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500 ग्रीन बेल्ट को मिलेगी पहचान, आवंटित होंगे नंबर
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण शहर को और हरा-भरा करने की कवायद शुरू करने जा रहा है। इसके तहत हर ग्रीन बेल्ट और नर्सरी को अलग पहचान मिलेगी। हर ग्रीन बेल्ट को एक नंबर आवंटित किया जाएगा। जिससे उसके रखरखाव आदि में आने वाली दिक्कतों को दूर किया जा सके। ठेकेदार पर रखरखाव की अवधि को लेकर भी कोई गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। अधिकारियों का दावा है कि ग्रीन बेल्ट को पहचान देने की कवायद देश में पहली बार की गई है।
ग्रेटर नोएडा को एनसीआर का सबसे ग्रीन शहर माना जाता है। यहां कुल एरिया का 20 फीसदी हिस्सा हरा-भरा है। शहर में 500 से अधिक ग्रीन बेल्ट, पार्क और नर्सरी हैं। सेक्टरों में बने पार्कों की पहचान तो उनके नाम और ब्लॉक से हो जाती है, लेकिन ग्रीन बेल्ट की पहचान नहीं हो पाती। इससे दो दिक्कत होती हैं। एक तो उस ग्रीन बेल्ट की लोकेशन पता नहीं चल पाती। इससे ग्रीन बेल्ट के रखरखाव में परेशानी होती है।
दूसरी, प्राधिकरण को पता नहीं होता कि किस ग्रीन बेल्ट के रखरखाव का कार्य कब हुआ। ठेकेदार पर उसके रखरखाव की समयावधि कब तक है। इन परेशानियों को देखते हुए प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने नियोजन और उद्यान विभाग को ग्रीन बेल्ट को नंबर देने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण के नियोजन विभाग ईकोटेक थ्री के एक ग्रीन बेल्ट को जीबी-1, दूसरे को जीबी-2 जैसे नंबर दिए जा रहे हैं।
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नक्शे पर भी अंकित होंगे नंबर
ग्रीन बेल्ट के नंबरों को सेक्टर के नक्शे और ग्रेनो के जियोग्रॉफिक इनफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) पर भी अंकित किया जाएगा। अभी ईकोटेक थ्री, सेक्टर अल्फा वन, ओमीक्रॉन वन, टू व थ्री, सेक्टर-36, 37, नॉलेज पार्क वन, पाई वन व टू शामिल हैं। शेष सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट की भी शीघ्र नंबरिंग कर दी जाएगी। इसी तरह नर्सरी की भी नंबंरिंग की जाएगी। वहीं, प्राधिकरण ने पार्कों के रखरखाव करने वाले ठेकेदारों के बारे में जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड की है। अगर कहीं कमी दिखे तो प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 0120-2336046, 47 48 व 49 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 8800203912 पर व्हाट्स एप और मित्रा एप पर शिकायत कर सकते हैं।
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ग्रेटर नोएडा को एनसीआर का सबसे ग्रीन शहर माना जाता है। यहां कुल एरिया का 20 फीसदी हिस्सा हरा-भरा है। शहर में 500 से अधिक ग्रीन बेल्ट, पार्क और नर्सरी हैं। सेक्टरों में बने पार्कों की पहचान तो उनके नाम और ब्लॉक से हो जाती है, लेकिन ग्रीन बेल्ट की पहचान नहीं हो पाती। इससे दो दिक्कत होती हैं। एक तो उस ग्रीन बेल्ट की लोकेशन पता नहीं चल पाती। इससे ग्रीन बेल्ट के रखरखाव में परेशानी होती है।
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दूसरी, प्राधिकरण को पता नहीं होता कि किस ग्रीन बेल्ट के रखरखाव का कार्य कब हुआ। ठेकेदार पर उसके रखरखाव की समयावधि कब तक है। इन परेशानियों को देखते हुए प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने नियोजन और उद्यान विभाग को ग्रीन बेल्ट को नंबर देने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण के नियोजन विभाग ईकोटेक थ्री के एक ग्रीन बेल्ट को जीबी-1, दूसरे को जीबी-2 जैसे नंबर दिए जा रहे हैं।
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नक्शे पर भी अंकित होंगे नंबर
ग्रीन बेल्ट के नंबरों को सेक्टर के नक्शे और ग्रेनो के जियोग्रॉफिक इनफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) पर भी अंकित किया जाएगा। अभी ईकोटेक थ्री, सेक्टर अल्फा वन, ओमीक्रॉन वन, टू व थ्री, सेक्टर-36, 37, नॉलेज पार्क वन, पाई वन व टू शामिल हैं। शेष सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट की भी शीघ्र नंबरिंग कर दी जाएगी। इसी तरह नर्सरी की भी नंबंरिंग की जाएगी। वहीं, प्राधिकरण ने पार्कों के रखरखाव करने वाले ठेकेदारों के बारे में जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड की है। अगर कहीं कमी दिखे तो प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 0120-2336046, 47 48 व 49 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 8800203912 पर व्हाट्स एप और मित्रा एप पर शिकायत कर सकते हैं।