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Noida News: कोसली में 466 और रेवाड़ी में 105 गेट पास कटे
Fri, 26 Sep 2025 01:38 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 26 Sep 2025 01:38 AM IST
सार
रेवाड़ी की नई अनाज मंडी में बाजरे की बढ़ती आवक के बावजूद कई किसानों को गेट पास न मिलने से परेशानी हो रही है। ई-खरीद पोर्टल पर डाटा वेरिफिकेशन में देरी और गुणवत्ता मानक न पूरा होने के कारण यह समस्या बनी हुई है।
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फोटो : 32नई अनाज मंडी में लगी बाजरा की ढेरी। संवाद
विस्तार
रेवाड़ी। नई अनाज मंडी में किसानों के गेट पास काटने में तेजी आई है। वीरवार को कोसली में 466 गेट पास कटे और 1166 टन बाजरे की आवक हुई। वहीं रेवाड़ी में 105 गेट पास कटे और 248 टन बाजरा की आवक हुई है। रेवाड़ी में 4 टन बाजरे की बोली लगाई गई लेकिन यह लंबित रह गई।
बाजरे की गुणवत्ता मानक पूरा ना होने की वजह से खरीद नहीं हुई है। आढ़ती ही खरीद कर रहे हैं। ऐसे में जो गेट पास निकले। उन किसानों का बाजरा प्राइवेट व्यापारियों की तरफ से ही खरीद किया जा रहा है।
हालांकि, अभी ई-खरीद पोर्टल पर सभी गेट पास नहीं निकल रहे हैं। क्योंकि अभी बहुत से किसानों की ढेरियों का ई-खरीद पोर्टल पर डाटा ही वेरिफाई नहीं है। ऐसे में किसानों को भी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले दिन भी एक गेट पास नहीं निकले थे।
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मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने के साथ ही मंडी में लाने के लिए ई-खरीद पोर्टल पर गेट पास भी कटवाना जरूरी है। क्योंकि अगर ऑनलाइन गेट पास के बिना बिक्री करते हैं तो किसानों को भावांतर नहीं मिल पाएगा।
जिन किसानों का जे फॉर्म कटेगा उनको ही भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा। बिना जे फॉर्म के किसान को बिक्री की गई उपज पर भावांतर नहीं मिल सकेगा। फिलहाल ये भी है कि पंजीकृत किसान जो उपज बिक्री करेगा, उसे ही इसका लाभ मिलेगा।
सितंबर की शुरुआत से ही हो रही बाजरे की खरीद
शहर की नई अनाज मंडी में सितंबर की शुरुआत से ही बाजरे की खरीद हो रही है। पहले आवक कम थी लेकिन बाद में धीरे-धीरे बढ़ गई। अब तक आढ़तियों ने लगभग 43 हजार क्विंटल बाजरा खरीद कर लिया है। पहले खराब आ रहा था, लेकिन अब कुछ अच्छी क्वालिटी का बाजरा भी आने लगा है। इसके भाव भी बढ़े हैं।
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बाजरे की गुणवत्ता मानक पूरा ना होने की वजह से खरीद नहीं हुई है। आढ़ती ही खरीद कर रहे हैं। ऐसे में जो गेट पास निकले। उन किसानों का बाजरा प्राइवेट व्यापारियों की तरफ से ही खरीद किया जा रहा है।
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हालांकि, अभी ई-खरीद पोर्टल पर सभी गेट पास नहीं निकल रहे हैं। क्योंकि अभी बहुत से किसानों की ढेरियों का ई-खरीद पोर्टल पर डाटा ही वेरिफाई नहीं है। ऐसे में किसानों को भी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले दिन भी एक गेट पास नहीं निकले थे।
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मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने के साथ ही मंडी में लाने के लिए ई-खरीद पोर्टल पर गेट पास भी कटवाना जरूरी है। क्योंकि अगर ऑनलाइन गेट पास के बिना बिक्री करते हैं तो किसानों को भावांतर नहीं मिल पाएगा।
जिन किसानों का जे फॉर्म कटेगा उनको ही भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा। बिना जे फॉर्म के किसान को बिक्री की गई उपज पर भावांतर नहीं मिल सकेगा। फिलहाल ये भी है कि पंजीकृत किसान जो उपज बिक्री करेगा, उसे ही इसका लाभ मिलेगा।
सितंबर की शुरुआत से ही हो रही बाजरे की खरीद
शहर की नई अनाज मंडी में सितंबर की शुरुआत से ही बाजरे की खरीद हो रही है। पहले आवक कम थी लेकिन बाद में धीरे-धीरे बढ़ गई। अब तक आढ़तियों ने लगभग 43 हजार क्विंटल बाजरा खरीद कर लिया है। पहले खराब आ रहा था, लेकिन अब कुछ अच्छी क्वालिटी का बाजरा भी आने लगा है। इसके भाव भी बढ़े हैं।