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Noida News: फैशन ज्वैलरी एवं एक्सेसरीज शो में 67 देशों के 400 खरीदार पहुंचे
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- शिल्प कौशल और सस्टेनेबल उत्पादों की रही जबर्दस्त मांग
-प्रदर्शनी के दौरान हुई 325 करोड़ की व्यावसायिक पूछताछ
-250 से अधिक घरेलू खरीदार हुए तीन दिवसीय मेले में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित तीन दिवसीय भारतीय फैशन ज्वैलरी एवं एक्सेसरीज शो (आईएफजेएएस) के 19वें संस्करण का रविवार को समापन हुआ। शो में कुल 67 देशों से आए लगभग 400 खरीदार और उनके प्रतिनिधियों ने भारत से व्यापार के अवसरों और सोर्सिंग के लिए दौरा किया। इस दौरान 325 करोड़ के कारोबार की पूछताछ हुई। 250 से अधिक के घरेलू खरीदार भी मेले में शामिल हुए।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही वर्ष 2024-25 के दौरान फैशन ज्वैलरी और एक्सेसरीज का निर्यात 6252 करोड़ रुपये था। पिछले वर्ष की तुलना में रुपये के लिहाज से 7.92 प्रतिशत और डॉलर के लिहाज से 5.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। शो में ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मैक्सिको, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, यूएई, यूएसए और कई अन्य जगहों से आए जानकारी हासिल की। ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने भारतीय हस्तशिल्प के निर्यात के लिए अपने रणनीतिक दृष्टि को रेखांकित किया, जिसका शीर्षक था, तीन गुना 30 तक कॉन्फिडेंस, कैपेबिलिटीज, कैपेसिटी रहा। यह क्षेत्रीय सशक्तीकरण, डिजिटल बदलाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित है।
आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने आईएफजेएएस वैश्विक दर्शकों की सभी फैशन आवश्यकताओं के लिए वन-स्टॉप सोर्सिंग गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है। ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने इस मौके पर कहा, शो ने भारतीय खुदरा क्षेत्र के प्रमुख प्लेयर्स के साथ-साथ फैशन डिजाइनरों, खुदरा श्रृंखलाओं, बुटीक मालिकों, फैशन ब्रांडों, थोक विक्रेताओं, ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और उद्योग पेशेवरों सहित प्रतिष्ठित वैश्विक दर्शकों को आकर्षित किया। शो ने फैशन ज्वैलरी, सेमी प्रेशियश ज्वेलरी, बेल्ट और वॉलेट, हैंडबैग और पर्स, फैशन एक्सेसरीज, सिर और बालों की एसेसजीज, स्टोल और स्कार्फ, शॉल, कढ़ाई, मनके और सेक्विन वाले सामान, डिजाइनर फुटवियर, लाउंज वियर और कारीगर परिधान, सुरक्षात्मक वस्त्र और घटक सहित विविध और अच्छी तरह से क्यूरेट किए गए उत्पाद रेंज का प्रदर्शन किया।
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ज्वेलरी व फैशन से जुड़े प्रदर्शक हुए शामिल
आईएफजेएएस 2025 के अध्यक्ष जेपी सिंह ने कहा, इस शो में भारतीय फैशन ज्वेलरी और फैशन एक्सेसरीज क्षेत्र के कई प्रदर्शक शामिल हुए। जिनमें प्रमुख निर्माता-निर्यातक, छोटे और मध्यम उद्यम, अंतरराष्ट्रीय पहुंच और विस्तार के इच्छुक डिजाइनर और भारत भर के कारीगर उद्यमी शामिल थे।। आईएफजेएएस 2025 के उपाध्यक्ष मोहम्मद रईस ने कहा, फैशन ज्वैलरी और फैशन एक्सेसरीज बनाने वाले केंद्र और दिल्ली एनसीआर, मुरादाबाद, जयपुर, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद आदि शहरों का अच्छा प्रतिनिधित्व रहा।
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-प्रदर्शनी के दौरान हुई 325 करोड़ की व्यावसायिक पूछताछ
-250 से अधिक घरेलू खरीदार हुए तीन दिवसीय मेले में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित तीन दिवसीय भारतीय फैशन ज्वैलरी एवं एक्सेसरीज शो (आईएफजेएएस) के 19वें संस्करण का रविवार को समापन हुआ। शो में कुल 67 देशों से आए लगभग 400 खरीदार और उनके प्रतिनिधियों ने भारत से व्यापार के अवसरों और सोर्सिंग के लिए दौरा किया। इस दौरान 325 करोड़ के कारोबार की पूछताछ हुई। 250 से अधिक के घरेलू खरीदार भी मेले में शामिल हुए।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही वर्ष 2024-25 के दौरान फैशन ज्वैलरी और एक्सेसरीज का निर्यात 6252 करोड़ रुपये था। पिछले वर्ष की तुलना में रुपये के लिहाज से 7.92 प्रतिशत और डॉलर के लिहाज से 5.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। शो में ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मैक्सिको, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, यूएई, यूएसए और कई अन्य जगहों से आए जानकारी हासिल की। ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने भारतीय हस्तशिल्प के निर्यात के लिए अपने रणनीतिक दृष्टि को रेखांकित किया, जिसका शीर्षक था, तीन गुना 30 तक कॉन्फिडेंस, कैपेबिलिटीज, कैपेसिटी रहा। यह क्षेत्रीय सशक्तीकरण, डिजिटल बदलाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित है।
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आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने आईएफजेएएस वैश्विक दर्शकों की सभी फैशन आवश्यकताओं के लिए वन-स्टॉप सोर्सिंग गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है। ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने इस मौके पर कहा, शो ने भारतीय खुदरा क्षेत्र के प्रमुख प्लेयर्स के साथ-साथ फैशन डिजाइनरों, खुदरा श्रृंखलाओं, बुटीक मालिकों, फैशन ब्रांडों, थोक विक्रेताओं, ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और उद्योग पेशेवरों सहित प्रतिष्ठित वैश्विक दर्शकों को आकर्षित किया। शो ने फैशन ज्वैलरी, सेमी प्रेशियश ज्वेलरी, बेल्ट और वॉलेट, हैंडबैग और पर्स, फैशन एक्सेसरीज, सिर और बालों की एसेसजीज, स्टोल और स्कार्फ, शॉल, कढ़ाई, मनके और सेक्विन वाले सामान, डिजाइनर फुटवियर, लाउंज वियर और कारीगर परिधान, सुरक्षात्मक वस्त्र और घटक सहित विविध और अच्छी तरह से क्यूरेट किए गए उत्पाद रेंज का प्रदर्शन किया।
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ज्वेलरी व फैशन से जुड़े प्रदर्शक हुए शामिल
आईएफजेएएस 2025 के अध्यक्ष जेपी सिंह ने कहा, इस शो में भारतीय फैशन ज्वेलरी और फैशन एक्सेसरीज क्षेत्र के कई प्रदर्शक शामिल हुए। जिनमें प्रमुख निर्माता-निर्यातक, छोटे और मध्यम उद्यम, अंतरराष्ट्रीय पहुंच और विस्तार के इच्छुक डिजाइनर और भारत भर के कारीगर उद्यमी शामिल थे।। आईएफजेएएस 2025 के उपाध्यक्ष मोहम्मद रईस ने कहा, फैशन ज्वैलरी और फैशन एक्सेसरीज बनाने वाले केंद्र और दिल्ली एनसीआर, मुरादाबाद, जयपुर, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद आदि शहरों का अच्छा प्रतिनिधित्व रहा।