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Noida News: एबीवीपी के प्रदर्शनकारी छात्रों ने केसीसी कॉलेज के गेट पर जड़ा ताला
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एबीवीपी के प्रदर्शनकारी छात्रों ने केसीसी कॉलेज के गेट पर जड़ा ताला
बीटेक छात्रा की आत्महत्या का मामला, कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दिया धरना
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे केसीसी कॉलेज के प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने करीब चार घंटे तक प्रवेश द्वार पर धरना देकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्रों ने आरोप लगाया कि मानसिक दबाव के चलते छात्रा खुशबू ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया। इस कारण आरोपी छात्रों पर कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन के प्रांत मंत्री गौरव गौड़ ने बताया कि आंदोलन कॉलेज की प्रशासनिक लापरवाही, अमानवीयता और शिक्षा व्यवस्था में फैली अव्यवस्था के विरुद्ध था, जिसमें परिषद ने कुल 10 ठोस मांगें प्रस्तुत कीं। जिनमें प्रमुख रूप से आरोपियों पर नामजद हत्या का मुकदमा, शिक्षा में छात्र भागीदारी, कॉलेजों में वेलनेस सेंटर की स्थापना और केसीसी कॉलेज की व्यवस्थागत खामियों की जांच शामिल थी। धरने के अंत में एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल और कॉलेज प्रशासन के बीच विस्तृत वार्ता हुई, जिसमें प्रशासन ने परिषद की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया। महानगर संगठन मंत्री शुभम भाटी ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने छात्रा की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया और न ही समय रहते समाधान की कोशिश की। यही वजह रही कि छात्रा लगातार तनाव में रही और उसने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठा लिया। छात्रों के प्रर्दशन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से वार्ता के दौरान बताया कि मामले में संबंधित नाम एसएचओ बीटा-2 को दे दिए गए हैं। परीक्षा केंद्र अधीक्षक की योग्यता 11 अगस्त 2025 को सार्वजनिक की जाएगी। आंतरिक एसआईटी पहले ही गठित की जा चुकी है। व्यक्तिगत छात्रों की भलाई के लिए एक समिति गठित की जाएगी। बोर्ड ऑफ गवर्नेंस में छात्रों का प्रतिनिधित्व बनाए रखा जाएगा।
दो प्रोफेसरों को किया गया निलंबित
गौरतलब है कि बिहार के वैशाली की खुशबू (19) नॉलेज पार्क स्थित जीएनआईओटी कॉलेज में बीटेक (एआईबीएस) प्रथम वर्ष की छात्रा थी। बीती मंगलवार रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा के भाई का आरोप है कि केसीसी कॉलेज में 9 जुलाई को छात्रा परीक्षा देने गई थी। परीक्षा के दौरान वह वॉशरूम गई थी। वहां से वापस आने पर शिक्षक ने सीट पर नकल की पर्ची मिलने की बात कहकर उसकी उत्तर पुस्तिका जब्त कर नई उत्तर पुस्तिका दी थी। तभी से छात्रा तनाव में चल रही थी। छात्रा के आत्महत्या के मामले की जांच के लिए केसीसी इंस्टीट्यट कॉलेज की ओर से पांच सदस्यों की जांच समिति गठित की गई है। जांच समिति में गीतांजली मित्तल, केशव कुमार झा, डॉ नाजिया तबस्सुम, डॉ. नेहा शर्मा और डॉ रुचि मिश्रा शामिल हैं। समिति 10 अगस्त तक जांच कर अपनी रिपोर्ट बीटा-2 कोतवाली पुलिस को सौंपगी। प्रबंधन की ओर से मामले में दो प्रोफेसर पीके प्रधान और डॉ प्रवेश चंद्र श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है।
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बीटेक छात्रा की आत्महत्या का मामला, कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दिया धरना
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे केसीसी कॉलेज के प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने करीब चार घंटे तक प्रवेश द्वार पर धरना देकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्रों ने आरोप लगाया कि मानसिक दबाव के चलते छात्रा खुशबू ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया। इस कारण आरोपी छात्रों पर कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन के प्रांत मंत्री गौरव गौड़ ने बताया कि आंदोलन कॉलेज की प्रशासनिक लापरवाही, अमानवीयता और शिक्षा व्यवस्था में फैली अव्यवस्था के विरुद्ध था, जिसमें परिषद ने कुल 10 ठोस मांगें प्रस्तुत कीं। जिनमें प्रमुख रूप से आरोपियों पर नामजद हत्या का मुकदमा, शिक्षा में छात्र भागीदारी, कॉलेजों में वेलनेस सेंटर की स्थापना और केसीसी कॉलेज की व्यवस्थागत खामियों की जांच शामिल थी। धरने के अंत में एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल और कॉलेज प्रशासन के बीच विस्तृत वार्ता हुई, जिसमें प्रशासन ने परिषद की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया। महानगर संगठन मंत्री शुभम भाटी ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने छात्रा की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया और न ही समय रहते समाधान की कोशिश की। यही वजह रही कि छात्रा लगातार तनाव में रही और उसने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठा लिया। छात्रों के प्रर्दशन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से वार्ता के दौरान बताया कि मामले में संबंधित नाम एसएचओ बीटा-2 को दे दिए गए हैं। परीक्षा केंद्र अधीक्षक की योग्यता 11 अगस्त 2025 को सार्वजनिक की जाएगी। आंतरिक एसआईटी पहले ही गठित की जा चुकी है। व्यक्तिगत छात्रों की भलाई के लिए एक समिति गठित की जाएगी। बोर्ड ऑफ गवर्नेंस में छात्रों का प्रतिनिधित्व बनाए रखा जाएगा।
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दो प्रोफेसरों को किया गया निलंबित
गौरतलब है कि बिहार के वैशाली की खुशबू (19) नॉलेज पार्क स्थित जीएनआईओटी कॉलेज में बीटेक (एआईबीएस) प्रथम वर्ष की छात्रा थी। बीती मंगलवार रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा के भाई का आरोप है कि केसीसी कॉलेज में 9 जुलाई को छात्रा परीक्षा देने गई थी। परीक्षा के दौरान वह वॉशरूम गई थी। वहां से वापस आने पर शिक्षक ने सीट पर नकल की पर्ची मिलने की बात कहकर उसकी उत्तर पुस्तिका जब्त कर नई उत्तर पुस्तिका दी थी। तभी से छात्रा तनाव में चल रही थी। छात्रा के आत्महत्या के मामले की जांच के लिए केसीसी इंस्टीट्यट कॉलेज की ओर से पांच सदस्यों की जांच समिति गठित की गई है। जांच समिति में गीतांजली मित्तल, केशव कुमार झा, डॉ नाजिया तबस्सुम, डॉ. नेहा शर्मा और डॉ रुचि मिश्रा शामिल हैं। समिति 10 अगस्त तक जांच कर अपनी रिपोर्ट बीटा-2 कोतवाली पुलिस को सौंपगी। प्रबंधन की ओर से मामले में दो प्रोफेसर पीके प्रधान और डॉ प्रवेश चंद्र श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है।
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