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बिल्डर समेत प्राधिकरण के ठेकेदार पर 6.5 लाख जुर्माना
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ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर -वन स्थित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट ऐस डीवाइनो पर पड़ा मिट्टी का ढेर। अमर उज
- फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने शुक्रवार को दो बिल्डरों समेत ग्रेनो प्राधिकरण के ठेकेदार पर प्रदूषण फैलाने के कारण 6.5 लाख रुपये का जुर्माना किया है। इनमें पांच लाख रुपये का जुर्माना सुपरटेक और ऐस बिल्डर पर लगाया गया है।
प्रदूषण फैलाने में निर्माण सामग्री की उड़ती धूल बड़ी भूमिका अदा कर रही है। ऐसे में यूपीपीसीबी ने शुक्रवार को तीन स्थानों पर निर्माण सामग्री खुले में पड़े होने पर जुर्माना लगाया है। इनमें 130 मीटर रोड पर स्थित सुपरटेक एमटेक स्पोर्ट्स सिटी की साइट पर निर्माण सामग्री का प्रबंधन न करने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना किया है। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ऐस डिवाइनों प्रोजेक्ट में निर्माण सामग्री का प्रबंधन न होने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, रायन गोलचक्कर के पास कार्य के दौरान निर्माण सामग्री फैलाने के कारण प्राधिकरण के ठेकेदार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
देश में सबसे अधिक प्रदूषित रही नोएडा की हवा
देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शुक्रवार को नोएडा पहले स्थान पर रहा। बुलंदशहर के साथ नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 488 दर्ज किया गया, जबकि ग्रेटर नोएडा 478 एक्यूआई के साथ तीसरे स्थान पर रहा। सुबह से ही स्मॉग की चादर जिले में छायी रही। प्रदूषण इतना अधिक था कि आंखों में जलन के साथ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। प्रदूषण विभाग की ओर से शाम चार बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। नोएडा में धुएं और धूल के कणों की अधिकता रही। वहीं, दूसरे नंबर पर गाजियाबाद और हिसार का एक्यूआई 486 दर्ज किया गया। चौथे नंबर पर दिल्ली और वृंदावन में हवा की गुणवत्ता 471 रही। चरखी-दादरी 470 एक्यूआई के साथ पांचवें नंबर पर रहा।
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प्रदूषण फैलाने में निर्माण सामग्री की उड़ती धूल बड़ी भूमिका अदा कर रही है। ऐसे में यूपीपीसीबी ने शुक्रवार को तीन स्थानों पर निर्माण सामग्री खुले में पड़े होने पर जुर्माना लगाया है। इनमें 130 मीटर रोड पर स्थित सुपरटेक एमटेक स्पोर्ट्स सिटी की साइट पर निर्माण सामग्री का प्रबंधन न करने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना किया है। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ऐस डिवाइनों प्रोजेक्ट में निर्माण सामग्री का प्रबंधन न होने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, रायन गोलचक्कर के पास कार्य के दौरान निर्माण सामग्री फैलाने के कारण प्राधिकरण के ठेकेदार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
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देश में सबसे अधिक प्रदूषित रही नोएडा की हवा
देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शुक्रवार को नोएडा पहले स्थान पर रहा। बुलंदशहर के साथ नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 488 दर्ज किया गया, जबकि ग्रेटर नोएडा 478 एक्यूआई के साथ तीसरे स्थान पर रहा। सुबह से ही स्मॉग की चादर जिले में छायी रही। प्रदूषण इतना अधिक था कि आंखों में जलन के साथ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। प्रदूषण विभाग की ओर से शाम चार बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। नोएडा में धुएं और धूल के कणों की अधिकता रही। वहीं, दूसरे नंबर पर गाजियाबाद और हिसार का एक्यूआई 486 दर्ज किया गया। चौथे नंबर पर दिल्ली और वृंदावन में हवा की गुणवत्ता 471 रही। चरखी-दादरी 470 एक्यूआई के साथ पांचवें नंबर पर रहा।
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