{"_id":"6ae4ce686b68f7a6230bb2f0","slug":"72000-evs-are-on-the-roads-with-only-842-charging-stations-available-grnoida-news-c-1-noi1095-4889805-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: 72 हजार ईवी दौड़ रहीं सड़कों पर, चार्जिंग के लिए सिर्फ 842 स्टेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: 72 हजार ईवी दौड़ रहीं सड़कों पर, चार्जिंग के लिए सिर्फ 842 स्टेशन
विज्ञापन
वाहन बढ़ाने पर जोर, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की रफ्तार धीमी
प्रदूषण नियंत्रण की नीति पर सुविधाओं की कमी पड़ रही भारी
चार महीने में महज 42 चार्जिंग स्टेशन बढ़े
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। वायु प्रदूषण से जूझ रहे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार उस गति से नहीं हो रहा है। जिले में 72,737 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं, जबकि विद्युत निगम के आंकड़ों के मुताबिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या महज 842 है। यानी औसतन 86 ईवी के लिए एक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध है। ऐसे में चार्जिंग नेटवर्क की सीमित उपलब्धता ईवी अपनाने की राह में चुनौती बन सकती है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में दोपहिया वाहनों से लेकर कार और व्यावसायिक वाहनों तक में ईवी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। हालांकि, घर या सोसायटी में निजी चार्जिंग सुविधा नहीं होने वाले वाहन चालकों को सार्वजनिक स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में पर्याप्त चार्जिंग पॉइंट नहीं होने से उन्हें इंतजार करना पड़ता है। ईवी को बढ़ावा देने के साथ चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार भी जरूरी है, ताकि लोग बिना परेशानी इन वाहनों का इस्तेमाल कर सकें।
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता (वाणिज्यिक) उमेश कुमार यादव के मुताबिक, पिछले चार महीने में जिले में 42 चार्जिंग स्टेशन बढ़े हैं। पहले इनकी संख्या 800 थी, जो अब 842 हो गई है।
विज्ञापन
सिर्फ वाहन नहीं, चार्जिंग नेटवर्क भी बढ़ाना होगा
नोफा के महासचिव सुरोजित दास गुप्ता ने बताया कि ईवी को बढ़ावा देने की योजनाओं के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी प्राथमिकता से काम करना होगा। प्रमुख बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों, मेट्रो स्टेशनों, सार्वजनिक पार्किंग और एक्सप्रेसवे के आसपास पर्याप्त चार्जिंग पॉइंट बनाने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि सेक्टर-137 के आसपास कई आवासीय सोसायटियां हैं, लेकिन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की कमी है। इससे वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए इंतजार करना पड़ता है।
एक जनवरी से फ्लीट संचालकों पर भी सख्ती
एआरटीओ प्रशासन नंद कुमार के अनुसार, फ्लीट संचालकों को पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उनकी जगह ईवी या सीएनजी वाहन शामिल करने को कहा गया है। इसके लिए एक जनवरी से दिशा-निर्देशों को और प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम की जा सके।
विज्ञापन
प्रदूषण नियंत्रण की नीति पर सुविधाओं की कमी पड़ रही भारी
चार महीने में महज 42 चार्जिंग स्टेशन बढ़े
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। वायु प्रदूषण से जूझ रहे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार उस गति से नहीं हो रहा है। जिले में 72,737 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं, जबकि विद्युत निगम के आंकड़ों के मुताबिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या महज 842 है। यानी औसतन 86 ईवी के लिए एक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध है। ऐसे में चार्जिंग नेटवर्क की सीमित उपलब्धता ईवी अपनाने की राह में चुनौती बन सकती है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में दोपहिया वाहनों से लेकर कार और व्यावसायिक वाहनों तक में ईवी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। हालांकि, घर या सोसायटी में निजी चार्जिंग सुविधा नहीं होने वाले वाहन चालकों को सार्वजनिक स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में पर्याप्त चार्जिंग पॉइंट नहीं होने से उन्हें इंतजार करना पड़ता है। ईवी को बढ़ावा देने के साथ चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार भी जरूरी है, ताकि लोग बिना परेशानी इन वाहनों का इस्तेमाल कर सकें।
विज्ञापन
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता (वाणिज्यिक) उमेश कुमार यादव के मुताबिक, पिछले चार महीने में जिले में 42 चार्जिंग स्टेशन बढ़े हैं। पहले इनकी संख्या 800 थी, जो अब 842 हो गई है।
विज्ञापन
सिर्फ वाहन नहीं, चार्जिंग नेटवर्क भी बढ़ाना होगा
नोफा के महासचिव सुरोजित दास गुप्ता ने बताया कि ईवी को बढ़ावा देने की योजनाओं के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी प्राथमिकता से काम करना होगा। प्रमुख बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों, मेट्रो स्टेशनों, सार्वजनिक पार्किंग और एक्सप्रेसवे के आसपास पर्याप्त चार्जिंग पॉइंट बनाने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि सेक्टर-137 के आसपास कई आवासीय सोसायटियां हैं, लेकिन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की कमी है। इससे वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए इंतजार करना पड़ता है।
एक जनवरी से फ्लीट संचालकों पर भी सख्ती
एआरटीओ प्रशासन नंद कुमार के अनुसार, फ्लीट संचालकों को पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उनकी जगह ईवी या सीएनजी वाहन शामिल करने को कहा गया है। इसके लिए एक जनवरी से दिशा-निर्देशों को और प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम की जा सके।