दबाव बनाया। पैसा जमा नहीं करने पर बिल्डर को जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई। इसके बाद बिल्डर पैसा जमा करने को तैयार हो गया। प्रशासन ने बिल्डर को दस दिन की मोहलत दी है। बिल्डर को खरीदारों के साथ आपसी सहमति से 5 करोड़ रुपये की आरसी के समझौते करने का दावा किया है। बिल्डर ने दावा किया कि इस संबंध में खरीदारों से बातचीत चल रही है। बिल्डर को 5 करोड़ के समझौता पत्र और दो करोड़ रुपये जमा कराने होंगे। उसके बाद बाकी राशि का पेमेंट प्लान देना होगा। अगर बिल्डर दस दिन में पैसा नहीं देता है तो फिर गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
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कई बार सील हो चुका है कार्यालय
यूपी रेरा की आरसी का पैसा नहीं लौटाने पर जिला प्रशासन पहले भी सुपरटेक बिल्डर पर कार्रवाई कर चुका है। मार्च, 2022 में दादरी तहसील की टीम ने आरसी का पैसा नहीं देने पर नोएडा के सेक्टर 96 स्थित सुपरटेक बिल्डर का कार्यालय सील कर दिया था। वहीं सदर तहसील की टीम ने सुपरटेक बिल्डर के छह बैंक खाते फ्रीज कर 99 लाख रुपये जब्त किए थे। इसके अलावा बिल्डर की कई संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई भी हो चुकी है। इन दिनों यमुना प्राधिकरण क्षेत्र स्थित बिल्डर की परियोजना पर विवाद जारी है।
खरीदारों को पहले हुई खुशी फिर मायूसी
सुपरटेक के मालिक की गिरफ्तारी की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। खरीदारों ने सोशल मीडिया पर खुशी का इजहार किया। कई खरीदारों ने कहा कि प्रशासन को बहुत पहले यह कार्रवाई करनी चाहिए थी। हालांकि इस बीच जैसे ही बिल्डर को छोड़ने की पुष्टि हुई तो खरीदार मायूस हो गए। सोशल मीडिया पर खरीदारों ने पूरे प्रकरण पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं।
प्रशासन ने आरसी के मामले में सामान्य तौर पर बुलाया था। अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद वसूली प्रमाणपत्र के एवज में कुछ खरीदारों से समझौता और कुछ राशि देने के लिए पेमेंट प्लान सौंपा गया है। इसके बाद मैं वापस चला आया। गिरफ्तारी जैसी कोई बात नहीं हुई। इस तरह की सूचना भ्रामक है। - आर के अरोड़ा, एमडी सुपरटेक।