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डेढ़ करोड़ कीमत के 5.64 क्विंटल गांजे संग 8 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
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ग्रेटर नोएडा। एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की नोएडा यूनिट से आठ गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से दो कारों में भरी 5.64 क्विंटल गांजे की खेप और छह मोबाइल बरामद किए हैं। बरामद गांजे की कीमत डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है। सभी तेलंगाना, ओडिशा और आंध प्रदेश से कार में गांजा लाकर एनसीआर व वेस्ट यूपी के कई शहरों में बिक्री करते हैं। आरोपियों की पहचान मेरठ निवासी इरशाद, फिरोज, सलमान, आरिफ, दिव्यांश कुमार, मुजफ्फरनगर के शाहिद, बागपत के अफजाल अब्बासी, राजस्थान निवासी तेजपाल के रूप में हुई। तेजपाल फिलहाल आंध्र प्रदेश में फ्लैट लेकर रहता है और वहीं तस्करों के संपर्क में है। एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्र ने बताया कि शुक्रवार को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि मादक पदार्थ की तस्करी करने वाला एक गिरोह तेलंगाना और ओडिशा से कार में सवार होकर आया हैै। एसटीएफ ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को घेराबंदी कर नगर पंचायत कार्यालय के पास से कार रुकवा गिरफ्तार कर लिया।
पुुराने एलईडी बल्ब बेचते-बेचते तस्कर बन गया पांचवीं पास
एसटीएफ ने आरोपियों को गिरफ्तार कर गहन पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि इरशाद 5वीं पास है। वह पूर्व में खराब एलईडी बल्ब ठीक कराकर 100 रुपये चार बेचने का काम करता था। मुजफ्फरनगर निवासी सलीम उसका रिश्तेदार है जो पहले से ही गांजा तस्करी करता है। सलीम के संपर्क में आकर इरशाद भी गांजा तस्कर बन गया। सलीम ने अपने साथी अमान निवासी मेरठ और विकास त्यागी के साथ इरशाद को गांजा तस्करी में लगा दिया। पकड़े गए आरोपियों में शाहिद के खिलाफ मुजफ्फरनगर में डकैती व हत्या की कोशिश का भी केस दर्ज है।
कार में खिड़की के नीचे बनाई डिग्गियां
आरोपियों ने अपनी कारों में खिड़कियों के पास डिग्गियां बनाईं हुईं थीं। जिससे चेकिंग के बावजूद वह गांजा तस्करी में कामयाब हो जाते थे। आरोपी आगरा होते हुए एनसीआर के गौतमबुद्घ नगर, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर आदि शहरों में गांजा बेचते थे। आरोपी 2500 रुपये प्रति किलो की दर से गांजा खरीदते औ दोगुना से अधिक कीमत पर बिक्री करते थे।
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शिक्षण संस्थानों तक फैला है जाल, निशाने पर हैं युवा
आरोपी एनसीआर और वेस्ट यूपी के फुटकर गांजा तस्करों के संपर्क में हैं। आरोपी इन्हें किलो के हिसाब से गांजा बेचते थे। इसके बाद फुटकर विक्रेता पुड़िया बनाकर इनकी बिक्री करते हैं। इनका जाल गौतमबुद्घ नगर से लेकर पूरे एनसीआर व वेस्ट यूपी के शिक्षण संस्थानों तक फैला हुआ है। आरोपी किसी एक निश्चित स्थान या फिर ऑन डिमांड कॉल करने पर गांजे की पुड़िया बेचते हैं। आरोपी युवा व छात्र-छात्राओं को नशे का आदि बनाते हैं।
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पुुराने एलईडी बल्ब बेचते-बेचते तस्कर बन गया पांचवीं पास
एसटीएफ ने आरोपियों को गिरफ्तार कर गहन पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि इरशाद 5वीं पास है। वह पूर्व में खराब एलईडी बल्ब ठीक कराकर 100 रुपये चार बेचने का काम करता था। मुजफ्फरनगर निवासी सलीम उसका रिश्तेदार है जो पहले से ही गांजा तस्करी करता है। सलीम के संपर्क में आकर इरशाद भी गांजा तस्कर बन गया। सलीम ने अपने साथी अमान निवासी मेरठ और विकास त्यागी के साथ इरशाद को गांजा तस्करी में लगा दिया। पकड़े गए आरोपियों में शाहिद के खिलाफ मुजफ्फरनगर में डकैती व हत्या की कोशिश का भी केस दर्ज है।
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कार में खिड़की के नीचे बनाई डिग्गियां
आरोपियों ने अपनी कारों में खिड़कियों के पास डिग्गियां बनाईं हुईं थीं। जिससे चेकिंग के बावजूद वह गांजा तस्करी में कामयाब हो जाते थे। आरोपी आगरा होते हुए एनसीआर के गौतमबुद्घ नगर, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर आदि शहरों में गांजा बेचते थे। आरोपी 2500 रुपये प्रति किलो की दर से गांजा खरीदते औ दोगुना से अधिक कीमत पर बिक्री करते थे।
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शिक्षण संस्थानों तक फैला है जाल, निशाने पर हैं युवा
आरोपी एनसीआर और वेस्ट यूपी के फुटकर गांजा तस्करों के संपर्क में हैं। आरोपी इन्हें किलो के हिसाब से गांजा बेचते थे। इसके बाद फुटकर विक्रेता पुड़िया बनाकर इनकी बिक्री करते हैं। इनका जाल गौतमबुद्घ नगर से लेकर पूरे एनसीआर व वेस्ट यूपी के शिक्षण संस्थानों तक फैला हुआ है। आरोपी किसी एक निश्चित स्थान या फिर ऑन डिमांड कॉल करने पर गांजे की पुड़िया बेचते हैं। आरोपी युवा व छात्र-छात्राओं को नशे का आदि बनाते हैं।