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संवाद------------
Updated Thu, 06 Dec 2018 01:12 AM IST
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खस्ताहाल सड़क पर सस्ती है जान
सेक्टर-22 की मुख्य सड़क पर आए दिन हो रहे हादसे, रोजाना लगता है जाम, आंतरिक सड़कें चलने लायक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सेक्टर-22 की मुख्य सड़क पूरी तरह से टूट चुकी हैं। इसकी वजह से हादसे बढ़ते जा रहे हैं। सड़कों पर रोजाना जाम लगा रहता है। कोई यातायात कर्मी भी नजर नहीं आता है। सड़कें खराब हैं लेकिन प्राधिकरण लापरवाही बरत रहा है। आए दिन दुर्घटना में लोगों का घायल होना आम बात है। सेक्टर निवासी भी परेशान हैं। जगह-जगह मैनहोल खुले हैं। जो रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देते हैं। प्राधिकरण सड़कें खुदवाकर सीवर व अन्य कार्य तो करा देता है लेकिन बाद में मरम्मत नहीं कराता है।
लोगों ने बताया कि सेक्टर की आंतरिक व मुख्य सड़कों का हाल बेहाल है। आज तक इन सड़कों की मरम्मत का बजट पास नहीं हुआ है। मुख्य सड़कों की बदहाली से सर्विस लेन भी गड्ढों में परिवर्तित हो गई है। आसपास के सेक्टर में लाखों की आबादी है। सभी का आनाजाना लगा रहता है। यहां के लोगों को तो सड़कों के बारे में जानकारी है। लेकिन बाहरी लोगों को इसके बारे में नहीं पता है। जिसकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। मैनहोल खुला होने के कारण लोग गिर रहे हैं। सड़कों पर कचरा फेंका जा रहा है। बारिश के समय सड़कों पर कई दिनों तक पानी भरा रहता है। बीमारी व बदबू जन्म ले रही है। सड़कों का बुरा हाल होने के कारण लोग गलत साइड से चलते हैं। बच्चों व महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
कैसे स्कूल जाएं बच्चे
सेक्टर निवासी विनोद शर्मा का कहना है कि सड़कें खराब होने के कारण बच्चों को सुबह स्कूल जाने में दिक्कतें होती हैं। सर्विस रोड टूटी पड़ी है। लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। बच्चों को स्कूल के समय मुख्य सड़क से ले जाना पड़ता है। सेक्टर के पास पांच स्कूल हैं। जहां सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं। लेकिन प्राधिकरण को इससे कोई मतलब नहीं है। वाहनों का आनाजाना लगा रहता है। कभी भी हादसा हो सकता है। शिव मंदिर के पास आए दिन दुर्घटना होती है। लेकिन यातायात कर्मी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सेक्टर की मुख्य सड़कों के टूटे होने से पानी भरा रहता है। गड्ढों की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती है। पैदल आने जाने में अधिक परेशानी होती है।
- सुनीता, निवासी सेक्टर-22
प्राधिकरण के अधिकारी सेक्टर का मुआयना करने आते हैं। उन्हें कई बार समस्याओं से अवगत कराया गया है। लेकिन कोई काम नहीं हो रहा है। सड़कों का निर्माण होना जरूरी है।
पुरुषोत्तम उपाध्याय, निवासी सेक्टर-22
सेक्टर के अंदर मैनहोल खुले पड़े हैं। यहां हादसे होते हैं। उधर, मुख्य सड़क के टूटे होने से लोग यहीं पर कूड़ा डालकर चले जाते हैं। साफ सफाई भी नहीं होती है।
नीरज कुमार, निवासी सेक्टर-22
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खस्ताहाल सड़क पर सस्ती है जान
सेक्टर-22 की मुख्य सड़क पर आए दिन हो रहे हादसे, रोजाना लगता है जाम, आंतरिक सड़कें चलने लायक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सेक्टर-22 की मुख्य सड़क पूरी तरह से टूट चुकी हैं। इसकी वजह से हादसे बढ़ते जा रहे हैं। सड़कों पर रोजाना जाम लगा रहता है। कोई यातायात कर्मी भी नजर नहीं आता है। सड़कें खराब हैं लेकिन प्राधिकरण लापरवाही बरत रहा है। आए दिन दुर्घटना में लोगों का घायल होना आम बात है। सेक्टर निवासी भी परेशान हैं। जगह-जगह मैनहोल खुले हैं। जो रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देते हैं। प्राधिकरण सड़कें खुदवाकर सीवर व अन्य कार्य तो करा देता है लेकिन बाद में मरम्मत नहीं कराता है।
लोगों ने बताया कि सेक्टर की आंतरिक व मुख्य सड़कों का हाल बेहाल है। आज तक इन सड़कों की मरम्मत का बजट पास नहीं हुआ है। मुख्य सड़कों की बदहाली से सर्विस लेन भी गड्ढों में परिवर्तित हो गई है। आसपास के सेक्टर में लाखों की आबादी है। सभी का आनाजाना लगा रहता है। यहां के लोगों को तो सड़कों के बारे में जानकारी है। लेकिन बाहरी लोगों को इसके बारे में नहीं पता है। जिसकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। मैनहोल खुला होने के कारण लोग गिर रहे हैं। सड़कों पर कचरा फेंका जा रहा है। बारिश के समय सड़कों पर कई दिनों तक पानी भरा रहता है। बीमारी व बदबू जन्म ले रही है। सड़कों का बुरा हाल होने के कारण लोग गलत साइड से चलते हैं। बच्चों व महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
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कैसे स्कूल जाएं बच्चे
सेक्टर निवासी विनोद शर्मा का कहना है कि सड़कें खराब होने के कारण बच्चों को सुबह स्कूल जाने में दिक्कतें होती हैं। सर्विस रोड टूटी पड़ी है। लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। बच्चों को स्कूल के समय मुख्य सड़क से ले जाना पड़ता है। सेक्टर के पास पांच स्कूल हैं। जहां सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं। लेकिन प्राधिकरण को इससे कोई मतलब नहीं है। वाहनों का आनाजाना लगा रहता है। कभी भी हादसा हो सकता है। शिव मंदिर के पास आए दिन दुर्घटना होती है। लेकिन यातायात कर्मी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सेक्टर की मुख्य सड़कों के टूटे होने से पानी भरा रहता है। गड्ढों की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती है। पैदल आने जाने में अधिक परेशानी होती है।
- सुनीता, निवासी सेक्टर-22
प्राधिकरण के अधिकारी सेक्टर का मुआयना करने आते हैं। उन्हें कई बार समस्याओं से अवगत कराया गया है। लेकिन कोई काम नहीं हो रहा है। सड़कों का निर्माण होना जरूरी है।
पुरुषोत्तम उपाध्याय, निवासी सेक्टर-22
सेक्टर के अंदर मैनहोल खुले पड़े हैं। यहां हादसे होते हैं। उधर, मुख्य सड़क के टूटे होने से लोग यहीं पर कूड़ा डालकर चले जाते हैं। साफ सफाई भी नहीं होती है।
नीरज कुमार, निवासी सेक्टर-22