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45 आंगनबाड़ी केंद्र प्ले स्कूल में होंगे तब्दील
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अंतराम खटाना
नूंह। जिले में 45 आंगनबाड़ी केंद्र प्ले स्कूल में तब्दील किए जाएंगे। यहां पर प्ले स्कूल की तर्ज पर खेल और पढ़ाई के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई भी कर सकें। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह जानकारी बुधवार को उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने दी।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में अपग्रेड करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ जोड़ना है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इन प्ले स्कूलों में बच्चों की सेहत का भी ख्याल रखा जाएगा। जिले में 45 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूलों में तब्दील करने का कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 साल तक के बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाता है।
वॉल पेंटिंग, खेल से जुड़े सामान होंगे उपलब्ध
उपायुक्त ने बताया कि प्ले स्कूलों में वॉल पेंटिंग, खेल से जुड़े सभी सामान के अलावा अन्य गतिविधियां भी आयोजित करवाई जाएंगी, जिससे बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई भी करेंगे और स्वास्थ्य भी बढ़िया रहेगा।
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खेल-खेल में पढ़ाई करवाने के सिखाए जाएंगे गुर
उपायुक्त ने बताया कि जिला मौलिक शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान खेल-खेल में पढ़ाई करवाने के गुर सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण का संचालन डाइट के प्रशिक्षकों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए शेड्यूल बनाया जा रहा है। प्ले स्कूल खोलने के बाद स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रमोट किया जाएगा, लेकिन इससे पहले सरकार की ओर से इनके चयन के संबंध में प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
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नूंह। जिले में 45 आंगनबाड़ी केंद्र प्ले स्कूल में तब्दील किए जाएंगे। यहां पर प्ले स्कूल की तर्ज पर खेल और पढ़ाई के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई भी कर सकें। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह जानकारी बुधवार को उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने दी।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में अपग्रेड करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ जोड़ना है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इन प्ले स्कूलों में बच्चों की सेहत का भी ख्याल रखा जाएगा। जिले में 45 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूलों में तब्दील करने का कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 साल तक के बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाता है।
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वॉल पेंटिंग, खेल से जुड़े सामान होंगे उपलब्ध
उपायुक्त ने बताया कि प्ले स्कूलों में वॉल पेंटिंग, खेल से जुड़े सभी सामान के अलावा अन्य गतिविधियां भी आयोजित करवाई जाएंगी, जिससे बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई भी करेंगे और स्वास्थ्य भी बढ़िया रहेगा।
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खेल-खेल में पढ़ाई करवाने के सिखाए जाएंगे गुर
उपायुक्त ने बताया कि जिला मौलिक शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान खेल-खेल में पढ़ाई करवाने के गुर सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण का संचालन डाइट के प्रशिक्षकों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए शेड्यूल बनाया जा रहा है। प्ले स्कूल खोलने के बाद स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रमोट किया जाएगा, लेकिन इससे पहले सरकार की ओर से इनके चयन के संबंध में प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यक्रम चलाए जाएंगे।