बिना विकल्प डीजल जनरेटर सेट पर पाबंदी सही नहीं, व्यापारियों ने कहा- पहले विकल्प दे सरकार
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डीजल जनरेटर सेट के इस्तेमाल पर रोक से नोएडा के व्यापारी दुविधा में हैं। दरअसल, ईपीसीए के चेयरमैन डॉ. भूरेलाल की अध्यक्षता में एक बैठक में इसके संचालन पर रोक की बात कही गई है। उनका कहना है कि सिर्फ आपातकालीन सुविधाओं एवं बिजली विभाग की लिखित अनुमति के बाद सेट चलाने की अनुमति दी जाएगी। व्यापारियों का कहना है कि डीजी सेट पर पाबंदी से उद्योगों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। पूरी व्यवस्था बिगड़ जाएगी। इसे लागू करने की अंतिम तिथि 15 अक्तूबर है।
व्यापारी नेता नरेश कुच्छल के अनुसार, व्यापारियों के लिए एक नियम बता दिया गया। लेकिन कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बताई गई। यह तो व्यापार को बंद करने जैसा है। वर्तमान में बिना डीजी सेट के कार्य करना संभव नहीं है। यूपी एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के सदस्य ललित ठुकराल के अनुसार, सरकार यदि बिजली आपूर्ति जारी रखे तो डीजी सेट पर प्रतिबंध सही है। लेकिन यदि आपूर्ति नहीं मिले और जनरेटर भी नहीं चलाएंगे तो व्यापार कैसे करेंगे।
सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष एस के जैन ने कहा कि नो पावर कट की बातें सिर्फ हवाई बनकर रह गई है। डीजी सेट के सिवा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। यदि सरकार को इन पर रोक लगानी है तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था शुरू करनी चाहिए। व्यापारी के के जैन के अनुसार, बिना डीजी सेट अधिकांश व्यापार चल ही नहीं सकते हैं। इन पर रोक से प्रदूषण में कमी आएगी, यह अच्छी बात है। लेकिन पहले कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी बनानी चाहिए।