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Noida News: गलगोटिया विश्वविद्यालय के आदित्य बने विश्व चैंपियन
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रूस के मुक्केबाज को हराकर गलगोटिया विश्वविद्यालय के आदित्य बने विश्व चैंपियन। स्रोत विवि
- अंडर-19 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के 55 किलोग्राम भार वर्ग में जीता स्वर्ण पदक
- फाइनल में रूस के मुक्केबाज को 4-1 से दी मात
फोटो-
यमुना सिटी (संवाद)। गलगोटिया विश्वविद्यालय के बीए अंग्रेजी के छात्र आदित्य ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने मोंटेनेग्रो के बुडवा में आयोजित अंडर-19 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पुरुषों के 55 किलोग्राम भार वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
27 अक्तूबर को खेले गए फाइनल मुकाबले में आदित्य ने रूस के मुक्केबाज इस्लाम मागोमेदोव को 4-1 से हराया। शुरुआत में उन्हें कड़ी चुनौती मिली। पहले राउंड के बाद वह 3-2 से पीछे थे, लेकिन दूसरे राउंड में शानदार वापसी करते हुए 4-1 से बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। आदित्य इस चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में अजरबैजान के निहात गैसिमोव को 5-0 से हराया था। क्वार्टर फाइनल में जीत के साथ उन्होंने पदक पक्का किया था। विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने आदित्य को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय के साथ देश का मान बढ़ाया है। वर्ल्ड बॉक्सिंग के तत्वावधान में 14 से 28 अक्तूबर तक हुई प्रतियोगिता में 2008 और 2009 में जन्मे मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया। भारत ने चार पदक जीते। आदित्य ने स्वर्ण, मेघा श्योकंद ने रजत और हर्षिका तथा प्राची तोकस ने कांस्य पदक हासिल किया। रूस पांच स्वर्ण के साथ पहले स्थान पर रहा।
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- फाइनल में रूस के मुक्केबाज को 4-1 से दी मात
फोटो-
यमुना सिटी (संवाद)। गलगोटिया विश्वविद्यालय के बीए अंग्रेजी के छात्र आदित्य ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने मोंटेनेग्रो के बुडवा में आयोजित अंडर-19 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पुरुषों के 55 किलोग्राम भार वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
27 अक्तूबर को खेले गए फाइनल मुकाबले में आदित्य ने रूस के मुक्केबाज इस्लाम मागोमेदोव को 4-1 से हराया। शुरुआत में उन्हें कड़ी चुनौती मिली। पहले राउंड के बाद वह 3-2 से पीछे थे, लेकिन दूसरे राउंड में शानदार वापसी करते हुए 4-1 से बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। आदित्य इस चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में अजरबैजान के निहात गैसिमोव को 5-0 से हराया था। क्वार्टर फाइनल में जीत के साथ उन्होंने पदक पक्का किया था। विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने आदित्य को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय के साथ देश का मान बढ़ाया है। वर्ल्ड बॉक्सिंग के तत्वावधान में 14 से 28 अक्तूबर तक हुई प्रतियोगिता में 2008 और 2009 में जन्मे मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया। भारत ने चार पदक जीते। आदित्य ने स्वर्ण, मेघा श्योकंद ने रजत और हर्षिका तथा प्राची तोकस ने कांस्य पदक हासिल किया। रूस पांच स्वर्ण के साथ पहले स्थान पर रहा।
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